कोरोना संक्रमण:गांव से लेकर जिला अस्पताल तक टेस्ट ही कर दिए बंद, संदिग्ध लोग घर लौटे

खरगोन8 महीने पहले
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कोरोना संक्रमण को खत्म करने व मरीजों में बीमारी का पता लगाने के लिए सरकार ने ज्यादा से ज्यादा सेंपलिंग का आदेश दिया है, लेकिन गांव से लेकर जिला अस्पताल में फीवर क्लीनिक पर जांच नहीं हो रही है। इससे मरीज घर लौट रहे हैं। रविवार को कई लोग फीवर क्लीनिक पहुंचे, लेकिन यहां कर्मचारियों ने कहा कि किट खत्म हो गई। जांच नहीं होगी। कर्मचारियों ने गंभीर लक्षण या भर्ती मरीजों की ही जांच की है।

जैतापुर के ओल्ड हाउसिंग बोर्ड निवासी युवक ने बताया कि मेरी पत्नी को बुखार, गले में खराश आदि लक्षण हैं। यहां जांच के लिए आए तो कर्मचारियों ने इंकार कर दिया है। इसके चलते संदिग्ध मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। समय पर जांच नहीं होने से संक्रमण बढ़ रहा है। पिछले साल कम मरीज व महामारी का कम स्ट्रेन होने के बावजूद जिलेभर में महेश्वर, बड़वाह, कसरावद, भीकनगांव, सनावद, भगवानपुरा, सेगांव आदि जगह पर आइसोलेशन वार्ड बनाए थे। फीवर क्लीनिक में रोजाना जांच होती थी। इस बार आइसोलेशन वार्ड नहीं बनाए हैं। साथ ही फीवर क्लीनिक में जांच भी नहीं हो रही है। मरीजों को सीधे जिला अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। इससे जिला अस्पताल में परेशानी आ रही है। जिला अस्पताल के कोविड सेंटर में कम व ज्यादा लक्षण वाले मरीजों को एक साथ भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। भास्कर ने प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया था। इसके बाद रविवार को कम व ज्यादा लक्षण वाले मरीजों को अलग वार्ड में शिफ्ट किया। कम लक्षण वाले मरीजों को दूसरी मंजिल के वार्ड में भर्ती किया है।

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