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पंडित चैतन्य शास्त्री ने कहा:सत्य धर्म का पालन करने वाला रहता है हमेशा सुखी

बेड़िया2 दिन पहले
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भगवान का पूजन-अर्चन करते समाजजन। - Dainik Bhaskar
भगवान का पूजन-अर्चन करते समाजजन।

जब हम सत्य धर्म का पालन करते हैं तो अन्य धर्म अपने आप पल जाते हैं। सत्य धर्म का पालन करने वाला हमेशा सुखी रहता है। उसे अपनी किसी बात को याद नहीं रखना पड़ता। यह धर्म हमेशा सत्य की राह पर चलने का कहता है। सत्य जीवन का एक ऐसा प्रकाश है। जिसकी उपस्थिति में झूठ, असत्य, कुटिल, पाप टिक नहीं पाते। वह ऐसे भागते हैं जैसे प्रकाश देखकर अंधकार भागता है।

एक छोटा सा झूठ बोले गए सत्य पर पानी फेर देता है। पर्युषण पर्व के पांचवें दिन प्रवचन के माध्यम से पंडित चैतन्य शास्त्री ने कहा। उन्होंने कहा- जिसे एक बार झूठ बोलने की आदत हो जाती है, उसे झूठ भी सच लगता है। झूठ का सहारा व्यक्ति को पद पैसा तो दिला सकता है लेकिन आत्म सुख से कोसो दूर कर देता है। सत्य को अपनी आत्मा में उद्घाटित करना चाहते हो तो निर्ग्रंथ संत बनना चाहिए। सत्य जीवन का आधार होना चाहिए। संस्कार की पहली पाठशाला अपना स्वयं का घर होता है।

घर में माता-पिता को सत्य बोलकर अपने बच्चों को संस्कारित करना चाहिए। पानी सदैव ऊपर से नीचे की ओर बहता है। संस्कार भी बड़ों से बच्चों तक पहुंचते हैं। समाज अध्यक्ष अजय शाह व पंकज जटाले ने बताया दसलक्षण पर्व का पांचवां धर्म उत्तम सत्य धर्म है जो भादौ मास शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। मंगलवार को नित्य नियम, अभिषेक, पूजन पंडित शास्त्री के सान्निध्य में किया गया।

पुष्पदंत नाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर समाजजनों ने सामूहिक रूप से निर्वाण लाडू समर्पित किया। दस लक्षण पर्व पर शांति धारा करने का सौभाग्य पुष्पेंद्र शाह, दीपक जटाले व अमित जटाले परिवार को प्राप्त हुआ। इस दौरान राजेंद्र घाटे, कमलेश जैन, बसंत जटाले, नीता जटाले, अर्चना घाटे, अनिता जटाले, दीपाली जैन सहित अन्य मौजूद थे।

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