दाे घंटे हंगामे के बाद पुलिस ने की रिपोर्ट दर्ज:इलाज कराने आई बालिका की मौत पर परिजनों का हंगामा, केस दर्ज; डॉ. की गिरफ्तारी की मांग

करही9 महीने पहले
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अस्पताल के बाहर वाहन में बालिका का रखा शव। - Dainik Bhaskar
अस्पताल के बाहर वाहन में बालिका का रखा शव।
  • रुपाला गांव से इलाज के लिए पहुंची थी निजी क्लिनिक

रुपाला गांव से शनिवार दोपहर इलाज के लिए पहुंची एक बालिका की डेढ़ घंटे बाद मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने पाटीदार क्लिनिक के बाहर हंगामा किया। बाद में कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे लेकिन वहां रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

इस पर परिजनों ने थाने पर हंगामा शुरु कर दिया। काफी विवाद के बाद पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज किया। बड़वाह एसडीओपी मानसिंह ठाकुर रात सवा 9 बजे वहां पहुंचे। परिजनों के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 1 बजे मां तुलसा बाई अपनी बेटी सुषमा पिता हुकुम गोखले (16) निवासी रुपाला तहसील बड़वाह की तबीयत खराब होने पर करही के निजी क्लिनिक के डॉ. दिलीप पाटीदार के पास ले गई। यहां पर इलाज के बाद सुषमा की करीब दोपहर 2.30 बजे मौत हो गई।

बालिका की मौत पर परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बालिका के शव को अस्पताल के बाहर वाहन में रखकर हंगामा शुरु कर दिया। इसके बाद परिजन करीब 4 बजे थाने पहुंचे लेकिन वहां पर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इससे परिजनों का गुस्सा बढ़ गया। परिजन थाने पर विवाद करने लगे। करीब दो घंटे तक हंगामा करने के बाद रात करीब 7.15 बजे थाने पर रिपोर्ट दर्ज की गई। परिजन दुर्गा बाई ने बताया डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही की है। जिसके कारण हमारी बालिका की मौत हो गई है।

इसके लिए पहले थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे लेकिन पुलिस ने भगा दिया। जब हमने कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। उन्होंने पुलिस से डॉक्टर को गिरफ्तार करने की मांग की है। साथ ही बालिका का पोस्टमार्टम धामनोद व इंदौर में कराने की मांग की है। रात करीब 8 बजे तक परिजन अस्पताल के बाहर शव लेकर कार्रवाई की मांग को लेकर बैठे हुए है। रात करीब 8.30 बजे पुलिस की समझाइश के बाद शव को करही के शासकीय अस्पताल भेजा गया। इस दौरान करीब 50 से अधिक परिजन मौके पर मौजूद थे। टीआई सीताराम चौहान ने बताया हमने परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर जांच में लिया है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इलाज के बाद ठीक होकर गई थी बालिका
डॉ. पाटीदार ने बताया शुक्रवार को बालिका को बुखार, सिरदर्द व हाथ पैर दर्द की समस्या थी। जिस पर इलाज किया था। उसकी तबीयत ठीक होने पर घर लौट गई। परिजनों को बड़े अस्पताल लेकर जाने की हिदायत भी दी थी। शनिवार को भी परिजन उसे जांच के लिए लेकर आए थे। इलाज के बाद वह पैदल मां के साथ गई थी। जब दोबारा लेकर आए तो उसकी मौत हो चुकी थी। इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है।

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