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बैठक में रहवासी बोले:तहसील व कोर्ट में तथ्य छिपाकर हथियाना चाहते हैं जमीन, अंजुमन नगर संघर्ष समिति; आज धरना देकर तहसीलदार से मिलेंगे

खरगोन19 दिन पहले
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शहर के अंजुमन नगर की करीब 14 एकड़ जमीन का मामला गरमाता जा रहा है। तहसीलदार के कब्जा हटाने के तीन दिन के नोटिस के बाद अब क्षेत्र के रहवासी एकजुट हुए हैं। लोगों ने अंजुमन नगर संघर्ष कमेटी का गठन किया। बुधवार को बैठक की। इसमें गुरुवार को शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करने व तहसीलदार से मिलकर समस्या बताने का निर्णय लिया गया।

कमेटी के अब्दुल रसीद, नदीम शेख, रज्जब शेख, इस्माइल खान, सैफुद्दीन शेख आदि ने आरोप लगाया कुछ लोग तहसील व उच्च न्यायालय में तथ्याें को छिपाकर जमीन को हड़पने व यहां के रहवासियों को बेदखल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा पूर्व में खरीदार व बेचवालों के वारिसों के बीच यह जमीन विवादों में रही है, लेकिन उनके वारिसों ने खरीदारों से अलग-अलग रूप से 19 अक्टूबर 1993 को एक आदमी को मुख्तयारनामा देकर एकमुश्त समझौता किया है। इसके एवज में मुआवजा भी ले लिया।

1993 के कोर्ट के समझौते को नजरअंदाज कर व तथ्यों को छिपाकर अब दबाव में नए आदेश के जरिए जमीन को हथियाने का प्रयास हो रहा है। इससे परेशान किया जा रहा है। रहवासियों की नींद उड़ गई है। इसके विरोध में गुरुवार को क्षेत्र की दुकानें बंद रखकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। तहसीलदार के सामने बात रखेंगे।

उन्होंने बताया अंजुमन नगर पिछले 25 साल से बसा हुआ है। मध्यम व गरीब वर्ग के करीब 3000 लोग रहते है। धार्मिक स्थल व स्कूल हैं। 25 साल पहले प्लॉट खरीदकर रजिस्ट्रियां करवाई। नपा में संपत्तिकर जमा करते है। अब इसे कृषि भूमि बताया जा रहा है।

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