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श्रीराम मंदिर भूमिपूजन आज:1992 में कारसेवा में हुए थे शामिल, अब राम मंदिर की इच्छा होगी पूरी

खरगोन2 महीने पहले
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उप्र के अयोध्या में बुधवार को होने वाले श्रीराम मंदिर भूमिपूजन में जिले के सैकड़ों लोगों की इच्छा पूरी होने जा रही है। यहां के लोग अयोध्या में 1989 में हुए शीला पूजन से लेकर व 1992 तक कारसेवकों के रूप में शामिल हुए। अब 31 साल के बाद 5 अगस्त 2020 को श्रीराममंदिर निर्माण पूजन होने से उनका संघर्ष याद आ गया। 1990 में शीला पूजन में तत्कालीन विधायक रायसिंह राठौर के नेतृत्व में कई लोग शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि तब पूजन में शामिल होने के बाद ही इच्छा थी कि किसी दिन यहां श्रीराम मंदिर का निर्माण हो। इसके बाद लगातार हिंदू संगठन व भाजपा के लोग संघर्ष करते रहे। अब होने वाले पूजन से देश राममय हो गया। पूर्व सांसद रामेश्वर पाटीदार, रणजीत डंडीर, परसराम चौहान, कल्याण अग्रवाल, बाबूलाल महाजन, किशोर पूजारी, सुनील बाउस्कर सहित सैकड़ों हिंदू संगठन व भाजपा से जुड़े लोग शामिल हुए थे। विहिप नगर अध्यक्ष दीप जोशी ने बताया बुधवार को सुबह 9 बजे सरस्वती नगर स्थित बगीचे में हनुमान चालीसा पाठ होगा। उसके बाद श्रीराम शिला पूजन यात्रा में शहीद हुकुमचंद माली, संजय जैन व घीसीलाल माली के परिवारों का सम्मान किया जाएगा। इसके लिए अलग अलग टोली उनके घर पहुंचकर सोशल डिस्टेंसिंग में पहुंचेंगी। दोपहर में आतिशबाजी व शाम को दीप जलाएंगे।

कारसेवक रोजाना सुनते थे ओजस्वी भाषण
तत्कालीन बजरंग दल के प्रदेश संयोजक व कारसेवक वाहिनी के प्रांत प्रभारी प्रकाश रत्नपारखी बताते हैं 1992 में जिलेभर के 12 बसों से 1 हजार से ज्यादा लोग निकल पड़े। अयोध्या के कारसेवकपूरम में रोजाना सभाएं होती। कार्यक्रम पूरा होने के बाद हम 10 दिसंबर को खरगोन पहुंचे। भगवान राम के मंदिर को ओजस्वी भाषण सुनने को मिलते। हर ओर राम मंदिर का नारा गूंजता था। अब मंदिर निर्माण पूरा होना जा रहा है। हम धन्य है जो जीते जी मंदिर निर्माण देख रहे हैं। इसमें करोड़ों लोगों की आस्था शामिल है।

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