ठगी / बीमा राशि एडवांस जमा कराने के बाद लोन लेने पहुंचे तो फाइनेंस कंपनी के दफ्तर पर मिला ताला

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  • हरियाणा की वार्ना फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड नाम की कंपनी ने शहर और गांवों में सैकड़ों लोगों से की ठगी
  • लोगों को 40 हजार रुपए का लोन देने के पहले 1940 रुपए की बीमा राशि जमा करा ली

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

किल्लौद.  शहर के छीपाबड़ में एक फाइनेंस कंपनी द्वारा सैकड़ों लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने में आया है। हरियाणा की वार्ना फाइनेंशियल सर्विसेस लिमिटेड कंपनी ने खिरकिया के साथ ही पड़ोसी जिले के नजदीकी ब्लॉक किल्लौद क्षेत्र के ग्रामीणों को भी अपनी ठगी का शिकार बनाया है। कंपनी के कर्मचारियों ने पहले तो गांवों में 10-10 महिलाओं के समूह बनाए। इस दौरान प्रत्येक महिला को 40 हजार रुपए का लोन देने का वादा किया। दस्तावेजों की खानापूर्ति के बाद समूहों की प्रत्येक महिला से बीमा के नाम पर 1940 रुपए जमा करा लिए, लेकिन जब लोगों ने लोन की राशि लेने दफ्तर में संपर्क करने पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला।

रविवार को कंपनी के कर्मचारी फरार हो गए। सोमवार को ठगी का शिकार होने की भनक लगने पर लोगों ने मामले की शिकायत छीपाबड़ थाना पहुंचकर की है।  पुलिस ने आवेदन को जांच में लिया है। कंपनी ने दूध डेयरी, किराना दुकान, फुटकर व्यवसाय आदि के नाम पर लोन देने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। इस दौरान समूह की महिलाओं के बकायदा कार्ड भी बनाए गए हैं। 

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10 महिलाओं के समूह से राशि लेकर दी एक रसीद 
कंपनी के कर्मचारियों ने गांवों में महिलाओं को 40 हजार रुपए का लोन देने के एवज में पहले समूह तैयार कराए। समूह की प्रत्येक महिला से जरूरी दस्तावेज लिए गए। महिलाओं में भरोसा बनाने के लिए कंपनी ने पहले गांवों में एक से दो मीटिंग की। जिसमें प्रत्येक महिला को 40 हजार रुपए का लोन देने का भरोसा देकर बीमा के लिए 1940 रुपए जमा करा लिए गए। इस दौरान महिलाओं को समूहों और अलग-अलग भी रसीद प्रदान की गई। किसी समूह को 19 हजार 400 तो किसी को सिंगल 1940 की रसीद देकर रुपए जमा करा लिए गए। 
ग्रामीण अंचल पर किया फोकस 
अनलॉक-1 में लोगों से फाइनेंस कंपनी ने संपर्क करना शुरू कर दिया। कंपनी ने खिरकिया क्षेत्र के ग्राम चारूवा, सोनपुरा, मक्तापुर, मोरगढ़ी, हसनपुरा, मुहॉल, मांदला सहित कई गांवों और पड़ोसी जिले के ब्लॉक किल्लौद में नांदियाखेड़ा, गंभीर, बिल्लौद, जैतापुर, मालूद, गरबड़ी, सोमगांव, बरमलाय दर्जनों गांवों में लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। एक गांव में दो से तीन महिलाओं के समूह बने हैं। ऐसे में ठगी का यह आंकड़ा फिलहाल 15 से 20 लाख रुपए का है। 

कंपनी ने हरियाणा का नाम और पता किया रसीद पर अंकित 
छीपाबड़ के हरदा रोड पर एक प्राइवेट स्कूल के पास कंपनी ने गणेश राठौर के मकान में कंपनी ने अपना दफ्तर संचालित किया है। जहां पर भी लोगों ने सीधे पहुंचकर अपने परिवार की महिलाओं के नाम से लोन लेने दस्तावेज जमा किए। इस दौरान लोगों को दफ्तर पर कंपनी का बाबूलाल नाम का एक मैनेजर लोगों से बातचीत करता था। बाबूलाल ने लोगों को हरियाणा की कंपनी होने का झांसा दिया। कंपनी ने लोगों को बीमा राशि की रसीद दी। उसमें हरियाणा का पता अंकित है। लेकिन कंपनी का रजिस्टर्ड नंबर अंकित नहीं हैं।

छीपाबड़ पुलिस को आवेदन देकर की ठगी की शिकायत 
वार्ना कंपनी से ठगी का शिकार हुए लोगों ने सोमवार को छीपाबड़ थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की है। ठगी का शिकार हुए संदीप शर्मा, भीमराज यादव, संतोष यादव, रामभरोस, धनसिंह, किशोर, उमेदसिंह राजपूत, समीद खां, मुश्ताक खान आदि ने आवेदन में बताया कि परिवार की महिलाओं को 40 हजार रुपए का लोन देने का वार्ना कंपनी ने वादा किया। कंपनी के आधा दर्जन कर्मचारियों ने क्षेत्र में पहले लोगों से संपर्क किया। इस दौरान बगैर किसी ब्याज के 40 हजार रुपए देने का झांसा दिया।  1940 रुपए प्रत्येक महिला से नगद जमा करा लिए। 40 हजार राशि मिलने की उम्मीद में बीमा राशि कंपनी के छीपाबड़ स्थित दफ्तर में जमा करा दी। । 
मोबाइल लोकेशन पता लगाएंगे
आवेदन को जांच में लिया है। जिस मोबाइल नंबर का उल्लेख किया गया, वह बंद है। उसकी लोकेशन पता लगाएंगे। मकान किराया से लेते समय कंपनी ने कोई दस्तावेज भवन मालिक को दिए हैं या नहीं, इसकी भी जांच कर रहे हैं। 
ज्ञानू जायसवाल, टीआई थाना, छीपाबड़

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