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कृषि विभाग:35 लाख रुपए के भवन में नहीं हो रहा मिट्‌टी परीक्षण, चार साल से जमी धूल

महेश्वरएक महीने पहले
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  • अफसर नहीं दे रहे ध्यान, स्टाफ व मशीनों की कमी बताई

नगर के जेल रोड स्थित सरकारी जमीन पर पांच साल पहले किसानों को उन्नत बनाने के लिए मिट्‌टी परीक्षण केंद्र बनाया था। चार साल के बाद भी भवन में कोई जांच नहीं हो रही है। भवन धूल खा रहा है। किसानों ने भवन की रंगाई-पुताई व सफाई कर मिट्‌टी परीक्षण शुरू करने की मांग की है।

क्षेत्र में 30 हजार से ज्यादा किसान है। 2017 में 35 लाख की लागत से कृषि विभाग के माध्यम से मिट्टी प्रयोगशाला के लिए भवन निर्माण कर शुभारंभ किया गया था। चार साल के बाद भवन खराब हो रहा है। न तो भवन की रंगाई पुताई की गई है और न ही भवन के अंदर किसी प्रकार से साफ सफाई कराई है।

वर्तमान में भवन में धूल की भरमार है। मकड़ियों के जाले लटक रहे हैं। इससे साबित होता है कि किसानों के हित में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला के लिए बनाए भवन की विभाग द्वारा कितना ध्यान रखा जा रहा है। चार साल पहले 30 अप्रैल 2017 तत्कालीन विधायक राजकुमार मेव की उपस्थिति में भाजपा नेता व क्षेत्र के किसानों ने शुभारंभ किया था।

भवन में किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण प्रयोगशाला में कर उर्वरकों की जांच का पता लगाने संबंधी कार्य किया जाना था, लेकिन अब तक मिट्टी प्रयोगशाला भवन में न तो स्टाफ स्वीकृत हुआ है और न ही मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भवन में किसानों की मिट्टी का परीक्षण किया जाता है। खाली मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भवन परिसर में कुछ लोगों ने कपड़े के गठरे रख दिए हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का ध्यान नहीं है।

1 हैक्टेयर जमीन मिली है, आधे पर अतिक्रमण
शासन ने मिट्टी प्रयोगशाला भवन व पास ही कृषि विभाग के कार्यालय के लिए करीब 1 हैक्टेयर अर्थात 4 बीघा से अधिक जमीन भी दी गई है, लेकिन वर्तमान स्थिति में आधा बीघा जमीन भी मौके पर दोनों कार्यालय के स्वामित्व हक में नहीं हैं। जिसका मुख्य कारण आसपास के रहवासियों ने शासकीय जमीन पर अतिक्रमण किया है। सरकारी कर्मचारी अतिक्रमणकारियों से विवाद नहीं कर सकते हैं। जमीन को मुक्त करना चाहिए।

तत्वों की कमी को उर्वरकों से पूरी करते हैं
कृषि विभाग के एसडीओ मान सिंह ठाकुर ने बताया कि शुरुआती दौर में कृषि विभाग के एटीएम व बीटीएम किसानों की मिट्टी का परीक्षण देखते थे। 4 साल से स्टाफ की नियुक्ति नहीं की गई है। जिले में प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भवन बने हैं। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भवन में मिट्टी की जांच होती थी। जिन तत्वों की कमी होती थी। उनकी पूर्ति और मिट्टी में उर्वरक क्षमता बढ़ाने के लिए किसानों को जानकारी दी जाती थी।

अफसरों से मांग की है
वर्तमान में कोरोना काल के चलते किसानों से मिट्टी परीक्षण के लक्ष्य नहीं मिले हैं। पहले टारगेट थे। उनका परीक्षण खरगोन कृषि कार्यालय एवं प्रशिक्षित लोगों से मिट्टी का परीक्षण करवा कर एनालिसिस कार्ड दिए थे। वही जिले में प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर किस प्रकार से मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भवन बनकर तैयार है, लेकिन शासन स्तर से अभी तक तकनीकी अधिकारी कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है। मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भवनों में मशीनों के अलावा अन्य सामग्री भी मिली है। साथ ही कृषि विभाग के भवनों के आसपास अतिक्रमण न हो इसके लिए राजस्व अधिकारियों को पत्र व्यवहार किया जाएगा।
एमएल चौहान, उपसंचालक कृषि

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