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लॉकडाउन का असर:बाहर के लोगों को घर पहुंचाने के लिए ई-पास, इसमें मेडिकल प्रमाण पत्र की अनिवार्यता से परेशानी

 नेपानगर10 महीने पहले
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  • ई-पास के लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन करना पड़ रहा आवेदन

घर से दूर मप्र सहित अन्य प्रदेशों में फंसे लोगों को घर तक पहुंचाने के लिए शासन-प्रशासन ने ई-पास की व्यवस्था की है। इससे उन्हें बड़ी राहत मिली है लेकिन साथ ही परेशानी भी खड़ी हो गई है। ई-पास जारी करने की प्रक्रिया में मेडिकल प्रमाण पत्र की अनिवार्यता के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। कई लोग मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बनवा पा रहे हैं। नेपानगर क्षेत्र में भी बाहर के कई लोग फंसे हुए हैं लेकिन मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बन पाने के कारण इन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेपानगर में क्षेत्र में फंसे लोगों में से कुछ तो ऐसे हैं जो शादी-विवाह में आए थे लेकिन लॉकडाउन लागू होने के कारण यहीं फंस कर रह गए। अब उनके घर पहुंचने के लिए ई-पास ही एकमात्र सहारा है लेकिन मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने में उन्हें मुश्किल आ रही है। कलेक्टर ने इसके लिए अपर कलेक्टर राजेशकुमार जैन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। कुछ जिलों में ई-पास के क्रियान्वयन में भी समस्या आ रही थी, इसलिए इसके नियमों कुछ बदलाव भी किया गया है। देश के हॉट स्पाट जिलों से प्रदेश में आने के लिए आगामी आदेश तक कोई भी ई-पास जारी नहीं किया जाएगा। प्रदेश में आने या प्रदेश के बाहर जाने के लिए स्वयं के वाहन की वाहन की व्यवस्था करने पर ही ई-पास जारी किया जाएगा।

ठेकेदार व मजदूरों के आवेदन पर भी जारी होगा ई-पास
प्रदेश के एक जिले से दूसरों जिलों में काम करने जाने के लिए ठेकेदार और मजदूरों के आवेदन के आधार पर ई-पास जारी किया जा सकता है। वे लोग जो अन्य जिलों में लॉकडाउन के कारण फंसे हुए हैं और अपने संसाधन से वापस आना चाहते हैं, वे अपना आवेदन वेबसाइट मेपिट कोविड 19 सर्च कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस पर उन्हें ई-पास पास जारी किया जाएगा। इसी प्रकार प्रदेश के बाहर फंसे लोग भी अपने संसाधन से घर आना चाहते हैं तो वे भी इस पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में स्पष्ट निर्देश हैं कि वे जिस जिले में वापस आ रहे हैं, उस जिले के अधिकारी द्वारा ही ई-पास जारी किया जाएगा। ई-पास के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी मेडिकल प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य किया गया है। सभी पास ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। कोई भी पास ऑफलाइन जारी नहीं किया जाएगा। ऑफलाइन पास मान्य भी नहीं होंगे।

अंबाड़ा में फंसे हैं 6 बराती, गुजरात से आए थे
ग्राम अंबाड़ा में 38 दिन से गुजरात के छह बराती फंसे हुए हैं। वे यहां 21 मार्च को शादी में आए थे और 22 मार्च से लाॅकडाउन लागू हो गया। तब से वे यहीं फंसे हुए हैं। ई-पास जारी होने की जानकारी मिलने के बाद उनकी ओर से ऑनलाइन आवेदन किया गया है लेकिन गुरुवार शाम तक भी उन्हें अनुमति नहीं मिल पाई थी। अनुमति मिलने पर उन्हें मेडिकल प्रमाण पत्र भी डाउनलोड करना होगा।

पार्षद रावेर में फंसी, पति लगातार कर रहे आवेदन, हो रहा निरस्त
आमजन तो दूर ई-पास बनवाने में जनप्रतिनिधियों के भी पसीने छूट रहे हैं। कई आवेदन निरस्त हो रहे हैं। नेपानगर की एक पार्षद भी लाॅकडाउन के कारण अपने मायके रावेर में करीब एक महीने से रुकी हुई हैं। पति द्वारा बार-बार आवेदन करने पर भी अनुमति नहीं मिल पा रही है। जबकि ई-पास के लिए नियम बताया जा रहा है कि जो लोग दूसरे जिले में फंसे हैं उन्हें इससे लाने में आसानी होगी, परंतु ऐसा नहीं हो पा रहा है।

यह आ रही परेशानी
अधिकांश बाहरी लोगों को मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी आ रही है। अस्पतालों में डाॅक्टर्स के पास इतना समय नहीं है कि रूटीन मरीजों के चेकअप के साथ ही यह काम भी करें। हालांकि कहीं-कहीं प्रमाण पत्र बनाकर भी दिए जा रहे हैं, लेकिन इनकी संख्या बहुत कम है। लोगों को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाना पड़ रहे हैं।
आवेदन करने के बाद किसी न किसी कारण से ई-पास निरस्त किए जा रहे हैं। जबकि कई लोग दूसरे जिलों में फंसे हैं। नेपानगर के लिए बड़ी परेशानी यह है कि यहां के पास भी स्थानीय स्तर के बजाय बुरहानपुर से जारी किए जा रहे हैं। इस कारण लोगों को दिक्कत आ रही है।

जानिए... कहां कितने लोग फंसे हैं
3196 लोग
नेपानगर-खकनार में फंसे हैं।
1093 लोग
खकनार तहसील में फंसे है।
1594 लोग
नेपानगर तहसील में हैं।
509 लोग
नेपानगर शहर में फंसे हुए हैं।
ये लोग मप्र के विभिन्न जिलों और अन्य प्रदेशों के हैं।
अंबाड़ा में 90 से अधिक लोगों को दी राशि
नेपानगर  कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। ऐसी विषम परिस्थिति में लोगों को रुपए की दिक्कत न हो इसके लिए डाक विभाग भी जुटा हुआ है। आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम आईपीएस के माध्यम से ग्रामीण डाक सेवक घर-घर जाकर लोगों को बैंक खाते से राशि निकाल कर दे रहे हैं। गुरुवार को अंबाड़ा में डाक विभाग द्वारा शिविर लगाया गया। इसमें 90 से अधिक लोगों को राशि का वितरण किया गया।

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