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बोरबन तालाब भूमि अधिग्रहण घोटाला:इम्तियाज बोला- तत्कालीन एसडीएम को दी 30% रकम

नेपानगरएक महीने पहले
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  • न्यायालय से मिली आरोपियों की 3 दिन की रिमांड, सोमवार को फिर पेश करेंगे

बोरबन तालाब घोटाले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों ने रुपए लेना कबूल लिया है। मुख्य आरोपी इम्तियाज खान बोला मैंने भी रुपए लिए थे और तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी को 30 प्रतिशत रकम दी थी। नगर सैनिक सचिन वर्मा की भूमिका वसूली एजेंट के रूप में सामने आई है।

पुलिस ने शुक्रवार को पांचों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। सोमवार को फिर न्यायालय में पेश किया जाएगा। एडीएम शैलेंद्रसिंह सोलंकी की जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को तहसीलदार सुंदरलाल ठाकुर ने नेपानगर थाने पहुंचकर तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी सहित 9 लोगों के खिलाफ मुआवजा वितरण में हुए फर्जीवाड़े की शिकायत कर केस दर्ज कराया था।

पुलिस ने विशा माधवानी, सहायक ग्रेड-3 अंकित काटे, जिला सहकारी बैंक तुकईथड़ के कैशियर अनिल पाटीदार, तत्कालीन प्रबंधक और सहायक लेखापाल अशोक नागनपुरे, नेता संजय माउस्कर, देड़तलाई निवासी इम्तियाज पिता अख्तर खान, जावेद अख्तर और धारणी के फिरोज खान के खिलाफ केस दर्ज किया। इनमें से सचिन वर्मा, इम्तियाज खान, अशोक नागनपुरे, संजय माउस्कर और जावेद अख्तर को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया। पांचों ने रुपए लेना कबूला है।

तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी पर यह हैं आरोप -
एफआईआर में कुल 41.57 लाख 544 रुपए के फर्जीवाड़े की बात कही गई है। साथ ही तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए प्रकरण में बिना किसी जांच-पड़ताल और दस्तावेजों का सत्यापन किए षडयंत्रपूर्वक कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर भू-अर्जन की सरकारी रकम आहरित करने के लिए आदेश पारित किया।

इधर... माधवानी के वकील ने लगाई अग्रिम जमानत अर्जी
घोटाले में नाम आने के बाद नेपानगर की तत्कालीन एसडीएम की अग्रिम जमानत के लिए जिला न्यायालय में अर्जी लगाई गई है। इंदौर के वकील ने स्थानीय वकील की मदद से यह अर्जी लगाई है।
शुक्रवार दोपहर इंदौर के वकील बुरहानपुर पहुंचे। दोपहर करीब 3 बजे उन्होंने प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश केएस बारिया की अदालत में आवेदन लगाया। वकील ने कहा किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी से डर हो तो वह धारा 438 में अग्रिम जमानत का आवेदन कर सकता है। इसी के तहत तत्कालीन एसडीएम विशा माधवानी की ओर से आवेदन लगाया है। न्यायालय ने सुनवाई के लिए 21 जून की तारीख तय की है। अब अदालत नेपानगर थाने से पूरे मामले की केस डायरी बुलवाएगी। आवेदक के वकील और सरकारी वकील की दलीलों के बाद अदालत निर्णय लेगी।

निलंबन प्रस्ताव में कुछ दिन और लगेंगे
शुक्रवार देरशाम तक घोटाले में शामिल अफसर-कर्मियों के निलंबन और विभागीय जांच का प्रस्ताव तैयार नहीं हो पाया है। एडीएम शैलेंद्रसिंह सोलंकी ने बताया विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। प्रस्ताव बनाने में कुछ दिन और लग सकते हैं। जांच में सामने आए सभी बिंदुओं पर प्रस्ताव मप्र आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद आदेश जारी कर देंगे।

पुलिस की पूछताछ में पांचों आरोपियों ने कबूला आरोप, बोले- हमने भी लिए रुपए

थाना प्रभारी बोलेे- अब बैंक के रिकार्ड खंगालेंगे
नेपानगर थाना प्रभारी लक्ष्मणसिंह लौवंशी ने बताया मामले में अभी पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। आरोपियों ने किस तरह राशि का हेरफेर किया यह जानने के लिए बैंक के कर्मचारी नितिन को एक दिन पहले थाने बुलाया था। अब बैंक के सारे रिकार्ड खंगाले जाएंगे कि फर्जीवाड़ा किस तरह किया गया। यह बताने के लिए बैंक कर्मचारी का सहयोग लिया जा रहा है। जांच के लिए पुलिस आरोपियों को बैंक भी ले जा सकती है।
तत्कालीन एसडीएम को भी रकम देने की बात कही
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गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों ने गुनाह कबूल लिया है। पूछताछ में इम्तियाज ने तत्कालीन एसडीएम को 30 प्रतिशत राशि देने की बात कही है।
-लक्ष्मणसिंह लौवंशी, थाना प्रभारी, नेपानगर

आरोपियों पर लगाया जाए एट्रोसिटी एक्ट
नेपानगर | घोटाले में शामिल पूर्व एसडीएम विशा माधवानी सहित 8 अन्य लोगों पर केस दर्ज होने के बाद मप्र आदिवासी विकास परिषद ने आरोपियों पर एट्रोसिटी एक्ट लगाने की मांग की है। परिषद के प्रदेश सदस्य रविंद्र मसाने ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार सुंदरलाल ठाकुर को ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने कहा बोरबन तालाब घोटाले में शामिल पूर्व एसडीएम माधवानी सहित अन्य 8 आरोपियों ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के परिवारों से धोखेबाजी कर भूमि अधिग्रहण की मुआवजा राशि नहीं दी। इससे आदिवासियों का आर्थिक शोषण, अन्याय व उत्पीड़न हुआ है।

यह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। दोषियों पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए, ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हो सके। इस दौरान हरीश शिंदे, भीमराव वानखेड़े, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अरशद खान, जय साल्वे व अन्य सदस्य मौजूद थे।

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