घाघरला का मामला / वन कटाई देखने आए अफसर, कार से उतरे नहीं, इसमें बैठकर ही देख लिया सारा जंगल

Officers who came to see the forest cutting, did not get out of the car, sitting in it, saw the whole forest
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Officers who came to see the forest cutting, did not get out of the car, sitting in it, saw the whole forest

  • अतिक्रमणकारियों को रोकने वाले वनरक्षक व वनपाल को प्रशस्ति पत्र से किया सम्मानित
  • रेंजर और डिप्टी रेंजर्स को किया ताकीद- अब नहीं होना चाहिए नया अतिक्रमण

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

नेपानगर. अकेले नेपानगर और खकनार क्षेत्र में ही वनाधिकार के करीब सात हजार आवेदन पेंडिंग हैं, जबकि पूर्व में करीब 6 हजार पट्टे बांटे जा चुके हैं। यहां आदिवासी काबिज हैं। क्षेत्र में आए दिन नया अतिक्रमण और वन कटाई हो रही है। इसको देखते हुए मंगलवार को कलेक्टर प्रवीण सिंह, एसपी राहुलकुमार लोधा और डीएफओ संध्या सिंह ने नेपानगर के वन क्षेत्र का दौरा किया। अफसर पूरे समय अपने वाहनों में ही बैठे रहे। ऐसे ही वन क्षेत्र का जायजा ले लिया। सिर्फ नावरा रेंज में वनरक्षकों के सम्मान के लिए रेंज कार्यालय में कुछ देर के लिए अफसर रुके।
एसपी, कलेक्टर और डीएफओ ने बदनापुर, चैनपुरा, सीवल और नावरा का जंगल देखा। नावरा रेंज में घाघरला बीट के वनरक्षक पवन पांचाल और वनपाल शांतिलाल राठौर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गौरतलब है कि दो दिन पहले वनरक्षक और वनपाल द्वारा अतिक्रमणकारियों को जंगल काटने से रोका गया था। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने उनके साथ झूमाझटकी भी की थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। दौरे पर आए अफसरों ने वन विभाग के अमले को ताकीद की कि अब क्षेत्र में कोई भी नया अतिक्रमण न होने दिया जाए। पुराने पट्टों के सर्वे का काम जल्द से जल्द पूरा करें। कलेक्टर ने कहा जो अच्छा काम करेगा उसे 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा।

वाहन न फंस जाए इसलिए घाघरला से वापस लौटे अफसर
कलेक्टर, एसपी और डीएफओ ने घाघरला का जंगल देखा। यहां पिछले दिनों वन माफियाओं ने काफी जंगल काट दिया था। जगह-जगह कटे हुए पेड़ों के ठूंठ नजर आए। अफसर यहां से नीमसेठी जाने लगे लेकिन बीच में वाहन फंसने की आशंका के कारण वापस लौट आए। नेपानगर से अंबाड़ा होते हुए बुरहानपुर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान वन परिक्षेत्र नेपानगर के एसडीओ एमएस सोलंकी भी मौजूद थे।

घाघरला में जंगल कटाई के बाद जागा प्रशासन
घाघरला वन क्षेत्र अब तक कटाई से अछूता था, लेकिन पिछले दिनों यहां बड़े पैमाने पर पेड़ काट दिए गए। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भोपाल पहुंचकर मुख्य प्रधान वन संरक्षक राजेश श्रीवास्तव से मिलकर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद प्रशासन जागा। अब तक वन विभाग की ओर से भी लापरवाही बरती जा रही थी। अब यहां वन विभाग ने कैंप भी लगा दिया है लेकिन अतिक्रमणकारियों के हौंसले बुलंद हैं। उनके द्वारा लगातार किसी न किसी क्षेत्र में वन कटाई की जा रही है। आए दिन नए-नए टपरे बनाकर अतिक्रमण किया जा रहा है। 

अब तक मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट नहीं की सार्वजनिक
जुलाई 2019 में बदनापुर में वनकर्मियों और अतिक्रमणकारियों के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। इस दौरान वनकर्मियों ने हवाई फायर किए थे। मामला काफी गरमाया था और आदिवासियों ने नेपानगर थाने का घेराव तक कर दिया था। इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच हुई थी, लेकिन इसकी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

वन अधिकारी बंद रखते मोबाइल
वनों की लगातार हो रही कटाई के प्रति वन विभाग के अधिकारी भी गंभीर नहीं हैं। सरकार की ओर से इन अधिकारियों और वनकर्मियों को 94247 की सीरीज का सरकारी नंबर दिया गया है। लेकिन अधिकांश अधिकारी यह सरकारी नंबर बंद रखते हैं। जबकि डीएफओ कॉल रिसीव नहीं करतीं। ऐसे में ग्रामीण या पर्यावरणप्रेमी वन अधिकारियों को वन कटाई की सूचना भी देना चाहें तो उनका मोबाइल नंबर बंद मिलता है।

अधिकारियों ने वाहन से वन क्षेत्रों का निरीक्षण किया
अधिकारियों ने मंगलवार को वाहन से जंगल का निरीक्षण किया है। जंगल की सुरक्षा और अतिक्रमण न बढ़े इसके लिए सभी को ताकीद की है।
-गुलाबसिंह बामने, प्रभारी रेंजर नेपानगर

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