लॉकडाउन / खरीदी के लिए लगी भीड़, टूटा सोशल डिस्टेंस, प्रशासन ने कपड़ा, रेडिमेड दुकानों पर लगाया प्रतिबंध

Procurement crowd, broken social distance, administration ban on textile, readymade shops
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Procurement crowd, broken social distance, administration ban on textile, readymade shops

  • नियमों का पालन नहीं होने पर प्रशासन ने एक बार फिर बरती सख्ती
  • कोरोना को हराने के लिए सामाजिक दूरी जरूरी है

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

नेपानगर. एक दिन पहले शुक्रवार को नेपानगर में सुबह 7 से शाम 7 बजे तक सभी प्रकार की दुकानें खोलने की छूट प्रदान की गई लेकिन लोगों ने इसका गलत फायदा उठाया। खरीदी के लिए बाजार और दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी। ऐसे में सामाजिक दूरी का नियम टूटा, वहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों ने तो हद कर दी। भीड़ और नियम टूटते देखकर प्रशासन फिर सख्त हुआ और कपड़ा, रेडिमेड और होजयरी दुकानें खोलने पर प्रतिबंध लगा दिया।
बाजार खुलने पर खरीदी के लिए अंबाड़ा के रास्ते जैनाबाद, बोरी, नसीराबाद, निंबोला सहित अन्य गांवों के लोग नेपानगर पहुंचे। शहर में दाखिल होने से पहले उन्होंने अपने वाहन बाहर ही खड़े कर दिए, ताकि किसी को पता नहीं चले कि वे कहां से आए हैं लेकिन ऐसा करने से बाजारों में भीड़ अधिक नजर आई। शनिवार को बाजार खुला, लेकिन दोपहर में ही कलेक्टर प्रवीण सिंह ने आदेश जारी किए कि नेपानगर में कपड़ा, व्यापार, होजयरी और रेडिमेड कपड़ा दुकानें आगामी आदेश तक बंद रहेंगीं। यह आदेश अधिक भीड़ न उमड़े इसलिए लागू किया गया है।
नगर में बरती जा रही यह लापरवाही
नगर में किसी भी प्रकार की जांच नहीं हुई है। जिस तरह स्क्रीनिंग की जाना चाहिए थी, वह आज तक नहीं हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में सीवल में कोरोना संक्रमण का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा था। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्क्रीनिंग नहीं हुई है। ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है।
बुरहानपुर से भी चोरी-छिपे खरीदी करने आए लोग
नगर में मिली छूट में खरीदी करने के लिए जैनाबाद, बोरी, नसीराबाद और धुलकोट सहित अन्य गांवों के ही लोग नहीं पहुंचे। बल्कि बुरहानपुर से भी कई लोग चोरी-छिपे खरीदी के लिए यहां आए। इस कारण बाजार में भीड़ बढ़ गई। दुकानदारों सहित ग्राहकों ने भी सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं किया। दुकानें खुलने से खुश, लेकिन लोगों की लापरवाही से परेशान कुछ जागरूक नागरिकों ने कहा कुछ दिन तक सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खोली जाना चाहिए। बाकी दुकानें बंद रखी जाए। उन्होंने इसको लेकर कलेक्टर को लिखित शिकायत भी भेजी है। समाजसेवी धीरज करोसिया ने भी कलेक्टर को शिकायत भेजकर कहा है- बुरहानपुर हाॅट स्पाॅट बनकर उभरा है। इसके बावजूद नेपानगर में जरूरत से ज्यादा छूट देने का लोग फायदा उठा रहे हैं। बाजार और दुकानों पर भीड़ लग रही है। इसलिए जरूरी वस्तुओं के लिए ही छूट दी जाना चाहिए। वहीं प्रशासन के आदेश के बाद व्यापारियों का मानना है उनके यहां त्योहार जैसी भीड़ तो आई ही नहीं है।
कपड़ा दुकानों पर रही सबसे अधिक भीड़
नेपानगर में दुकानें खोलने के आदेश होने के बाद भी यहां सामाजिक दूरी का ध्यान नहीं रखा गया। सबसे अधिक भीड़ कपड़ा दुकानों पर रही। यहां लाॅकडाउन के सारे नियम टूट गए। कपड़ा और गारमेंट दुकानों के व्यापारियों ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। किसी दुकान पर एक साथ चार से अधिक ग्राहक तो कहीं इससे भी अधिक नजर आए। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। इसी लापरवाही के कारण प्रशासन ने शनिवार दोपहर आदेश जारी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया।लेकिन इसके बाद भी दोपहर 3 बजे तक अधिकांश दुकानों के आधे शटर खुले रहे। यही नहीं अंदर ग्राहक भी मौजूद थे।
नियमों का पालन कराने के लिए यह प्रयास जरूरी
नगर में रियायत मिले, लेकिन नगर की सीमा पर बनाए गए नाकों पर पुलिस और नगर पालिका का स्टाफ तैनात रहे।
बिना अनुमति बाहर से किसी भी वाहन को नगर में प्रवेश नहीं दिया जाए।

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