विरोध / सेवानिवृत्त अधिकारियों को दोबारा सेवा में लेने की प्रक्रिया का विरोध

Protest against the process of retiring retired officers
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Protest against the process of retiring retired officers

  • नेपा मिल श्रमिक संघ ने अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को लिखा पत्र
  • पत्र में कहा ठेकेदारों के पास मजदूर नहीं होने के कारण बंद पड़ा है प्रोजेक्ट

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

नेपानगर. नेपा मिल के पुनर्उद्धार के लिए भारत सरकार द्वारा स्वीकृत पैकेज में 400 अधिकारी-कर्मचारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए 90.83 करोड़ रुपए भी शामिल हैं। इसके तहत अब तक 264 अधिकारी-कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के साथ सेवानिवृत्ति दी गई है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद कंपनी का वेज बिल काफी कम हो गया है। कोरोना महामारी के बीच ठेकेदारों के पास मजदूर नहीं होने के कारण प्रोजेक्ट का काम बंद पड़ा है। सूत्रों के अनुसार ऐसे में मिल के अफसर कुछ चुनिंदा सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः सेवा में लेने के प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इसका विरोध भी होने लगा है।
यह बात नेपा मिल श्रमिक संघ के अध्यक्ष कुलदीप श्रीवास्तव और सचिव मिलिंद किरंगे ने मिल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को लिखे पत्र में कही है। इसकी प्रतिलिपि संयुक्त सचिव भारी उद्योग मंत्रालय सुकृति लिखी को भी भेजी गई है। पत्र में कहा है सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः नियुक्त करने पर वर्तमान में कार्यरत काबिल अधिकारियों का मनोबल कम होगा।सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः नियुक्त करने का कोई औचित्य नहीं है। इसमें कुछ अधिकारी ऐसे हैं, जिनके कारण प्रोजेक्ट में पूर्व में बाधा उत्पन्न हो चुकी है। उनका मिल के प्रति कोई खास योगदान भी नहीं है। कुछ अधिकारी ऐसे हैं, जिन्होंने नवीनीकरण के दौरान मशीनों को एक साथ डिसमेंटल कर संस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाया। एक ओर भारत सरकार द्वारा वीआरएस योजना लागू कर कंपनी का वेज बिल कम करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं कुछ जिम्मेदार अधिकारी अपनी मनमानी कर सेवानिवृत्त अधिकारियों को दोबारा पदस्थ करने में लगे हुए हैं।

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