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अनदेखी:कार्यकर्ता ने रेडी टू ईट सामग्री नहीं मिलने का पंचनामा बनाकर भेजा, उसे ही दे दिया नोटिस

नेपानगर11 दिन पहले
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  • जुलाई से आमुल्लाखुर्द के आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल के बच्चों को नहीं मिला रेडी टू ईट

महिला एवं बाल विकास के वरिष्ठ अफसरों की अनदेखी के कारण नेपानगर क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों के बुरे हाल हैं। केंद्रों को तीन से छह साल तक के बच्चों के लिए मिलने वाली रेडी टू ईट सामग्री वितरण में धांधली हो रही है। ताजा मामले में यहां की सुपरवाइजर की मनमानी सामने आई है। दरअसल आमुल्लाखुर्द के आंगनवाड़ी केंद्रों में सांईराम स्वसहायता समूह द्वारा रेडी टू ईट सामग्री का वितरण किया जाता है। लेकिन जुलाई से 3 सितंबर तक यहां सामग्री का वितरण नहीं किया गया।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कई बार इसकी मौखिक सूचना सुपरवाइजर को दी। लेकिन नावरा-आमुल्ला सेक्टर सुपरवाइजर मधुबाला चतुर्वेदी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने सामग्री नहीं मिलने का पंचनामा बनाया, तब सुपरवाइजर ने समूह से संपर्क किया। लेकिन इसके बाद परियोजना अधिकारी ने सुपरवाइजर की बजाय कार्यकर्ता को ही नोटिस थमा दिया।

शिकायत के बाद 3 को जारी किया नोटिस

पर्यवेक्षक का पंचनामा बनाने के बाद नेपानगर परियोजना अधिकारी ने 3 सितंबर को सांईराम स्वसहायता समूह को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द समूह में निर्धारित सामग्री भेजने की चेतावनी दी। साथ ही कहा कि ऐसा नहीं किया तो अनुबंध समाप्त कर दिया जाएगा।

ये मिलती है सामग्री

इस कार्रवाई के बाद रेडी टू ईट के तहत मिलने वाली सामग्री मुहैया कराई गई। इसमें 31 किलो दलिया, एक किलो मूंग दाल और 2 किलो गुड़ शामिल है। जबकि गेहूं-चावल की बजाय सिर्फ आटा दे दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है सेक्टर पर्यवेक्षक समूह को दिए गए कूपन की बजाय पूरे महीने के राशन की जानकारी भरवातीं हैं। ऐसा कर सीधे एनजीओ को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है।​​​​​​​

पर्यवेक्षक व परियोजना अफसर को सूचना नहीं दी

7 जुलाई 2021 से रेडी टू ईट सामग्री नहीं मिलने पर सेक्टर पर्यवेक्षक को नोटिस दिए जाने के बजाय परियोजना अधिकारी ने आमुल्लाखुर्द की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता पाईकराव को ही नोटिस थमा दिया। इसमें कहा जानकारी पर्यवेक्षक व परियोजना को क्यों नहीं दी। जबकि कार्यकर्ता पर्यवेक्षक को बार-बार स्थिति से अवगत करा चुकी थीं। परियोजना अधिकारी ने कार्यकर्ता से तीन दिन के भीतर जवाब भी मांगा है। साथ ही सेवा समाप्ति की बात भी कही है। जबकि अधिकांश पर्यवेक्षकों पर मिलीभगत के चलते एनजीओ को सीधे लाभ पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं।

2020 में भी मनमानी की थी विभाग ने दिया था नोटिस

आमुल्लाखुर्द के सांईराम स्वसहायता समूह को 2020 में भी लॉकडाउन घोषित होने के बाद मार्च और अप्रैल की रेडी टू ईट सामग्री दी गई थी। समूह ने यह सामग्री दो आंगनवाड़ी केंद्रों में बांटी, लेकिन उसकी मात्रा काफी कम थी। इसके बाद परियोजना अधिकारी नेपानगर की ओर से समूह को नोटिस जारी किया गया था। साथ ही अनुबंध समाप्त करने की चेतावनी भी दी थी। इससे पहले भी जुलाई 2020 में संस्था को नोटिस जारी कर कहा गया था कि केंद्रों पर निर्धारित मात्रा में रेडी टू ईट सामग्री का वितरण नहीं हो रहा है।​​​​​​​

समूह को हटा दिया जाएगा
समूह की पहले भी काफी शिकायतें आ चुकी हैं। नोटिस जारी किया है। उसे हटा दिया जाएगा। -पल्लवी लिलोटिया, परियोजना अधिकारी नेपानगर

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