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आपदा में विपदा:एंबुलेंस का 1 किमी का किराया 800 रुपए व इंदौर के 6 हजार लूंगा; ऑक्सीजन भी दूंगा

खंडवाएक महीने पहलेलेखक: सदाकत पठान
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  • अधिक किराया वसूल कर रहे एंबुलेंस चालक, भास्कर रिपोर्टर ने परिजन बन की बात तो चालक बोला

कोरोना की आपदा में कुछ लाेग अवसर ढूंढने में जुटे हैं। इनमें एंबुलेंस चालक भी शामिल है। सरकार ने इन लोगों के खिलाफ एफआईआर के आदेश तो दिए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। खंडवा में एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक मरीज को छोड़ने का किराया एंबुलेंस वाला 800 रुपए ताे काेई 1000 रुपए तक ले रहा है। जबकि अस्पतालों की दूरी 1 से 3 किमी के बीच की है। इंदौर जाना है तो 6000-8000 रुपए तक ले रहे हैं। जबकि कोरोना संक्रमण से पहले अधिकतम 3500 रुपए लिए जाते थे। खंडवा से 72 किमी दूर बुरहानपुर तक मरीज को ले जाने के लिए 8000 रुपए तक लिए जा रहे हैं।

खरगोन जाने के जहां 2800 रुपए लगते थे अब 6000 रुपए तक ले रहे हैं। लोग पहले ही कोरोना से परेशान है। ऐसे में प्रशासन की ओर से भी कोई राहत नहीं मिल रही है। भास्कर ने इसका स्टिंग किया गया। भास्कर रिपोर्टर ने मरीज का परिजन बनकर एंबुलेंस संचालक से वाहन बुकिंग कराया। पढ़िए भास्कर रिपोर्टर और एंबुलेंस चालकों के बीच हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
गुर्जर हॉस्पिटल:- इंदौर तक जाने के लिए 6000 रुपए
तीन दिन पहले इसी अस्पताल से एक मरीज को सरकारी अस्पताल तक छोड़ने के 2000 रुपए लिए गए थे। जिसके बिल की पर्ची वायरल हो रही है। बदनामी के बाद भी यहां का ढर्रा सुधरा नहीं है। गुर्जर हॉस्पिटल के मेडिकल से बुक होने वाली एंबुलेंस जब हमने मांगी तो मेडिकल संचालक ने सत्यम नाम के एक युवक को बुलाया। सत्यम से हमारी बातचीत हुई-
सत्यम – कहां है पैसेंट। कहां पर ले जाना है।
रिपोर्टर – हिंदूजा पर है। वहां से सरकारी अस्पताल ले जाना है। वहां भर्ती नहीं किया तो इंदौर ले जाएंगे।
सत्यम – इंदौर में बेड की व्यवस्था हो गई। वहां पर कहां ले जाएंगे।
रिपोर्ट – खजराना, एक पटेल अस्पताल लेकर जाना है वहां बात हाे गई है।
सत्यम – तो ऑक्सीजन लगेगी। आपके पास है। सत्यम ने किसी से फोन पर बात करते हुए कहा कि हिंदूजा से सरकारी और वहां व्यवस्था नहीं हुई तो इंदौर।
रिपोर्टर – कितनी देर लगेगी।
सत्यम – हिंदूजा से सरकारी ले जाने का 500 लगेगा। ऑक्सीजन प्लस में 800 रुपए लगेंगे। बिना ऑक्सीजन के इंदौर ले जाने पर 5000 रुपए, ऑक्सीजन लगाने पर हजार रुपए और बढ़ जाएंगे। पहले बेड का पता कर लो। वहां (इंदौर) ले जाने पर तीन घंटे खड़ा रहना पड़ेगा। कोरोना का मरीज है। ड्राइवर को भी 1 हजार रुपए देने पड़ते है।
हिंदूजा हॉस्पिटल :- गुर्जर से सरकारी तक ऑक्सीजन सहित 700 रुपए
बाहर खड़ी एंबुलेंस पर लिखे मोबाइल नंबर 9131030113 पर भास्कर टीम ने एंबुलेंस मालिक मयंक हिंदूजा से बात की।
रिपोर्टर – अस्पताल के बाहर खड़ी एंबुलेंस पर आपका नंबर लिखा है। ड्राइवर साहब आप ही बोल रहे हो।
मयंक – नहीं भैया मैं गाड़ी का मालिक बोल रहा हूं। ड्राइवर खाना खाने गया है। 5 मिनट में आ जाएगा।
रिपोर्टर – मरीज को गुर्जर हॉस्पिटल से सरकारी में भर्ती करना है।
मयंक - ठीक है, भिजवा देते हैं।
रिपोर्टर – कितने रुपए लग जाएंगे। कितनी देर में एंबुलेंस आ जाएगी।
मयंक – ड्राइवर खाना खाने गया है। ऑक्सीजन लगने पर 700 रुपए नहीं तो 500 रुपए।
जिला अस्पताल परिसर:- 4500 में इंदौर, ऑक्सीजन चार्ज अलग से
सरकारी अस्पताल में एक कर्मचारी ने 4 एंबुलेंस ड्राइवरों को फोन लगाया। एक ने अटेंड किया।
रिपोर्टर – मरीज को इंदौर ले जाना है।
ड्राइवर – इंदौर में कहां पर लेकर जाएंगे।
रिपोर्टर – पटेल हॉस्पिटल खजराना इंदौर।
ड्राइवर – वहां आपकी बात हो गई ना, नहीं तो।
रिपोर्टर – हां बिल्कुल हो गई है, एक बेड बुक कर लिया है।
ड्राइवर – 4500 रुपए लगेंगे। ऑक्सीजन का चार्ज अलग से। मेरे पास ऑक्सीजन नहीं है, व्यवस्था कर लो।
कोरोना से पहले इतने रुपए लगते थे

खंडवा लोकल में किसी भी जगह पहले 250-300 ऑक्सीजन सहित।

अब 800-1000

खंडवा से बुरहानपुर

पहले 2000-2200
अब 6000- 8000
खंडवा से खरगोन

पहले 2500-2800
अब 5000- 6000
खंडवा से इंदौर

पहले 3000-3500
अब 6000- 8000
शहर में एंबुलेंस की इनके पास व्यवस्था
2 प्रकाश, 2 हिंदूजा, 1 गुर्जर, 3 जैन अस्पताल, 1 जेजे अस्पताल के अलावा करीब 15 ऐसे लोग हैं, जिनके पास खुद की एंबुलेंस है। ये सभी एंबुलेंस संचालक पहले एंबुलेंस पर ड्राइवरी करते थे। अब खुद का वाहन है। सभी ने रेट तय कर रखा है। सोशल मीडिया पर ग्रुप में एक-दूसरे से सभी जुड़े हुए हैं।
अस्पतालों के आसपास मंडराते हैं, मरीज पर रखते हैं गिद्ध नजर
एंबुलेंस के ड्राइवर और इनके दलाल सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में दिनभर मंडराते हैं और मरीज पर गिद्ध नजर रखते हैं। गंभीर मरीज के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल कर्मचारी व इनके दलाल तत्काल सूचना देते हैं।

  • एंबुलेंस का किराया फिक्स करने के लिए एंबुलेंस संचालकों और मेडिकल से जुड़े लोगों से चर्चा की जाएगी। यदि कोई ज्यादा किराया ले रहा है तो गलत है। कार्रवाई की जाएगी। - एसएल सिंघाड़े, एडीएम
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