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मौत की जगह:जिले में हादसे वाले 26 स्पॉट, यहां 3 साल में 34 लोगों ने जान गंवाई, 150 घायल हुए

खंडवा7 दिन पहले
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यातायात व पुलिस ने 3 साल में दो थाना क्षेत्रों में 7 व 7 थाना क्षेत्रों में 19 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए। - Dainik Bhaskar
यातायात व पुलिस ने 3 साल में दो थाना क्षेत्रों में 7 व 7 थाना क्षेत्रों में 19 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए।
  • कोतवाली क्षेत्र में सबसे अधिक 10 की माैत, 53 लोग दुर्घटना में घायल हुए
  • जहां हादसों में मौतें हुई उन स्थानों को नहीं बनाया ब्लैक स्पॉट

जिले के 9 थाना क्षेत्रों में 26 स्थान ऐसे हैं, जहां पिछले तीन साल में हुए हादसों में 34 लोगों ने जान गंवाई और करीब 150 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन मामलों में 100 से अधिक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, जबकि कुछ प्रकरणों में चालान व कुछ का खात्मा कर दिया गया।

यातायात व पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 1 अगस्त 2018 से 2 अगस्त 2021 तक जिले में चिह्नित किए गए ब्लैक स्पॉट, वहां हुए हादसों व हादसों में मौत व घायलों की जानकारी सहायक पुलिस महानिरीक्षक भोपाल को भेजी है। इसके मुताबिक पिछले तीन साल में शहर के दो थाना क्षेत्रों में 7 व सात थाना क्षेत्रों में 19 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए।

जबकि कुछ स्पॉट ऐसे थे जहां हादसों में लोगों की मौतें हुई, लेकिन उनका चयन यातायात विभाग द्वारा नहीं किया गया। जिन स्थानों का चयन ब्लैक स्पॉट के रूप में किया है, विभाग ने वहां हादसों को रोकने के कुछ खास इंतजाम भी नहीं किए। शहर की ही बात करें तो अकेले कोतवाली थाने के तीन ब्लैक स्पॉट पर 10 लोगों की मौत हो गई और 53 लोग गंभीर घायल हुए।

1. सिविल लाइंस स्थित जोन कार्यालय के सामने वाले मार्ग पर हादसों का अंदेशा रहता है। 2. हरसूद नाका चौराहा, जहां हादसे में शिक्षिका जान गंवा चुकी है।

जानिए.. थाने, ब्लैक स्पॉट, मौत व घायलों की संख्या पर एक नजर

हादसे वाली जगहें जहां मौतें हुई पर ब्लैक स्पॉट नहीं बने

  • कोतवाली-मोघट क्षेत्र : बिग सिनेमा के सामने वाला मार्ग, धरमकांटा तिराहा से पंधाना रोड सब्जी मंडी तक का मार्ग।
  • मोघट रोड : मोघट थाना से लाल चौकी मार्ग, पॉलिटेकनिक से सिहाड़ा रोड
  • कोतवाली : नगर निगम जोन कार्यालय से जनपद पंचायत तक का मार्ग, केंद्रीय विद्यालय से हरसूद नाका, भाजपा कार्यालय इंदिरा चौक से नगर निगम झोन कार्यालय तक।

मिरर चोरी हो गए, मार्ग चौड़ीकरण व साइन बोर्ड के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखे हैं

हादसे ना हो इसके लिए विभाग ने ऐसे स्थानों पर मिरर लगाए थे, जो चोरी हो गए। हादसों को रोकने के लिए रिफ्लेक्टर, रेडियम लगाए हैं, मार्ग चौड़ीकरण व साइन बोर्ड लगाने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखे हैं। मार्ग चौड़े होने व साइन बोर्ड लग जाने पर हादसे रुकेंगे।

संतोष कौल, डीएसपी, यातायात विभाग

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