पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

परिवार नियोजन:जिले में पिछले साल की अपेक्षा 41.89 फीसदी अधिक हुई नसबंदी, महिलाएं अधिक जागरुक

खंडवा8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

परिवार नियोजन के लिए पिछले साल की अपेक्षा जिले में 41.89% अधिक नसबंदी हुई। शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं परिवार नियोजन को लेकर अधिक जागरुक हैं। क्योंकि घर-घर जाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता समझाइश देती हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2019-2020 में जिले में 9026 का लक्ष्य था। इसमें 7679 यानी 85.07 प्रतिशत नसबंदी हुई। इसमें महिलाओं का लक्ष्य 7943 में 7637 और पुरुषों के लक्ष्य 1083 में से 42 ने ही नसबंदी कराई। महिलाओं का प्रतिशत 96.14 और पुरुषों का नसबंदी में कुल 3.87 फीसदी योगदान रहा।

इसी प्रकार 2020-2021 में जिले में 6730 का लक्ष्य था। जिसमें 8545 यानी 126.96 प्रतिशत नसबंदी हुई। इसमें महिलाओं के लक्ष्य 6057 में 8507 और पुरुषों के 673 में से 38 ने ही नसबंदी कराया। महिलाओं का प्रतिशत 140.4 और पुरुषों का नसबंदी में कुल 5.6 फीसदी योगदान रहा।

वहीं 2021-22 शासन ने पुरुषों के 199 और महिलाओं के 7290 का नसबंदी कराने के लिए लक्ष्य तय किया है। अप्रैल से लेकर 19 जुलाई तक कुल 183 महिलाओं एवं एक पुरुष ने अबतक नसबंदी कराया है। इसमें अबतक मूंदी में सबसे ज्यादा 69 महिलाओं ने नसबंदी कराया। जबकि एक पुरुष ने पंधाना में नसंबदी कराया।

शहरी क्षेत्र में लोग अन्य संसाधन का करते हैं उपयोग

  • परिवार नियोजन के लिए शहरी क्षेत्र में अन्य संसाधन पुरुष व महिलाएं उपयोग करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में लोग नसबंदी पर ही ज्यादा विश्वास करते हैं। इसलिए नसबंदी की आंकड़ा शहरी से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में रहता है। -एनके सेठिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी
खबरें और भी हैं...