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कोरोना काल:1 माह में 45 ने की खुदकुशी, इनमें 35 पुरुष

खंडवा10 महीने पहले
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  • लॉकडाउन के चलते बेरोजगारी बढ़ी, आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह, गहरा अवसाद बना आत्महत्या की वजह, मृतकों में 10 महिलाएं शामिल, खंडवा पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया
  • कोरोना के संक्रमण से 18 अप्रैल से 7 जून तक 17 मौतें हुई, मनोचिकित्सक बोले- छोटी परेशानियों को भी बड़े रूप में महसूस करने लगे हैं लोग

विश्व कोरोना से जूझ रहा है, लेकिन वायरस से ज्यादा जानलेवा साबित हो रहा है अवसाद, जो कोरोना की वजह से बदली जीवनशैली और लॉकडाउन से आई आर्थिक मंदी की देन है। खंडवा जिले में कोरोना का पहला केस 8 अप्रैल को सामने आया था। कोरोना महामारी से जिले में अब तक 17 लोगों की मौत हुई हैं। कोरोनाबंदी में लोग अपने घरों में अपनों के बीच थे। इस कारण अप्रैल-मई में खुदकुशी के मामले ज्यादा नहीं हुए। मई माह में 10 लोगों ने खुदकुशी की।  अनलॉक के 34 दिन यानी 1 जून से 14 जुलाई के बीच जिले में 45 लोगों ने खुदकुशी की है। इतने लोग तो कोरानाकाल में भी नहीं मरे। कोरोना से 8 अप्रैल से 7 जून के बीच 17 लोगों की मौत हुई हैं। आंकड़े चौकाने वाले है। अनलॉक के बाद खुदकुशी करने वालों की संख्या जिले में अचानक बढ़ गई। मृतकों में ज्यादातर की उम्र 19 से 45 साल के बीच है। इनकी मौत की वजह लॉकडाउन के चलते बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह, गहरा अवसाद महसूस किया। इसके अलावा कुछ लोगों ने सूदखोर के डर, कुछ महिलाओं ने ससुराल की प्रताड़ना खुदकुशी की हैं। 45 लोगों में 35 पुरुष व 10 महिलाएं शामिल हैं। शहर के तीन थाना क्षेत्रों में 17 व ग्रामीण क्षेत्र में 28 लोगों ने खुदकुशी की हैं। 

17 ने लगाई फांसी, 16 ने कीटनाशक पीकर दी जान 
खुदकुशी करने वाले 45 लोगों में 17 अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटके। 16 ने कीटनाशक दवा पीकर जान दे दी, जबकि 28 लोगों में कुएं में डूबने, खुद पर केरोसिन डालकर जलने व ट्रेन से कटने व अन्य कारण से मरे।

दो मिनट बात कर ली जाए तो रुक सकती है घटना
^लंबे समय तक लोग घरों में रहे। इस कारण अवसाद बढ़ा। कोरोना काल में घरेलू हिंसा के मामले भी बढ़े। खुदकुशी करने वाले व्यक्ति से सिर्फ दो मिनट के लिए बात की जाए तो ऐसी घटनाएं रुक सकती हैं।  -डॉ. निधि कैथवास, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल कॉलेज 

बेरोजगारी और लगातार घर में रहने से पुरुषों में बढ़ा अवसाद 
1 जून से 14 जुलाई तक सिर्फ खंडवा शहर में 17 लोगों ने आत्महत्या की। चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें 35 पुरुष थे। मनोचिकित्सक का कहना है कि आर्थिक मंदी की वजह से बेरोजगारी या नौकरी में असुरक्षा की भावना से पुरुषों में अवसाद बढ़ा है। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. संजय इंगले कहते है कि लॉकडाउन के कारण घर में रहने से आर्थिक तंगी व पारिवारिक कलह के मामले बढ़े तनाव व अवसाद बढ़ने के कारण ज्यादातर पुरुष आत्महत्या जैसे घातक कदम उठाने को मजबूर हुए। 

अवसादग्रस्त लोगों को देंगे समझाइश, हेल्पलाइन नंबर  पर 24 घंटे कर सकेंगे संपर्क

जिले में खुदकुशी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहली बार पुलिस मित्र योजना के तहत हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस पर जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी अवसादग्रस्त व्यक्ति से संपर्क कर उसे समझाइश देंगे। मंगलवार को पुलिस कंट्रोलरूम में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसपी विवेक सिंह, एएसपी सीमा अलावा, प्रकाश परिहार, सीएसपी ललित गठरे, डीएसपी केपी डेविड व अधिकारियों ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया। एसपी ने कहा कि मानसिक तनाव, डिप्रेशन से संबंधित लोग हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सुचारू रहेगा। इस नंबर पर अन्य शिकायतें भी कर सकते हैं।  - हेल्पलाइन नंबर 7049100444

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