कोर्ट का आदेश:5 जेसीबी की मदद से 3 घंटे में ढहाया 110 साल पुराना जर्जर लॉरी हाॅस्टल

खंडवा9 महीने पहले
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पांच जेसीबी की मदद से लॉरी हॉस्टल तोड़ा गया। - Dainik Bhaskar
पांच जेसीबी की मदद से लॉरी हॉस्टल तोड़ा गया।
  • छात्रावास प्रेरणा ज्ञानोदय शिक्षण समिति न्यू हरसूद को दिया था किराए पर

1911 (110 साल पहले) में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया लॉरी होस्टल जर्जर होने पर शनिवार सुबह जिला सत्र न्यायाधीश एलडी बौरासी के आदेश बाद ढहा दिया। यह भवन उत्कृष्ट स्कूल परिसर में बना हुआ था। खस्ताहाल भवन गिराए जाने के बाद जमीन उत्कृष्ट स्कूल को सौंप दी गई।

लोक निर्माण विभाग द्वारा 50 साल से अधिक पुराना और जीर्ण-शीर्ण भवन होने के कारण इसे पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था। इसी सरकारी भवन में 1969 से गांधी स्मारक समिति द्वारा छात्रावास का संचालन किया जा रहा था। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को नि:शुल्क रहने की सुविधा दी जाती थी। इसी आधार पर पूर्व में समिति ने लोअर कोर्ट से स्टे ले लिया था। लॉरी हॉस्टल को तीन घंटे में पांच जेसीबी की मदद से तोड़ा गया।

17 जून 2019 को संबंधित संस्था ने पंजीयन कराया। समिति की ओर से अध्यक्ष डॉ.मुनीष मिश्रा ने 160 बाय 200 वर्गफीट जमीन यानी 32000 वर्गफीट का अधिपत्य समिति का बताया था। सुनवाई के दौरान स्पष्ट हो गया कि भवन सरकारी है। इसका निर्माण लोक निर्माण विभाग ने किया था। इसमें बिना पंजीयन गांधी छात्रावास समिति ने कई सालों तक संचालन किया। न्यायालय ने समिति अध्यक्ष मुनीष मिश्रा का स्टे खत्म कर दिया।

छात्रावास भवन समिति ने दे दिया था किराए पर
समिति द्वारा भवन का उपयोग व्यावसायिक रूप से करते हुए प्रेरणा ज्ञानोदय शिक्षण समिति न्यू हरसूद को 15 हजार रु. मासिक किराए पर दे दिया। भवन में किसी तरह का छात्रावास का संचालन नहीं था। फैसले में लिखा कोई राज्य की संपत्ति को लेकर निषेधाज्ञा प्राप्त करने में सफल होता है तो शासकीय संपत्ति की रक्षा करना दुष्कर हो जाएगा।

जानिए... 3 घंटे इस तरह चली कार्रवाई

  • सुबह 9 बजे से निगम परिसर में जर्जर भवन हटाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और निगम के अधिकारी-कर्मचारी एकत्र हुए।
  • निगम से 9.30 बजे 5 जेसीबी, डंपर व पुलिस बल सहित अफसर उत्कृष्ट स्कूल पहुंचे।
  • पहले गांधी स्मारक समिति के बोर्ड वाले स्थान को ढहाया ।
  • कक्षों में लगे ताले-कर्मचारियों ने हथौड़ों से तोड़े और उसमें रखा सामान बाहर निकालकर कमरों को जेसीबी से तोड़ दिया।
  • कमरों में पलंग, गादी, टेबल-कुर्सी सहित अन्य पुराना सामान रखा था। इसे निकालकर मौजूद लोगों ने सूची बनाई।

जीर्ण-शीर्ण होने के कारण हटाया
शासकीय परिसर है। लोक निर्माण विभाग ने इसे जीर्णशीर्ण घोषित किया है। यह खतरनाक था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश का आदेश 10 मार्च 2021 को हुआ है। इसमें घोषित कर पुरानी निषेधाज्ञा को अपात्र घोषित किया है। जमीन शिक्षा विभाग के कब्जे में दी जा रही है।
-ममता खेड़े, एसडीएम, खंडवा

इनकी उपस्थिति में हुई कार्रवाई
मामले में कलेक्टर और उत्कृष्ट स्कूल की तरफ से पैरवी शासकीय लोक अभियोजक मनीष बरोले ने की। जर्जर भवन को हटाने की कार्रवाई एसडीएम ममता खेड़े, तहसीलदार प्रतापसिंह अगास्या, उपायुक्त दिनेश मिश्रा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने की।

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