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  • 7 Years Ago In Sihara, Khandwa, A 6 year old Girl Was Thrashed To Death By Dogs; Government Will Give 2 Lakh Rupees. Compensation Of

MP मानवाधिकार आयोग का फैसला:खंडवा के सिहाड़ा में 7 साल पहले 6 साल की बालिका को कुत्तों ने नोचकर मार डाला था; सरकार देगी 2 लाख रु. का मुआवजा

खंडवा2 महीने पहले
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प्रतीकात्मक चित्र। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक चित्र।

खंडवा के सिहाड़ा में 7 साल पहले एक बालिका पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था, शरीर को नोंचकर घायल कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई थी। मामले में मप्र मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरु की। 2014 के बाद अब फैसला सुनाते हुए परिवार को 2 लाख रुपए का मुआवजा देने सरकार को आदेशित किया है।

मानवाधिकार आयोग के मुताबिक, खंडवा जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर ग्राम सिहाड़ा में 22 अप्रैल 2014 को आवारा कुत्तों ने 6 साल की बालिका आरती पिता शांतिलाल को नोचकर मार डाला था। घटना पर संज्ञान लेकर आयोग ने परिवार को मुआवजा राशि देने की अनुशंसा की है। आयोग द्वारा यह विचार करते हुए कि, आम नागरिक को सुरक्षित वातावरण में जीने का पूर्ण अधिकार है। इसीलिए स्थानीय निकायों अर्थात नगर पालिका, नगर परिषद की यह मूल जवाबदारी है कि वह जनहित में सुरक्षित व्यवस्थायें, वातावरण बनाएं।

नागरिकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की बाधा या मानव अधिकारों का उल्लंघन संभावित दिखाई देने पर उसको नियंत्रित करने व ऐसी बाधा या बाधाओं को हटाने की पूरी जवाबदारी स्थानीय निकायों के अधिकारियों की ही है। आयोग द्वारा नागरिकों की गरिमा व उनके जीवन के अधिकार की सुरक्षा तथा नागरिकों के मानव अधिकारों के हनन को रोकने की मंशा से ही यह अनुशंसा की गई है।

प्रशासन को मुस्तैदी से काम करने की जरुरत

अनुशंसा में आयोग ने कहा कि, इस मामले में आयोग द्वारा राज्य शासन के विभागों, कलेक्टर एवं नगरीय निकाय से जिन बिंदुओं पर जानकारियां चाही गई थीं, वे जानकारियां नहीं दी गईं। सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयों के प्रकरणों में इस संदर्भ में दिए गए निर्णयों व ग्राम पंचायत व नगर पलिका अधिनियम का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने यह अपेक्षा की है।

चूंकि सड़कों व रहवासी क्षेत्रों को आवारा पशुओं से सुरक्षित बनाने की पूरी जवाबदारी स्थानीय निकाय प्रशासन की ही है। इसीलिए स्थानीय निकाय प्रशासन को इस जवाबदारी पर और अधिक मुस्तैदी से काम करने की जरूरत है।

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