फर्जीवाड़े का ‘उद्याेग’:सूक्ष्म व लघु उद्योग स्थापित करने के नाम पर महिलाओं से 7.40 लाख की धोखाधड़ी

खंडवा8 महीने पहले
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  • इंदौर की गुप्ता ट्रेडर्स के प्रोपराइटर सहित 3 पर केस दर्ज

सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने के नाम पर फर्जी कंपनी के मालिक और उसकी पत्नी द्वारा खंडवा की महिलाओं से 7.40 लाख की धोखाधड़ी की गई। ग्रुप लीडर प्रीति कुमुद निवासी कंचन नगर खंडवा की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने फर्जी कंपनी गुप्ता ट्रेडर्स के प्रोपराइटर दिलीप पिता मनगुरू गुप्ता, स्वीटी गुप्ता दोनों निवासी निपानिया इंदौर व सेहनकुमार, सुभाष कुमार के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

फरियादी प्रीति कुमुद ने बताया इंदौर की गुप्ता ट्रेडर्स कंपनी स्वरोजगार का दावा कर रही थी। खंडवा जिले की महिलाओं के 36 ग्रुप बनाए। प्रत्येक ग्रुप में 10 महिलाओं के साथ एक ग्रुप लीडर व नौ महिलाएं थीं। सभी की डेली रिपोर्ट देने के लिए कंपनी ने प्रयास गुप्ता को नियुक्त किया। अक्टूबर 20 में दिलीप और उनकी पत्नी ने खंडवा में ग्रुप सदस्यों की बैठक ली थी। प्रत्येक सदस्य से 2 हजार रुपए जमा करवाए। 5 दिसंबर को सेंटर चालू करना था।

रुपए लेने के बाद ऐसे की धोखाधड़ी
दिलीप गुप्ता व स्वीटी ने इंदौर के ग्रीन निपानिया के पास किराये का फ्लेट लिया। फर्जी कंपनी के प्रोपराइटर द्वारा खंडवा के अलावा इंदौर, झाबुआ व अन्य शहरों में भी धोखाधड़ी की है। अब तक मिली जानकारी अनुसार फर्जी कंपनी ने 150 ग्रुप बनाए। जिनसे करीब 30 लाख रुपए एकत्र किए। सभी को आश्वासन दिया कि 15 दिसंबर तक सेंटर्स पर मशीनें फीट कर दी जाएंगी। इसके बाद कहा कि 25 दिसंबर तक मशीनें आएंगी। फिर अचानक गुप्ता दंपती ने अपने मोबाइल बंद कर लिए और इंदौर से फरार हो गए। आरोपियों ने इंदौर में ऑफिस भी खोलकर कर्मचारियों की भर्ती भी की थी।

आरोपी के विरुद्ध साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं
^आरोपी दिलीप गुप्ता व उसकी पत्नी के खिलाफ इंदौर, झाबुआ में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए हैं। करीब 15 लोगों ने लिखित शिकायत की थी। जांच के बाद धारा 420 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी का आधार कार्ड, पेन कार्ड सहित साक्ष्य एकत्र कर तलाश की जाएगी।
-विजय वर्मा, उपनिरीक्षक कोतवाली, खंडवा

महिलाओं से बार-बार कहता था- एडवांस डीडी मत दो
फर्जी कंपनी के ब्लॉक प्रोग्रामिंग ऑफिसर रह चुके प्रयास गुप्ता ने बताया कि समाचार पत्र में विज्ञापन देखकर मैंने भी गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी के कथित संचालक दिलीप गुप्ता से फोन पर संपर्क किया। फिर मेरी नौकरी लग गई। गुप्ता अपनी पत्नी के साथ दो-तीन बार खंडवा आया। जब उसने एडवांस में डीडी मांगी तो मुझे मामला गड़बड़ लगा। मैंने अपने ग्रुप की महिलाओं से एक बार नहीं बल्कि बार-बार कहा था कि आप पहले डीडी मत दो। मशीनें आ जाने के बाद डीडी जमा करना। महिलाओं ने मेरी

किसी को पता नहीं कहा रहता है आरोपी दिलीप खुद को दिल्ली का बताता था, जबकि उसके पास झारखंड पासिंग की कार थी। आरोपी का पेन कार्ड व आधार कार्ड की फ्रंट वाली फोटो सामने आई है। जिस पर नाम व उम्र लिखी हुई है। आरोपी कहां का रहने वाला है पता नहीं चला है।

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