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  • 80 Patients Came Post Covid, 35 Of Them Black Fungus, 20 Had Lost Their Taste, It Took 10 Days To Recover

अच्छी बात:पोस्ट कोविड के 80 मरीज आए, इनमें 35 ब्लैक फंगस के, 20 की जुबान का स्वाद चला गया था, ठीक होने में लग रहे 10 दिन

खंडवा12 दिन पहले
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  • एक जून से जिला अस्पताल में शुरू हुई थी पोस्ट कोविड ओपीडी, सवा तीन महीने में सामने आ रहे मरीजों के इलाज में जुटा स्वास्थ्य विभाग
  • अधिकांश मरीज इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं
  • डॉक्टर्स की सलाह : कोरोना से ठीक हुए मरीज संतुलित आहार लेकर नियमित व्यायाम करें

मेरी उम्र 53 साल है और माता चौक पर रहता हूं। मैं अप्रैल में कोरोना से संक्रमित हुआ था। तबियत ज्यादा खराब हुई तो परिजन इलाज के लिए इंदौर ले गए। वहां एक सप्ताह अस्पताल में भर्ती रहा। डॉक्टरों ने इलाज के दौरान बताया कि ब्लैक फंगस भी हो गया है। इंदौर में ही मेरा ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद लंबे समय तक नाक से काला पदार्थ जैसा निकलता रहा। खंडवा जिला अस्पताल में नियमित जांच के बाद डॉक्टर ने इलाज शुरू किया। अब बहुत हद तक समस्या खत्म हो गई है।

ऐसी समस्या किसी एक मरीज की नहीं बल्कि पोस्ट कोविड वाले लगभग 80 से अधिक लोगों की है। कोरोना पॉजिटिव कुछ मरीजों को ठीक होने के बाद सिरदर्द, जुबान के स्वाद में बदलाव, सर्दी-खांसी, शुगर, सांस लेने में दिक्कत, कमजोरी, बालों का झड़ना, दस्त जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

ये पोस्ट कोविड 80 मरीज सवा तीन महीने में जिला अस्पताल की पोस्ट कोविड ओपीडी में इलाज के लिए आए। सबसे अधिक इंदौर में ब्लैक फंगस का इलाज कराने वाले 35 मरीज हैं। ब्लैक फंगस से पीड़ित 8 से 10 मरीजों की अभी भी रूटिन चेकअप के साथ अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में ईएनटी विशेषज्ञ नेजल एंडोस्कोपी कर रहे हैं।

एसीडीटी और दस्त की बनी रहती थी समस्या

मैं रामनगर में रहता हूं। मेरी उम्र 48 साल है। अप्रैल में कोरोना पॉजिटिव हुआ था। जिला अस्पताल में इलाज के बाद कोरोना के संक्रमण से तो ठीक हुआ, लेकिन अपच (एसीडीटी) की समस्या शुरू हो गई। दस्त होने की दिक्कत पर डॉक्टर से मिला। दवाओं से अब आराम है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता घटी तो होने लगे बीमार

मैं पदमनगर में रहता हूं। मई में कोरोना पॉजिटिव हुआ था। अस्पताल में एक सप्ताह से ज्यादा भर्ती रहा। मेरी उम्र 42 साल है। कोरोना से ठीक होने के बाद भी समस्याएं कम नहीं हुई। सर्दी-खांसी के साथ ही बार-बार बुखार आ रहा था। अस्पताल की ओपीडी में इलाज कराया।

लंबे समय तक लिया स्टेरायड, शुगर बढ़ी

कोरोना संक्रमण से मैं मार्च में बीमार हुआ था। इलाज के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए लंबे समय तक स्टेरायड का डोज लिया। समस्या होने पर इलाज के लिए अस्पताल गया तो शुगर की समस्या हो गई। मैं 50 साल का हूं। आनंद नगर में रहता हूं। दवा से शुगर कंट्रोल कर रहा हूं।

ब्लैक फंगस के मरीजों को थी शुगर और मेमोरी लॉस की समस्या

पोस्ट कोविड ओपीडी में आए ब्लैक फंगस के 35 में से 20 मरीजों को शुगर के साथ मेमोरी लॉस और स्वाद न आने की समस्या भी थी। वहीं ओपीडी में स्वाद न आने की समस्या के 20, बाल झड़ना व याददाश्त जाने और अल्सर के 15-15 मरीज आए।

मरीजों का कर रहे इलाज

पोस्ट कोविड वाले मरीजों में शुगर, एसीडीटी, उल्टी-दस्त और बाल झड़ने की समस्या आ रही है। ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच के बाद इलाज किया जा रहा है।
डॉ.पंकज जैन, एमडी मेडिसिन, मेडिकल कॉलेज

कर रहे मरीजों का नेजल एंडोस्कोपी
अस्तपाल के ऑपरेशन थिएटर में ब्लैक फंगस के मरीजों की नेजल एंडोस्कोपी की जाती है। पोस्ट कोविड ओपीडी में ब्लैक फंगस के आठ से दस मरीज अभी आ रहे हैं।
डॉ.सुनील बाजोलिया, ईएनटी विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज

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