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खंडवा संसदीय सीट पर उपचुनाव:42 साल बाद लोस सीट पर दूसरी बार उपचुनाव, यहां आदिवासी वोट बड़ी ताकत, क्योंकि आठ में से चार विस सीटें एसटी के लिए आरक्षित

खंडवा/खरगोन/ बुरहानपुर2 महीने पहले
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आचार संहिता लगते ही प्रशासन ने राजनीतिक बैनर-पोस्टर ढंकवाए। - Dainik Bhaskar
आचार संहिता लगते ही प्रशासन ने राजनीतिक बैनर-पोस्टर ढंकवाए।
  • 30 अक्टूबर को मतदान और 2 नवंबर को वोटों की गिनती, 1 से 8 अक्टूबर तक जमा होंगे नामांकन
  • 1979 में पहली बार उपचुनाव: भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे चुने गए थे
  • 6 बार के सांसद नंदकुमार चौहान का इसी साल मार्च में कोरोना से निधन। तब से रिक्त थी खंडवा लोस सीट
  • इस सीट पर अब तक हुए 17 लोस चुनाव, 9 कांग्रेस जीती, 7 भाजपा और एक बार भारतीय लोकदल
  • संसदीय क्षेत्र की 8 में से 5 विस सीटों पर भाजपा, दो पर कांग्रेस व एक पर निर्दलीय का कब्जा है

भाजपा सांसद नंदकुमार चौहान के निधन के बाद रिक्त हुई खंडवा लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा मंगलवार को हो गई। 30 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान होगा और 2 नवंबर को वोटों की गिनती होगी। तारीखों के एलान के साथ खंडवा लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले 8 विधानसभा क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई। इन सीटों पर आदिवासी वोट बड़ी ताकत, क्योंकि आठ में से चार सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं।

खंडवा लोकसभा सीट के चुनाव के लिए 1 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी। प्रत्याशी 1 से 8 अक्टूबर तक नामांकन जमा कर सकेंगे। 11 अक्टूबर को फार्म की जांच होगी। 13 अक्टूबर को नाम वापस के बाद दोपहर 3 बजे चुनाव चिह्न का आवंटन होगा। लोस के लिए कलेक्टर कोर्ट में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशियों के नामांकन फार्म ऑनलाइन और ऑफलाइन जमा होंगे।

ऑनलाइन नामांकन जमा करने वाले प्रत्याशी को अपने नामांकन की एक प्रति निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करनी होगी। अभी तक किसी भी दल ने अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। खंडवा लोकसभा सीट पर 42 साल में दूसरी बार उपचुनाव की स्थिति बनी है। देश में आपातकाल के बाद 1977 में बीएलडी के चिह्न पर बुरहानपुर निवासी परमानंद ठाकुरदास गोविंदजीवाला चुनाव जीते थे। दिल्ली में दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद 1979 के उपचुनाव में जनता पार्टी के टिकट पर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे चुनाव लड़े और जीते। साल 2019 में छठी बार भाजपा से सांसद चुने गए नंदकुमारसिंह चौहान का इसी साल मार्च में कोरोना से निधन हो गया था। 1996 से 2019 तक लगातार 7 में से 6 चुनाव में भाजपा के चौहान ही जीते। 2009 में कांग्रेस से अरुण यादव सांसद का चुनाव जीते थे।

राजनीति- लोस सीट के लिए 4 जिलों के 8 विस क्षेत्रों में चुनाव, भाजपा विधायक ज्यादा

  • बागली विस : देवास जिले की बागली विस सीट भाजपा से पूर्व सीएम कैलाश जोशी 9 बार यहां से विधायक रह चुके हैं। 1998 में एक बार कांग्रेस जीती। 2008 में आदिवासी सीट हुई। अभी पहाड़सिंह कन्नौजे भाजपा विधायक हैं।
  • मांधाता विस: इस सीट पर 1967 से 2018 तक सात बार भाजपा और तीन बार कांग्रेस तथा एक बार निर्दलीय प्रत्याशी जीता। 2020 के विस उपचुनाव में कांग्रेस से भाजपा में आए नारायण पटेल विधायक बने।
  • खंडवा विस: 1990 से खंडवा सीट से लगातार भाजपा जीत रही है। देवेंद्र वर्मा तीसरी बार भाजपा के विधायक हैं। 1951 से 90 के पहले 6 बार कांग्रेस, एक-एक बार जनसंघ-जनता पार्टी के विधायक रहे।
  • पंधाना विस : पंधाना सीट कभी कांग्रेस का गढ़ थी। 2003 से भाजपा लगातार यहां से जीत दर्ज कर रही है। 2018 में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता व भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री विधायक राम दांगोरे जीते।
  • नेपानगर विस: 1977 में बनी नेपानगर सीट से दोनों ही उपचुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की। 2003 से 2013 तक भाजपा लगातार जीती। 2020 में कांग्रेस से भाजपा में आई सुमित्रा कास्डेकर विधायक बनीं।
  • बुरहानपुर विस: इस सीट पर 1985 से 2018 के बीच हुए आठ चुनावों में से चार बार निर्दलीय प्रत्याशी विधायक बने। 2008 व 2013 में भाजपा के पाले में सीट रही। 2018 में निर्दलीय सुरेंद्रसिंह शेरा विधायक बने।
  • भीकनगांव विस: 1962 से 2018 तक 6 बार कांग्रेस और पांच बार भाजपा जीती। 1977 में सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हुई। 2013 से कांग्रेस की झूमा सोलंकी विधायक हैं।
  • बड़वाह विस: सामान्य सीट बड़वाह में सगे भाई भाजपा-कांग्रेस से 2013 के चुनाव में आमने सामने प्रत्याशी थे। तब भाजपा जीती थी। 2018 में बड़वाह सीट से कांग्रेस के सचिन बिड़ला विधायक है।

सख्ती - रोड शो, वाहन रैली प्रतिबंधित, आमसभा में 500 से ज्यादा लोगों पर भी प्रतिबंध

बुरहानपुर| इस बार प्रत्याशी के समर्थन में रोड शो और वाहन रैली प्रतिबंधित रहेगी। आमसभा में 500 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। लोगों की संख्या का रिकार्ड भी रखना होगा। स्टार प्रचारक की सभा में एक हजार लोग ही जुटाए जा सकेंगे। इसमें कोविड गाइड लाइन का उल्लंघन हुआ तो स्टार प्रचारक उप चुनाव में फिर प्रचार नहीं कर पाएंगे।

  • इनडोर : भवन, हॉल, ऑडिटोरियम में क्षमता से 30% और अधिकतम 200 लोगों के साथ ही सभा की जा सकेगी।
  • आउटडोर : मैदान की क्षमता से 50% या अधिकतम 500 लोगों को ही आमसभा में शामिल किया जा सकेगा। स्टार प्रचारक आने पर एक हजार लोगों की ही अनुमति रहेगी।
  • स्टार प्रचारक : उप चुनाव में स्टार प्रचारकों की संख्या अधिकतम 20 और गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों के लिए 10 रहेगी।
  • रैली-रोड शाे : उपचुनाव में रोड शो, बाइक, कार, साइकिल रैली की अनुमति नहीं होगी। नुक्कड़ सभा में अधिकतम 50 लोग ही शामिल हों सकेंगे। प्रचार 3 प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर जाकर प्रचार कर सकेंगे, लेकिन इसकी अधिकतम संख्या पांच ही होगी।

मैदान में कौन ये तय नहीं : भाजपा में टिकट पर असमंजस, कांग्रेस में तस्वीर लगभग साफ

भाजपा में टिकट को लेकर फिलहाल असमंजस बना हुआ है। भाजपा में हर्षवर्धन चौहान, अर्चना चिटनीस, अशोक पालीवाल, कैलाश विजयवर्गीय और कृष्णमुरारी मोघे का नाम चर्चा में है। लेकिन इनके अलावा कोई चौकाने वाला नाम भी सामने आ सकता है। इधर, कांग्रेस से एकमात्र अरुण यादव मैदान में नजर आ रहे हैं।

116 नए मतदान केंद्र बनाने का भेजा प्रस्ताव

खरगोन| भीकनगांव में 55 व बड़वाह में 61 नए मतदान केंद्र बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। 1000 से ज्यादा आबादी के हैं। यह जानकारी कलेक्टर अनुग्रहा पी ने दी। पिछली बार 70 फीसदी मतदान हुआ था। इससे ज्यादा का लक्ष्य रखेंगे। शिलान्यास, भूमिपूजन जैसे कार्यक्रम नहीं होंगे।

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