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दूसरे की जिंदगी बचाई, रास्ते में गई जान:खंडवा में दो युवक ब्लड डोनेट करके गांव जा रहे थे; ट्रैक्टर की टक्कर से दोनों की मौत

खंडवा2 महीने पहले
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खंडवा में हुए सड़क हादसे में दो ब्लड डोनर्स की जान चली गई। गुरुवार को दोनों दोस्त अपने गांव से ब्लड डोनेट करने खंडवा आए थे। यहां ब्लड डोनेट करने के बाद रात को घर लौट रहे थे। हाईवे पर सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं इंदौर में भर्ती अजय ने शुक्रवार रात दम तोड़ दिया। दोनों 20 से ज्यादा बार ब्लड डोनेट कर चुके थे।

हादसा गुरुवार रात 10 बजे खंडवा-पुनासा हाईवे पर गांव बांगरदा में हुआ था। गांव चिकटीखाल (पुनासा) निवासी अजय सिंह तोमर और दीपक गुर्जर को जिला अस्पताल से ब्लड डोनेट करने के लिए फोन आया था। इस पर दोनों ब्लड देने के लिए खंडवा आए। यहां ब्लड डोनेट करने के बाद बाइक से खंडवा से गांव की तरफ जा रहे थे। तभी बांगरदा में सामने से तेज रफ्तार ट्रैक्टर (MP 12 AC 9381) ने टक्कर मार दी। घटनास्थल पर ही दीपक गुर्जर ने दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल अजय सिंह को इंदौर ले जाया गया। शुक्रवार रात इलाज के दौरान अजय सिंह ने भी दम तोड़ दिया। थाना मूंदी पुलिस ट्रैक्टर को जब्त कर वाहन मालिक पर केस दर्ज किया है।

दोनों 20 से ज्यादा बार ब्लड डोनेट कर चुके
खंडवा जिला अस्पताल के ब्लड बैंक अधिकारी साकेत सिंह ठाकुर ने बताया कि चिकटीखाल के अजयसिंह तोमर और दीपक गुर्जर काफी सक्रिय रक्तदाता थे। जरुरतमंद की मदद के लिए आधी रात को फोन करने पर पहुंच जाते थे। जब भी हम ग्रामीण इलाकों में रक्तदान कैंप आयोजित करते, दोनों का काफी सहयोग रहता। 26-27 साल की उम्र में दोनों दोस्त अब तक करीब 20-20 बार ब्लड डोनेट कर चुके थे।

अजयसिंह तोमर को एक कार्यक्रम में प्रमाण-पत्र देते ब्लड बैंक अधिकारी। - फाइल
अजयसिंह तोमर को एक कार्यक्रम में प्रमाण-पत्र देते ब्लड बैंक अधिकारी। - फाइल

अजय की डेढ़ साल की बेटी
अजय सिंह तोमर की डेढ़ साल की बेटी है। वह अभी चलना सीखी थी कि सिर से पिता का साया उठ गया। करणी सेना के धर्मेंद्र झाला ने बताया कि समाजसेवा में दोनों दोस्त काफी सक्रिय थे। उनके गांव चिकटीखाल ही नहीं, बल्कि पूरे पुनासा-मूंदी क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। पेशे से अजय खेती और दीपक थर्मल प्लांट में ड्राइवरी करता था।