अक्षय से फहीम बने इंजीनियर की कहानी:आलिम के झांसे में आकर इस्लाम कबूला; दोस्तों ने गंगाजल पिलाकर फिर हिंदू बनाया

खंडवा2 महीने पहले

मध्यप्रदेश के खंडवा में एक सिविल इंजीनियर का ब्रेनवॉश कर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नूरानी मस्जिद के आलिम अमीनुद्दीन कादरी ने इंजीनियर अक्षय गौर को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काकर उसका ब्रेनवॉश किया। कभी उसे नौकरी दिलाने का लालच दिया, कभी धमकाया, फिर मस्जिद में कलमा पढ़वाकर उसका धर्म परिवर्तन कर दिया। पूरा मामला जानने से पहले पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए...

अक्षय के फहीम खान बनने की कहानी उसी की जुबानी...
सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद भी मैं बेरोजगार था। पांच महीने पहले मैं नागचून इलाके के पार्क में बैठा था। मैं मायूस था। वहां आलिम आया। उसने मुझसे कहा कि तुम परेशान लग रहे हो। तुम्हारा सब अच्छा होगा। इसके लिए हिंदू धर्म छोड़ना होगा। अल्लाह का रास्ता अपनाओ। मस्जिद में आना। वहां नमाज पढ़कर देखो। तुम्हें अच्छा लगेगा। आलिम की बात सुनकर मैं दूसरे दिन मस्जिद में पहुंचा तो उसने हिंदू धर्म की बुराई शुरू कर दी। उसने यह भी कहा कि मैंने कई हिंदुओं को मुस्लिम बनाया है।

दो-तीन दिन लगातार मस्जिद में गया। आलिम ने कहा कि हिंदू हो या सिख या फिर क्रिश्चियन कितनी ही पूजा कर लो, जहन्नुम नसीब होता है। इस्लाम ही ऐसा धर्म है कि अल्लाह की इबादत करने से जन्नत मिलेगी। आलिम की ये बातें मेरे दिमाग पर असर करने लगी। आलिम ने मुझे कलमा पढ़वाकर मेरा धर्म बदल दिया। उसने मुझे फहीम खान नाम दिया। जब मैंने अक्षय नाम बदलकर फेसबुक पर फहीम खान डाला तो मेरे दोस्त और परिजन हैरान हो गए। दोस्तों ने मुझे समझाया। मैं फिर आलिम के पास गया। कभी मुझे बरगलाकर तो कभी डराकर मुस्लिम धर्म में बने रहने का दबाव बनाया।

अक्षय गौर ने सिविल इंजीनियरिंग की है। उसकी फेसबुक ID भी अक्षय गौर के नाम से है। इसी पर उसने पोस्ट कर धर्म परिवर्तन की सूचना देते हुए अपना नाम फहीम खान बताया था। अब फिर से उसने हिंदू धर्म को अपना लिया है।
अक्षय गौर ने सिविल इंजीनियरिंग की है। उसकी फेसबुक ID भी अक्षय गौर के नाम से है। इसी पर उसने पोस्ट कर धर्म परिवर्तन की सूचना देते हुए अपना नाम फहीम खान बताया था। अब फिर से उसने हिंदू धर्म को अपना लिया है।

गंगाजल पिलाकर दोस्तों ने फहीम को फिर अक्षय बनाया
अक्षय गौर ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर कर धर्मांतरण की सूचना दी थी। पोस्ट में उसने लिखा था- 'मैंने अपना नया धर्म चुन लिया है। मेरा नया नाम फहीम खान है'। जब उसके हिंदू दोस्तों ने उसकी पोस्ट देखी तो हैरान रह गए। अक्षय के दोस्त विशाल पासी और अन्य ने उसे समझाया और अपने साथ महादेवगढ़ मंदिर ले गए। मंदिर में अक्षय को बैठाकर भोलेनाथ की पूजा और अनुष्ठान कराया गया। मंत्रोच्चार के साथ उसे गंगाजल पिलाया गया। अक्षय का कहना है कि मेरा ब्रेनवॉश किया गया था। शुक्र है, मेरे दोस्तों ने मुझे आलिम के जाल से बाहर निकाला। गंगा जल पिलाकर मेरा शुद्धिकरण किया और फिर मुझे हिंदू बना दिया।

पिता बोले- छिपकर नमाज पढ़ता था बेटा
अक्षय के पिता शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि बेटा घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में छिपकर नमाज पढ़ता था। हमने उसे देखकर पूछताछ की तो वह बोलने लगा कि हमें जन्नत मिलेगी। मेरे साथ तुम भी मुस्लिम बन जाओ। ये बातें सुनकर हम तनाव में आ गए। हम इनकार करते थे तो वह आक्रोशित हो जाता था। आलिम तो मुझे भी मुस्लिम बनाना चाहता था।

आलिम के खिलाफ FIR
खंडवा के SP विवेक सिंह ने बताया- युवक की शिकायत पर मोघट थाना पुलिस ने गुरुवार रात आलिम अमीनुद्दीन कादरी पर धार्मिक भावना आहत करने और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

आलिम ने आरोपों को झूठा बताया
नूरानी मस्जिद के आलिम अमीनुद्दीन कादरी का कहना है कि मुझ पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। युवक खुद ही मस्जिद में मुस्लिम बनने आया था। हमने उसे सलाह दी कि कानून के अनुसार काम करें। हम इस तरह के काम नहीं करते हैं, लेकिन वह नहीं माना।

धर्मांतरण स्वैच्छिक और संवैधानिक अधिकार: शहर काजी
शहर काजी सैय्यद निसार अली का कहना है कि धर्मांतरण स्वैच्छिक है और संवैधानिक अधिकार है। जिस अक्षय नाम के युवक की बात हो रही है, वह खुद मस्जिद आकर नमाज पढ़ता था। इसके पहले वह कई सालों से इस्लाम धर्म की पुस्तकें पढ़ा करता था। उसने मस्जिद के आलिम को धर्मगुरु मान लिया और मुस्लिम नाम भी लिया है। युवक 24 साल का है, इसलिए उसे डराने या धमकाने की बात तो बनती ही नहीं है। आलिम पर धर्मांतरण के मामले में FIR दर्ज हुई है, न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे।

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