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एंबुलेंस के इंतजार में ही तोड़ा दम:एक घंटे तक नहीं आई एंबुलेंस, इंतजार में चली गई सड़क दुर्घटना में घायल बुजुर्ग की जान

खंडवा2 महीने पहले
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कहने के लिए तो जिले में 11 एंबुलेंस मरीजों की सेवा के लिए दौड़ रही हैं लेकिन हकीकत में वे समय रहते मरीजों तक पहुंच नहीं पा रही। मूंदी अस्पताल में सड़क हादसे में घायल हुए एक बुजुर्ग ने एंबुलेंस के इंतजार में ही दम तोड़ दिया। वहीं, सिरपुर मोड़ पर ट्रैक्टर ने बाइक सवार सहायक सचिव को टक्कर मारकर करीब 80 फीट तक घसीट दिया। यहां भी एंबुलेंस पौन घंटे तक नहीं आई।

मूंदी पुलिस के अनुसार हेड़ई गांव में रहने वाले 60 वर्षीय प्यारे सिंह पत्नी व बेटी के साथ घर से निकले। वे बेटी का आधारकार्ड में संशोधन करवाने जा रहे थे। पीपलकोटा गांव के रास्ते पर खड़े होकर वे बस का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच तेज रफ्तार बाइक ने रोड किनारे खड़े प्यारे सिंह को टक्कर मार दी। टक्कर से प्यारे सिंह रोड पर गिर गए। उनके सिर और मुंह से खून बहने लगा। बाइक पर दो लोग बैठे थे। वे शराब के नशे में चूर थे। घायल प्यारे सिंह काे वे मूंदी अस्पताल ले गए और वहां से छोड़कर भाग निकले।

प्यारे के परिचित दशरथ सिसोटे ने बताया कि अस्पताल में उनका इलाज नहीं किया गया। डॉक्टर ने उन्हें देखते ही जिला अस्पताल रैफर कर दिया। 108 एंबुलेंस को फोन किया। एक घंटे बाद एंबुलेंस अस्पताल पहुंची। इस बीच प्यारे दर्द से तड़पते रहे। उनका खून बहते जा रहा था। वे खंडवा पहुंच पाते इससे पहले रास्तें में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। प्यारे की बेटी का कहना है कि एंबुलेंस समय पर आ जाती तो पिता को इलाज मिल जाता और उनकी जान बच जाती। 11 प्वाइंट पर खड़ी रहती है एंबुलेंस लेडी बटलर, जिला अस्पताल कैंपस के अलावा शहर की मुख्य सड़कें व अलग-अलग स्पॉट चिह्नित कर एंबुलेंस को तैनात किया गया था। यह कवायद शासन द्वारा इसलिए की गई थी कि सूचना मिलते ही तत्काल वे घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों की जान बचाने का काम हो सके। लेकिन शहर की एंबुलेंस के हालात यह है कि वे कभी समय पर नहीं पहुंच पाती। कभी 108 पर काल ही नहीं लगता यदि लगता भी है तो भोपाल काल सेंटर से काल डायवर्ट होकर खंडवा पहुंचने में समय लग जाता है। इधर, हादसे में घायल लोग रोड पर तड़पते रहते हैं।

सिरपुर मोड़ पर खून से लथपथ घायल दर्द से कराहता रहा, पौन घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस पदमनगर पुलिस के मुताबिक टेमी खुर्द गांव में रहने वाले प्रभु पटेल सहायक सचिव है। वह बाइक से साले की शादी में शरीक होने के लिए मंगलवार दोपहर चमाटी गांव जा रहे थे। सिरपुर मोड़ पर जब वह पहुंचे तो उन्हें तेज रफ्तार से आ रहे ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। इसके बाद बाइक ट्रैक्टर के आगे साइड से जंफर में फंस गई। ट्रैक्टर प्रभु पटेल को बाइक समेत करीब 80 फीट तक घसीटकर ले गई। उसके बाद सामने केवल का रोलर से वह टकराकर पलट गया। ट्रैक्टर बाइक पर ही पलटी खाया। खुशकिस्मती से पटेल दबने से बच गए लेकिन हादसे में उन्हें सिर, आंख, जबड़े और दोनों पैर में चोंट आई। इधर, ट्रैक्टर ड्राइवर घटनास्थल से भाग निकला। छोटे भाई शुभम ने बताया भैया को कार में लेटाकर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया था लेकिन पौन घंटे तक वह नहीं पहुंची। इस दौरान भैया दर्द से कराहते रहे। परिजन ने बताया कि ट्रैक्टर चालक जामली कलां गांव के धर्मेंद्र राठौर व उसका भानजा था। दोनों जब ट्रैक्टर चला रहे थे तो वे शराब के नशे में धुत थे। बहरहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।

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