स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक:शहर से लेकर गांव तक आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता करेंगी ठिगनापन में कर्मी लाने के लिए सर्वे

खंडवा2 महीने पहले
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प्रदेश में मातृ मृत्यु दर, नवजात शिशु मृत्यु दर एवं ठिगनापन में कमी लाने के उद्देश्य से से राज्य स्तर पर टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। वहीं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से रोड मैप तैयार किया है। इसके अनुरूप क्रियान्वयन के लिए मैदानी स्तर पर आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को संयुक्त दायित्व से अवगत कराया गया।

नर्सिंग ट्रेनिंग सेन्टर में सीएचएचओ डॉ. शरद हरणे, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नविता शिवहरे, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.आर. सेठिया, डॉ. अनिता शुक्ला, समस्त सीडीपीओ सहित महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की पर्यवेक्षक एवं आशा सहयोगिनी उपस्थित रहीं। बैठक में डॉ. हरणे एवं जिले के समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों को ’’आंगनवाड़ी सह ग्रामीण-शहरी आरोग्य केन्द्र’’ बनाये जाने, समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए दोनों विभागों के सर्वेक्षित आंकड़ों में एकरूपता बनी रहे।

इस हेतु स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास विभाग के आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा माह अक्टूबर एवं अप्रैल में संयुक्त रूप से सर्वे कर उसे सर्वेक्षण पंजी में दर्ज कराये जाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में जिले के सभी गांवों में विवाह, गर्भवती, जन्म, मृत्यु, धात्री, माता और जन्म से 6 वर्ष आयुवर्ग के बच्चे, 14 से 18 आयु वर्ग की किशोरी बालिकाओं का सर्वे कर उनको स्वास्थ्य व पोषण आहार देकर नियमित रुप से निगरानी रखने पर चर्चा हुई। इसके साथ ही हाईरिस्क गर्भवती महिला को समय पर रैफर किया जाए।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा साथ में अपडेशन कर हितग्राहियों का पंजीयन, पूरक पोषण आहार, गृहभेंट, रेफरल सेवाएं, दस्तावेजीकरण एवं अद्यतीकरण जैसे समस्त कार्य संपादित करेगी। इसके साथ ही वह मासिक व त्रैमासिक कार्याें की संयुक्त रिपोर्ट ग्राम परिवार जानकारी रजिस्टर में दर्ज करेगी।

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