कब्जे का मामला:नाथ संप्रदाय में गुस्सा, मुक्तिधाम में समाधियों को उखाड़ा, हुआ विरोध

खंडवा9 महीने पहले
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जमीन समतल कराने वाले हारून मलानी से समाधियों को ध्वस्त करने पर आपत्ति जताते गोवर्धननाथ योगी। - Dainik Bhaskar
जमीन समतल कराने वाले हारून मलानी से समाधियों को ध्वस्त करने पर आपत्ति जताते गोवर्धननाथ योगी।
  • आपत्ति : मौके पर पहुंची पुलिस, लोगों ने कहा- 25 से 30 समाधियों को तोड़ दिया
  • बुजुर्ग महिला बोलीं- मेरे बेटे की कहां है समाधि, मलबे में मिले समाधियों के साक्ष्य

गणगौर घाट स्थित मीटरगेज रेलवे ट्रैक के पास वर्षों पुराने नाथ संप्रदाय के मुक्तिधाम में बनी समाधियों को रविवार को जेसीबी-ट्रैक्टर से उखाड़ा दिया गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे संप्रदाय के लोगों ने विरोध जताया। जेसीबी और ट्रैक्टर के सामने खड़े हो गए तब जाकर समाधियों को तोड़ने काम रुका। सूचना मिलने पर मौके पर सीएसपी ललित गठरे सहित कोतवाली टीआई बीएल मंडलोई पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने मौके पर काम कर रही जेसीबी और ट्रैक्टर को जब्त कर कोतवाली थाने भेजा, लेकिन बाद में काम नहीं करने की समझाइश देकर वाहनों को छोड़ दिया।

जमीन की नपती व निराकरण के लिए पहुंचे तहसीलदार प्रतापसिंह अगास्या ने बुधवार को कार्रवाई के निर्देश देकर मौके पर मामले का पटाक्षेप कराया। इससे पहले मौके पर पहुंचे नाथ संप्रदाय के गोवर्धननाथ योगी ने कहा समाज की पूर्व में बनी 25 से 30 समाधियों को जेसीबी से समतल कर दिया गया है। मुक्तिधाम के पास की जमीन खरीदने वाले व्यक्ति हारुन मलानी ने समतलीकरण के संदर्भ में किसी प्रकार की सूचना नहीं दी। वहीं मौके पर पहुंची शांताबाई ने बताया एक साल पहले मेरे बेटे का निधन हो गया था। जिसकी यहीं पर समाधि बनाई थी। उसे भी उखाड़ दिया।
बुधवार को जमीन का होगा सीमांकन
^मुक्तिधाम के दायरे का बुधवार को सीमांकन तहसीलदार द्वारा कराया जाएगा। फिलहाल काम करने वाले व्यक्ति को तब तक काम बंद रखने की समझाइश के साथ जेसीबी-ट्रैक्टर वाहन दे दिए।
ललित गठरे, सीएसपी

2019 में भी काट दिए थे हरे-भरे पेड़
समाज के लोगों ने बताया पिछले डेढ़ साल में बनी तीन समाधियों को भी जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले भी मुक्तिधाम पर कब्जे की नीयत से जून 2019 में हरे-भरे पेड़ काटे गए थे। िजसकी शिकायत कलेक्टर से 26 जून 2019 को समाज के लोगों ने की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई आज तक नहीं हुई। समाज के लोगों के साथ आए पिंटू दरबार ने कहा समाधियों को तोड़ने के साक्ष्य मलबे के ढेर पर मिले लाल पत्थर हैं। जमीन खरीददार रामकृष्ण गंज निवासी हारून मलानी ने कहा हमने दो एकड़ 26 डिसमिल जमीन खरीदी है। हमने यहां पर कोई बोर्ड नहीं देखा। यदि समाज के लोग कहेंगे तो जमीन खोदकर भी दिखा देंगे।

शहर में नाथ संप्रदाय के 125 परिवार, समाधि देने की समाज में है परंपरा
समाज के लोगों बताया शहर में नाथ संप्रदाय के 125 परिवार हैं। हमारे यहां समाधि देने की परंपरा है। गणगौर घाट के पास मुक्तिधाम पूर्वजों से चला आ रहा है। यहां पर आपको बहुत ही पुरानी समाधियां मिलेंगी। पहले मुक्तिधाम पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के बाद बोर्ड भी लगाए गए थे, लेकिन जेसीबी से उसे भी उखाड़ दिया गया।

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