भीकनगांव जनपद CEO सुसाइड केस:परिजन बोले - राजेश बाहेती की हत्या हुई है, खरगोन SP ने स्वीकारा सुसाइड नोट मिलना; जनपद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष शंका के घेरे में

खंडवा5 महीने पहले
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जनपद सीईओ राजेश बाहेती। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
जनपद सीईओ राजेश बाहेती। (फाइल फोटो)

भीकनगांव जनपद सीईओ राजेश बाहेती (55) ने रविवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह भीकनगांव पहुंचे इंदौर निवासी परिजन ने कहा कि ये आत्महत्या नहीं है, उनकी हत्या हुई है। वहीं सुसाइड नोट को लेकर खरगोन एसपी ने स्वीकार किया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है लेकिन तथ्यों की जांच के बाद ही खुलासा करेंगे। इधर, राजनीतिक दबाव सामने आने पर जनपद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष समेत बीजेपी नेता शंका के घेरे में आ गए है।

मृतक सीईओ के भांजे मनीष बियानी ने मीडिया से बताया कि जब भी मामा राजेश बाहेती इंदौर आते थे तो वे यही कहते थे कि भीकनगांव जाकर टेंशन में आ गया हूं, वहां के नेता मुझे काम नहीं करने देते है। इतना दबाव बनाते है कि मानसिक तौर पर परेशान हो चुका है। बता दें कि, बाहेती ने दो महीने पहले ही भीकनगांव जनपद सीईओ का चार्ज लिया था। इससे पहले वे बड़वाह व कसरावद में जनपद सीईओ थे।

- नेताओं ने पूर्व सीईओ को भी विवाद कर हटाया था

सीईओ बाहेती की आत्महत्या के बाद अब पूरे घटनाक्रम से जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि धन्नालाल खतवासे और उपाध्यक्ष दुलीचंद बांके ने दूरी बना ली है। इन नेताओं से बाहेती से पहले सीईओ रही कविता आर्य से भी विवाद किया था। कई बार विवाद सुर्खियों में भी आया, आखिर में उन्हें भीकनगांव से हटा दिया गया। उपाध्यक्ष दुलीचंद बांके पूरे घटनाक्रम के दौरान उपस्थित नहीं थे।

दो महीने पहले ही राजेश बाहेती ने पदभार संभाला था।
दो महीने पहले ही राजेश बाहेती ने पदभार संभाला था।

- सुसाइड नोट मिला लेकिन खुलासा नहीं

खरगोन एसपी शैलेंद्रसिंह चौहान ने बताया मौके से सुसाइड नोट मिला है, लेकिन सुसाइड नोट में लिखे तथ्यों की जांच होगी, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी। इधर, सूत्रों के अनुसार बाहेती राजनीतिक दबाव में थे, उन्होंने कई बीजेपी नेताओं का उल्लेख सुसाइड नोट में किया है।

रिपोर्ट : सावन राजपूत, खंडवा

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