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  • Broken Turbine Of The Project Did Not Change In A Year, Power Generation Stalled, Loss Of 2 Thousand Crores Due To Non generation Of Electricity

संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना:सालभर में नहीं बदली परियोजना की टूटी टरबाइन, बिजली उत्पादन ठप, 2 हजार करोड़ रुपए की हानि बिजली उत्पादन नहीं होने से हुई

खंडवा22 दिन पहले
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संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना फेस-टू की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट की टरबाइन की प्लेट क्षतिग्रस्त हो गई। - Dainik Bhaskar
संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना फेस-टू की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट की टरबाइन की प्लेट क्षतिग्रस्त हो गई।
  • सिंगाजी परियोजना के फेस-2 की 660 मेगावाट क्षमता वाली तीन नंबर यूनिट का मामला
  • थर्मल पावर एक्सपर्ट बोले- नामी कंपनियों की टरबाइन एक लाख घंटे तक चलती है लगातार
  • 3.50 हजार करोड़ रुपए की नई यूनिट की टरबाइन टूटी
  • 11 महीने से ज्यादा समय से बंद है बिजली उत्पादन

संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना फेस-टू की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट में एक साल से बिजली उत्पादन ठप है। इसकी वजह है एलएनटी पावर कंपनी की टरबाइन की ब्लेड का टूटना। यह ब्लेड परियोजना में पीजी टेस्ट के दौरान ही टूट गई थी। इसे सुधारने के लिए भेजे लगभग एक साल बीत गया है लेकिन अबतक टरबाइन परियोजना में नहीं आई है। इधर, एक्सपर्ट का मानना है थर्मल प्लांट के इतिहास में टरबाइन टूटने की यह पहली घटना है। नामी कंपनियों की टरबाइन एक लाख घंटे तक लगातार चलती है। थर्मल पावर में सुपर क्रिटिकल तकनीकी द्वारा निर्मित टरबाइन के क्षतिग्रस्त होने से हड़कंप मचा है। जापान से आए इंजीनियरों ने बारीकी से टरबाइन की जांच की। गौरतलब है सिंगाजी परियोजना की तीन नंबर यूनिट को 14 अगस्त 2018 को सौ फीसदी लोड पर चलाया था। इसके बाद अधूरे लोड पर चली यूनिटों में लगातार खराबी से निर्माण पर आरोप लगते रहे हैं। 5 अगस्त 2020 को 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट का परफॉरमेंस गारंटी टेस्ट (पीजी टेस्ट) किया गया। तब इकाई को फुल लोड पर ले जाने के दौरान यूनिट नंबर तीन की टरबाइन में हाई वाइब्रेशन आ गया था। ऐसे में 660 मेगावाट की यह इकाई बंद हो गई थी। इसकी जांच के लिए जापान से इंजीनियर बुलवाना पड़ा। साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की लागत वाली ईकाई की टरबाइन का इंजीनियर्स की टीम से खोलकर बारीकी से जांच कराई गई। इसमें हाइवाइब्रेशन से टरबाइन के मुख्य बेरिंग के प्लेट व कई ब्लेड टूटने का मामला सामने आया।

एक्सपर्ट व्यू सुपर क्रिटिकल चलाने के लिए अनुभवी व्यक्ति न होने से टूटी है टरबाइन

  • सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना में टरबाइन की प्लेट टूटना वर्ल्ड में पहला मामला है। इसमें दो प्रकार की लापरवाही ज्यादा देखने को मिली है। पहली पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को दिखाने के लिए यूनिट चालू करने की जल्दबाजी। दूसरा सुपर क्रिटिकल 660 मेगावाट यूनिट चलाने के लिए अनुभवी व्यक्ति का न होना। इस घटना से 31 मार्च तक 757 करोड रुपए का नुकसान हो चुका है। इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मेरे द्वारा पत्र भी लिखा गया था। -राजेंद्र अग्रवाल, रिटायर्ड, अतिरिक्ति मुख्य अभियंता, मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी, जबलपुर

ब्लेड टूटने से दो हजार करोड़ रु. का नुकसान
पावर प्लांट के तीन नंबर यूनिट से बिजली उत्पादन बंद है। वरिष्ठ अफसरों के अनुसार 1.5 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन ठप हुआ है। हर दिन लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। अब तक दो हजार करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हो चुका है। वहीं 660 मेगावाट की 4 नंबर यूनिट भी 22 सितंबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक बंद रही। 1 अप्रैल 2021 से बिजली उत्पादन शुरू हुआ लेकिन आज तक 53.37 फीसदी कुल बिजली उत्पादन हुआ है।

एलएनटी पॉवर कंपनी की लापरवाही

  • फेस-टू की 660 मेगावाट की तीन नंबर यूनिट की टरबाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसे सुधारने के लिए भेजा गया था। इसी महीने में तीन नंबर यूनिट को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें एलएनटी पॉवर कंपनी की लापरवाही थी। जिनके द्वारा काम कराया गया है। मामले की जांच उच्च अधिकारियों के द्वारा जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। -एके शर्मा, मुख्य अभियंता, सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना
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