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खंडवा लोकसभा उपचुनाव का दंगल:BJP-कांग्रेस से खंडवा V/s बुरहानपुर की चर्चा, 12 चुनावों से BJP का बुरहानपुर से ही कैंडिडेट; कांग्रेस से इस बार खंडवा को मौका

खंडवा19 दिन पहले
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खंडवा लोकसभा उपचुनाव के दंगल में इस बार ‘लोकल फॉर वोकल’ दांव पर रह सकता है। संसदीय क्षेत्र में ही वोटर्स की नजर BJP-कांग्रेस तो है ही, अब खंडवा V/s बुरहानपुर का मुद्दा चर्चा मेे आ गया है। इसकी वजह BJP बीते 12 चुनावों से लगातार बुरहानपुर से कैंडिडेट उतार रही है। वहीं कांग्रेस ने बीते 3 चुनावों में खरगोन से अरुण यादव को टिकट दिया। लेकिन इस बार कांग्रेस ने खंडवा का प्रत्याशी उतारा है। ध्यान रहे कि खंडवा लोकसभा में बुरहानपुर के अलावा खरगोन और देवास की विधानसभा सीटें भी दायरे में आती हैं।

बुरहानपुर से ही BJP के टिकट पर अकेले नंदकुमारसिंह चौहान बीते 7 चुनावों यानी 1996 से लगातार चुनाव लड़ते आ रहे थे। उनके निधन के बाद सीट खाली हुई तो उपचुनाव में नए चेहरे के साथ जगह बदली जाने की उम्मीद पार्टी के लोग ही कर रहे थे। उपचुनाव में बुरहानपुर के ज्ञानेश्वर पाटिल के नाम की घोषणा होने से पहले यहीं संभावना जताई जा रही थी कि कैंडिडेट खंडवा से ही होगा। सामान्य सीट की बात है तो राजपालसिंह तोमर या फिर ओबीसी चेहरे में BJP जिलाध्यक्ष सेवादास पटेल का नाम लिया जा रहा था।

बाहर से भी आए उम्मीदवार

BJP ने नंदकुमारसिंह चौहान के अलावा उनसे पहले दो बार 1989, 1991 में अमृत तरिवाला को टिकट दिया। और इससे पहले खंडवा-बुरहानपुर दोनों से ताल्लुक नहीं रखने वाले कुशाभाऊ ठाकरे को 1980 और 1984 में आरिफ बैग को टिकट दिया था।

8 विधानसभा सीटे, खंडवा में सबसे ज्यादा 3 सीटें

खंडवा संसदीय क्षेत्र में 8 विधानसभा सीटें है, बुरहानपुर जिले की बुरहानपुर और नेपानगर, खंडवा जिले की खंडवा, पंधाना और मांधाता है। इसी तरह देवास जिले की बागली तथा खरगोन जिले की बड़वाह और भीकनगांव विधानसभा आती है। सबसे ज्यादा 3 सीटें खंडवा जिले की है, वहीं खंडवा जिले को खरगोन की दो विधानसभा सीटों का सपोर्ट भी है।

खंडवा लोकसभा सीट पर अब तक भाजपा-कांग्रेस से रहे उम्मीदवार

BJP ने खंडवा सीट से इन्हें बनाया उम्मीदवार

1951 में बद्रीनारायण (खंडवा), 1957 में अनोखीलाल (खंडवा), 1962 में कृष्णराव गद्रे (खंडवा), 1967 में मांगीलाल भट्ट (खंडवा), 1971 में वीरेंद्र कुमार आनंद (बाहरी), 1977 में परमानंद गोविंदजी वाला (बुरहानपुर), 1980 के उपचुनाव में कुशाभाऊ ठाकरे (बाहरी), 1984 में आरिफ बैग (भोपाल), 1989 और 1991 में अमृत तारिवाला (बुरहानपुर), 1996 से 2019 तक नंदकुमारसिंह चौहान (बुरहानपुर) BJP की तरफ से कैंडिडेट रहे।

कांग्रेस ने अब तक यह उम्मीदवार उतारे

1951 और 1957 में बाबूलाल तिवारी (खंडवा), 1962 में महेश दत्त मिश्र (हरदा), 1967, 1971 और 1977 में गंगाचरण दीक्षित (बुरहानपुर), 1980 के उपचुनाव में ठाकुर शिवकुमारसिंह (बुरहानपुर), 1984, 1989 में कालीचरण सकरगाये (खंडवा), 1991 में महेंद्रसिंह (बुरहानपुर), 1996 में ठाकुर शिवकुमारसिंह (बुरहानपुर), 1998 के उपचुनाव में ठाकुर महेंद्रसिंह (बुरहानपुर), 1999 में तनवंतसिंह कीर (बुरहानपुर), 2004 में अमिताभ मंडलोई (खंडवा) तथा 2009, 2014 और 2019 में अरुण यादव कांग्रेस से कैंडिडेट रहे है।

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