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मांधाता थाने में हिरासत में आरोपी की संदेहास्पद मौत:परिजन ने किया हंगामा, टीआई सहित 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

खंडवा14 दिन पहले
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मांधाता थाने के बाहर किशन की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। - Dainik Bhaskar
मांधाता थाने के बाहर किशन की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया।
  • बड़ा सवाल : लॉकअप में ऐसा हुआ तो पुलिस कहां थी ?

खंडवा में बाइक चोरी के आरोपी की पुलिस हिरासत में मौत का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद ओंकारेश्वर (मांधाता) थाने की पुलिस सोमवार को आरोपी को थाने लाई थी। पूछताछ के बाद रात में उसकी हालत बिगड़ी और अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।

मृतक के भाई पवन का आरोप...तीन दिन से किशन को पीट रही थी पुलिस, इसी से हुई मौत

मांधाता थाना पुलिस की हिरासत में बाइक चोरी के आरोपी किशन मानकर की संदिग्ध मौत के मामले में परिजन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किशन के भाई पवन का कहना है किशन को 3 दिन से कमरे में बंद कर पुलिस पिटाई कर रही थी। मामले में निलंबित टीआई गणपत कनेल ने बताया हमें उसके भाई पर संदेह है। इनके साथ और भी आरोपी थे। रात में दोनों भाई अकेले थे। किशन मरने जैसा नहीं था। हमें गला दबाकर मारने की आशंका है। मुझे डॉक्टरों की टीम द्वारा जानकारी दी है। हम पीएम रूम में गए तो डॉक्टरों ने मृतक के गले पर चोट के निशान बताए। इधर, पीएम करने वाले डॉक्टरों की टीम ने भी हत्या की आशंका जताई है। इधर, गृहमंत्री ने टीआई सहित 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। पवन मानकर जो किशन के साथ पुलिस हिरासत में था, उसे घटना के बाद पुलिस ने नोटिस पर छोड़ दिया। पवन ने आरोप लगाया पुलिस हम दोनों भाइयों को बुधवार रात एक साथ लाई थी। टीआई व उसके आरक्षक बंद कमरे में किशन की पिटाई करते थे। उससे चोरी उगलवाने के लिए उस पर पानी डाला था। एक महिला पुलिसकर्मी ने उसे धमकाया था और बोली कि तूने समाजजनों को सच्चाई बताई तो तुझे जंगल में ले जाकर गोली मार देंगे।

परिजनों को दें 50 लाख रुपए का मुआवजा

मांधाता विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता उत्तमपाल सिंह ने घटना की निंदा की। सिंह ने कहा कि पुलिसकर्मियों के निलंबन से काम नहीं चलेगा, मृतक के परिजन को 50 लाख का मुआवजा मिलना चाहिए। पुलिस किसी को गिरफ्तार करती है तो उसका मेडिकल कराना चाहिए। उसे थाने पर नहीं रखना चाहिए।

पिता ने कहा- जब घर से पुलिस ले गई तब स्वस्थ था बेटा किशन

8 सितंबर बुधवार सुबह करीब 4 बजे तीन-चार पुलिसकर्मी हमारे घर पहुंचे। वह किशन काे तलाश कर रहे थे। उस समय किशन घर पर ही सो रहा था। पुलिस ने बताया तुम्हारे घर पर जो बाइक खड़ी है, वह चोरी की है। इस संबंध में पूछताछ के लिए किशन को मांधाता थाने ले जाने के लिए आए हैं। जब किशन से बाइक के संबंध में पूछा तो उसने कहा यह बाइक मौसाजी की है। इसके दस्तावेज मेरे पास नहीं है। इसके बाद पुलिस उसे यहां से उठाकर ले गई। इस दौरान किशन पूरी तरह से स्वस्थ था।

जियालाल ने बताया किशन मिस्त्री का काम करता था। इसके लिए वह आसपास के गांव में भी जाता रहता था। उसकी आयु 24 वर्ष थी। उसका विवाह नहीं हुआ था। उसके लिए लड़की देख रहे थे, लेकिन इसके पहले ही उसकी मौत हो गई। बेडिया पुलिस के अनुसार किशन पर कोई मामला दर्ज नहीं है। यह बात किशन के पिता जियालाल ने बताई। मांधाता थाने के अंतर्गत पुलिस की हिरासत में किशन पिता जियालाल (24) निवासी भोगांवा निपानी की मंगलवार को पुलिस हिरासत में मौत हो गई। उसके पिता ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा- जब किशन पूरी तरह से स्वस्थ था तो उसकी तबीयत कैसे खराब हो गई। मंगलवार सुबह पुलिस ने सरपंच को फोन लगाकर किशन की तबीयत खराब होने की सूचना दी। जब परिवार पहुंचा तो उसकी मौत हो चुकी थी।

मांधाता थाने के निलंबित टीआई का तर्क... हमें मृतक के भाई पर संदेह रात में दोनों भाई अकेले थे

मारपीट पर पहले भी लाइन अटैच हो चुके हैं टीआई

छैगांवमाखन थाने में पदस्थी के दौरान ग्राम सिरसोद बंजारी में एक परिवार के साथ मारपीट के मामले में निरीक्षक गणपत कनेल पहले भी सस्पेंड हो चुके थे। गत 6 सितंबर को एसपी विवेक सिंह ने उन्हें मांधाता थाने की कमान सौंपी थी। अभी 8 दिन भी नहीं हुए थे मांधाता टीआई रहते पुलिस हिरासत में बाइक चाेरी के आराेपी किशन की माैत के मामले में उन्हें फिर सस्पेंड कर दिया।

पुलिस छावनी बना मांधाता थाना और अस्पताल

किशन की मौत के बाद सैकड़ों आदिवासी बाइक से ओंकारेश्वर पहुंच गए और थाने व अस्पताल के बाहर प्रदर्शन व हंगामा किया। परिस्थतियों को भांपते हुए पुलिस ने अस्पताल, थाने सहित बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर पुलिस बल तैनात कर दिया। परिजन और समाज के लोग दिनभर पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते रहे। इसी कारण पोस्टमार्टम देर शाम तक हो सका।

मारपीट नहीं, बीमारी से हुई मौत

निलंबित टीआई गणपत कनेल ने बताया ओंकारेश्वर से बाइक चोरी के मामले में पुलिस पवन को भीकनगांव से चोरी की बाइक सहित गिरफ्तार कर लाई थी। पवन ने भाई किशन व उसके दोस्तों के साथ 5 और बाइक चोरी करना कबूला था। इस पर पुलिस किशन को भी गिरफ्तार कर थाने लाई थी। यहां सीसीटीवी में दोनों आरोपियों ने एक दोस्त सुनील निवासी बिचौली मर्दाना की पहचान भी की थी।

मामले में पुलिस बुधवार को खुलासा करने वाली थी, लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा नहीं कर पाए। हम किशन व पवन को सोमवार को कोर्ट में पेश करने वाले थे। पूछताछ में पवन ने हमें बताया था कि सीमेंट फैक्ट्री में काम करने के दौरान किशन को फुंसियां हो गई थीं, सांस लेने में भी समस्या थी।

पुलिस सुरक्षा में गांव भिजवाया गया शव

थाना मांधाता में किशन पिता जिया मानकर की मौत के बाद सिविल हॉस्पिटल ओंकारेश्वर में डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम करने के बाद पुनासा एसडीएम चंदर सिंह सोलंकी, एडिशनल एसपी ने रात 8.20 बजे परिजन को शव सौंपा। हॉस्पिटल से शव वाहन और परिजनों के साथ एसपी विवेक सिंह के निर्देश पर दो गाड़ियों में दो थाना प्रभारियों को ओंकारेश्वर से बेड़िया सुरक्षा की दृष्टि से भेजे गए। रात में ही किशन को दफनाया जाएगा।

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