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साठगांठ:8 इंच चौड़ाई के खनन की जगह 6 इंच किए ट्यूबवेल में पाइप डालने में भी की गड़बड़ी

खंडवाएक महीने पहले
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मोटर नहीं डालने से लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। - Dainik Bhaskar
मोटर नहीं डालने से लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
  • पीएचई की निष्क्रियता और ठेकेदारों की मनमानी से गांवों में गहराया पेयजल संकट

ब्लॉक में पेयजल समस्या को दूर करने के लिए गांवों में पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। जल जीवन योजना के तहत ब्लॉक के गांवों में करोड़ों रुपए की लागत से लगभग 26 टंकियों का निर्माण होना है। जिसमें से अधिकांश गांवों में टंकियों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, लेकिन निर्माण के साथ ही गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आने लगी है।

पीएचई के अफसरों की निष्क्रियता और ठेकेदारों की मनमानी से गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को राहत मिलने की जगह पेयजल संकट गहरा गया है। इस योजना में सबसे बड़ी अनियमितता ट्यूबवेल खनन में की गई है। ट्यूबवेल खनन में चौड़ाई 8 इंच होना चाहिए थी। लेकिन चौड़ाई 6 इंच ही रखी गई।

जिसके कारण अधिकांश ट्यूबवेलों में 10 एचपी की 6 इंच मोटर अंदर ही नहीं जा रही है। जिससे योजना का काम ही ठप हो गया है। वहीं पीएचई विभाग के इस्टीमेट के अनुसार ट्यूबवेलों में 800 से 1000 हजार फीट गहराई का खनन होना था।

जिससे ट्यूबवेलों में पर्याप्त पानी निकलता। लेकिन विभागीय अफसरों की सांठगांठ से ठेकेदरों ने सिर्फ 400 से 500 फीट गहराई कर औपचारिकता पूरी कर ली। जबकि सरकारी दस्तावेजों में जो बिल लगाए गए हैं। उसमें 1 हजार फीट गहराई तक के ही बिल लगाए जा रहे हैं।

गांवों में पेयजल संकट होने से ग्रामीणों द्वारा दूर खेतों से निजी जलस्स्रोतों से पानी लेकर आना मजबूरी बना हुआ है। लोग बैलगाड़ी, ट्रैक्टर आदि साधनों से खेतों से घरों तक पानी ढो रहे हैं। गांवों में पीएचई के हैंडपंप भी खराब हैं। लेकिन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

पेयजल टंकी निर्माण के साथ ट्यूबवेल खनन में भारी अनियमितता

रोसड़ में पर्याप्त पानी, मोटर नहीं डालने से सप्लाय ठप
ब्लॉक के ग्राम गंभीर उबारी में ही पंचायत द्वारा पेयजल संकट दूर करने के लिए 5 इंच की साढ़े सात एचपी की मोटर डाली गई। लेकिन जब ट्यूबवेल में पाइप उतारे गए तो वह साढ़े चार सौ फीट से आगे नहीं बढ़े। इसी प्रकार ब्लॉक के अन्य गांवों में ही यही स्थिति बनी हुई है।

गंभीर में पेयजल संकट सबसे ज्यादा बना हुआ है। इसी प्रकार ब्लॉक के मालूद, रोसड़, बिल्लौद, नांदियाखेड़ा, मिनावा सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। मिनावा के जितेन्द्र मीणा ने बताया कि पीएचई विभाग की लापरवाही से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत के तीनों गांवों में ठेकेदार द्वारा पुरानी सप्लाई की चालू लाइन तोड़ दी है। रोसड़ गांव में ट्यूबवेल में पानी पर्याप्त है। लेकिन मोटर नहीं डाले जाने से पेयजल सप्लाई बंद पड़ी हुई है।

इसी प्रकार ग्राम मालूद में तीन अलग-अलग खनन कराए गए। एक बोर में ठेकेदार ने जानबूझकर मोटर अंदर गिरा दी। गंभीर के उपसरपंच सुरेन्द्र पाचौले ने बताया कि पीएचई विभाग के अफसरों द्वारा किसी प्रकार की मॉनिटरिंग नहीं करते हुए ठेकेदारों के हवाले ही योजना कर दी गई है।

मामले को टाल गए अफसर
मामले में पीएचई विभाग के इंजीनियर नीरज वर्मा से चर्चा कि तो उन्होंने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए कहा कि वे अभी होम आइसोलेशन में हैं। एसडीओ बीड़ी भारद्वाज ने कहा कि मैं अभी बाजार में हूं। बाद में बात करता हूं।
लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई कराएंगे

  • गांवों में पेयजल संकट निर्मित हो रहा है तो इसे सुधार करने के लिए कलेक्टर से चर्चा करूंगा। पीएचई के लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई कराएंगे। - नारायण पटेल, विधायक मांधाता

अनियमित जलप्रदाय व्यवस्था को सुचारू करने की मांग
शहर के विभिन्न वार्डाे में लगभग 20 दिनों से नगर परिषद की जलप्रदाय व्यवस्था अनियमित बनी हुई है। जिससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से शाम तक जलप्रदाय का कोई निश्चित समय नहीं होने से लोग दिनभर भी जलप्रदाय का इंतजार करते हैं। शहर के वार्ड क्रमांक 3 एवं 4 के नागरिक भी नप की अनियमित जलप्रदाय व्यवस्था से परेशान हैं।

वार्ड के ओमप्रकाश शर्मा, रामस्वरूप शर्मा, टीनू अग्रवाल, रमेश कपोले, कैलाश सोलंकी, सावन शर्मा, जितेंद्र शर्मा, दीपक गुप्ता, विजय सोनी आदि ने बताया कि प्रतिदिन होने वाली जलप्रदाय व्यवस्था अनियमित बनी हुई है। जलप्रदाय का समय पूछने के लिए नप के जिम्मेदार कर्मचारियों से संपर्क करने पर वे मोबाइल पर संतोषप्रद जवाब भी नहीं देते हैं।

जलप्रदाय समय पर नहीं होने से महिलाओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के दिनों में समय पर जलप्रदाय नहीं होने से महिलाओं का पूरा दिन पानी सप्लाई के इंतजार में ही बीत रहा है। नागरिकों ने प्रशासन से जलप्रदाय व्यवस्था का समय नियमित करने की मांग की है।

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