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आदिवासी अधिकार सम्मेलन में कमलनाथ की हुंकार!:बोले - 2023 में कांग्रेस सरकार बनेगी, शिवराज मुंबई जाकर एक्टिंग करें, उनके कान और आंख जनता के लिए बंद, सिर्फ मुंह ही खुला है

बड़वानी20 दिन पहले
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हेलीपैड पर कमलनाथ से लोगों ने मुलाकात की। - Dainik Bhaskar
हेलीपैड पर कमलनाथ से लोगों ने मुलाकात की।

आदिवासी समाज के लोगों को किसी से डरने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस आदिवासियों के हितों के लिए संघर्ष कर रही है। शिवराज जी ने हर महीने एक लाख नौकरियां देने का वादा किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का कहा था, मैं आपसे पूछता हूं कि ये रोजगार कहां हैं, नौकरियां कहां हैं। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ही एक्टिंग करने में बहुत आगे हैं। मुख्यमंत्री तो मुंबई चले जाएं और वहां जाकर सलमान खान की तरह एक्टिंग करें। ऐसा करने से वे अभिनय के क्षेत्र में प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे। यह बता सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा बड़वानी में आदिवासी अधिकार जन आक्रोश रैली में कही।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आदिवासी समाज की स्थिति लगातार गिरती जा रही है, लेकिन शिवराज सिंह चौहान की आंखें खुली होने के बावजूद वह कुछ देखते नहीं और कान खुले होने के बावजूद वह कुछ सुनते नहीं, वह तो सिर्फ मुंह चलाना जानते हैं। हजारों लोगों को रैली में आने से प्रशासन ने रोक दिया है। यह आदिवासियों के स्वाभिमान से खिलवाड़ है और लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है। अधिकारी अपनी जेब में भाजपा का बिल्ला डालकर काम कर रहे हैं, उनकी पूरी मॉनिटरिंग कांग्रेस पार्टी कर रही है। 2023 में जब कांग्रेस सरकार बनेगी तो इन अधिकारियों से जनता पूरा हिसाब लेगी।

आदिवासी युवा अपनी मूंछों पर ध्यान दें
उन्होंने कहा - मुख्यमंत्री, उन्हें भाषणों का ज्ञान देना बंद करें, क्योंकि जनता खुद बहुत ज्ञानी है। आज से 20-25 साल पहले आदिवासी समाज मजदूरी और रोजगार के अधिकार के लिए लड़ाई करता था, लेकिन आज की नौजवान आदिवासी पीढ़ी को रोजगार और अधिकार के साथ ही अपने स्वाभिमान के लिए भी संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी युवाओं को अब अपनी मूंछों पर ध्यान देना चाहिए, उनकी मूंछें ही आदिवासी समुदाय का सम्मान है।

सरकार ने कोरोना से हुई मौत का आंड़का छिपाया
मैं, छिंदवाड़ा जैसे जिले का प्रतिनिधित्व करता हूं, जो आदिवासी बहुल है। कोरोना के दौरान छिंदवाड़ा ऐसा जिला रहा, जहां पर ऑक्सीजन और रेमडेसिवर जैसे चीजों की कोई कमी नहीं हुई। शिवराज सिंह चौहान सरकार को छिंदवाड़ा मॉडल अपनाते हुए पूरे प्रदेश में इस तरह की व्यवस्थाएं करनी चाहिए थी। कोरोना में सरकार पूरी तरह से विफल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ मृत्यु के आंकड़े छुपाने का काम करती रही। प्रदेश में कोरोना वायरस से कम से कम ढाई लाख लोगों की मौत हुई है और बड़वानी में ही बहुत से लोगों की जान गई है। लेकिन लोगों को मुआवजा ना देना पड़े इसके लिए सरकार कोरोना के मामले छिपाने का काम करती रही है।

शिवराज सरकार सौदेबाजी से बनी सरकार
शिवराज सरकार सौदेबाजी से बनी सरकार है। वे चाहते तो सौदेबाजी करके अपनी सरकार बचा लेते, लेकिन सौदेबाजी की सरकार चलाना कांग्रेस की आदत नहीं है। हम सत्य और सिद्धांतों के साथ अडिग रहते हैं। जनता यह सच्चाई जानती है कि किस तरह से खरीद फरोख्त करके सरकार बनाई गई है। इसलिए 2023 में जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव होंगे तो जनता एक बार फिर सच्चाई के साथ खड़ी होगी और कांग्रेस पार्टी को भारी बहुमत में सत्ता में लेकर आएगी। प्रदेश में एक बार फिर से हमारी-अपनी सरकार बनेगी और आदिवासी और दूसरे वर्गों पर हो रहे अत्याचार का निराकरण किया जाएगा।

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