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सेवा से संस्कार तक का सफर:शवों की पैकिंग से लेकर अंतिम रस्में तक निभा रहे जिला अस्पताल के मरचुरी अटेंडर व एंबुलेंस चालक

खंडवा15 दिन पहले
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कोरोना के अलावा अज्ञात शवों का भी कर रहे अंतिम संस्कार। - Dainik Bhaskar
कोरोना के अलावा अज्ञात शवों का भी कर रहे अंतिम संस्कार।

कोरोना से उपचार के दौरान मरीजों की मौत, अव्यवस्था, लापरवाही के किस्से तो आम हाे गए, लेकिन इस बुरे वक्त में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कोरोना वार्ड में भर्ती संक्रमित मरीजों की सेवा से लेकर श्मशान में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कराने में जुटे हैं। संकट के इस दौर में ये कोरोना योद्धा सुबह से लेकर देर रात तक अस्पताल से लेकर श्मशान तक भागादौड़ी में लगे रहते हैं।

हेमंत घारू, मोहित पटेल उर्फ डम्मा, नवनीत बोयत, अर्जुन बिले, करण निदाने, विक्की उर्फ जसवंत केदार, बादल बोयत, राजेंद्र मिश्रा, नीलेश नरवाले, जय कौशल, विकास भंडारी, रवि काका, मुबारिक पटेल ये वो नाम है, जो संक्रमित मरीजों की मौत के बाद शव को कोविड सूट में पैकिंग करने के साथ ही श्मशान में अग्नि देने तक साथ रहते हैं।

संक्रमितों की मौत के बाद कई लोग तो ऐसे भी देखने में आए जो कि अपने ही मां-पिता के शव के करीब जाने व छूने से डरते हैं। ये वो लोग हैं जो कि मृतकों का सामाजिक रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करते हैं। अपने हाथों से शवों को उठाकर एंबुलेंस में रखने से लेकर चिता पर रखते हैं।

पता है फिर भी खुद की जिंदगी दाव पर लगा रहे

नवनीत बोयत व हेमंत घारू ने बताया कि कोरोना महामारी के इस दौरान प्राइवेट कंपनी के माध्यम से सेवा दे रहे हैं। जिसमें सभी काम करने पड़ रहे हैं। संक्रमित मरीजों के परिजन व रिश्तेदार काफी दूरियां बना रहे हैं। अप्रैल में करीब डेढ़ सौ शवों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया। शुरुआत में अजीब सा डर लगा, लेकिन अब आदत हो गई है। एक महीने से लगातार शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। अभी बीच में तो खाना खाने की फुरसत नहीं मिल रही थी। रात का खाना रात ढाई से तीन बजे के बीच खा रहे थे। पिछले चार-पांच दिन से मौत के मामलों में कमी आई है।

एंबुलेंस ड्राइवर भी दिन रात दे रहे सेवा - ड्राइवर अशफाक अली, चंदन मोरे, नितिन शिंदे, दीपक तायड़े, प्रदीप लाड़, रियासत अली, जितेंद्र पटेल, गौरव चौरे, रिंकेश सिन्हा भी एंबुलेंस चलाने के साथ ही शवों को अंतिम संस्कार में मदद कर रहे हैं।

कोरोना संक्रमित शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमित शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
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