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राजा हरिशचंद्र मुक्तिधाम:2 माह में शुरू होगा गैस से संचालित शवदाह गृह

खंडवाएक महीने पहले
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राजा हरिशचंद्र मुक्तिधाम में दो माह बाद शवों का अंतिम संस्कार गैस से संचालित शवदाह गृह में हो सकेगा। इसके लिए भवन निर्माण का काम शुरू हो गया है। करीब 10 लाख रुपए लागत से 20 बाय 50 वर्गफीट क्षेत्र में 1 हजार वर्गफीट का भवन बनाया जा रहा है।

इसका काम एक माह में हो जाएगा। इसमें दो यूनिट लगाई जा सकेंगी। फिलहाल निगम ने एक मशीन के लिए टेंडर किया है। 36 लाख रुपए लागत से यह यूनिट लगाई जाएगी। इसमें भी एक माह का समय लगेगा। मशीन का संचालन शुरू होने पर गैस से 60 से 90 मिनट में अंतिम संस्कार हो सकेगा।

शवदाह के डेढ़ घंटे बाद परिजन को राख और अस्थियां भी विसर्जन के लिए दी जा सकेंगी। इस यूनिट के लगने से लकड़ियों की समस्या खत्म हो जाएगी। इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।

यूनिट में एक साथ लगाई जाएगी 20 गैस टंकियां
गैस ईंधन से संचालित शवदाह गृह में 10-10 टंकियां दो ग्रुप में लगाई जाएंगी। कुल 20 गैस की टंकियां एक यूनिट में रहेंगी। एक से गैस खत्म होते ही दूसरी टंकी से गैस सप्लाई शुरू होगी। एक शव के अंतिम संस्कार में एक से डेढ़ टंकी गैस लगेंगी।

इन शहरों में संचालित हैं गैस वाले शवदाह गृह
भोपाल, सागर, कटनी, इंदौर, जबलपुर, देवास, होशंगाबाद में भी शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित देश के अन्य स्थानों पर भी यह यूनिट लगाई जा चुकी है।
एक माह में पूरा होगा काम
गैस आधारित शवदाह गृह यूनिट लगाने के लिए भवन बनाने का काम शुरू हो गया। एक माह में यह काम हो जाएगा। भवन बनते ही इसमें मशीन लगाई जाएगी। -अंतरसिंह तंवर, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, नगर निगम

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