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  • In The Corona Nail Campaign, There Will Be A Tota Of Medicines, Screening Of 1.5 Million People, Stock Of Only 10 Thousand Pests; Asha Was Not Screened For Insects

कोरोना किल अभियान- भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:घर-घर जाकर 15 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य, स्टॉक केवल 10 हजार किट का; दवाइयों का भी टोटा

खंडवा/सावन राजपूतएक महीने पहले
जिला मुख्यालय पर बन रही दवाइयों की किट।
  • आशा कार्यकर्ताओं को नहीं उपलब्ध नहीं कराई गई जांच किट
  • कोरोना रोगियों की पहचाने क लिए 25 मई तक चलेगा अभियान

कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार से 'कोरोना किल अभियान' की शुरुआत की है। यह 25 मई तक चलेगा। इसके तहत घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जानी है, ताकि रोगियों की पहचान हो सके। सामान्य लक्षण दिखाई देने पर उन्हें दवाइयों की किट दी जाएगी।

अभियान को लेकर दैनिक भास्कर ने पड़ताल की। इसमें पता चला कि 15 लाख की आबादी वाले खंडवा में किट बनाने के लिए दवाइयों का टोटा है। जिला मुख्यालय पर सीएमएचओ कार्यालय के यहां किट बनाने का काम जारी है। सुबह से दोपहर तक करीब 5 हजार किट तैयार थीं, वहीं 5 हजार किट बनाने इतनी दवाइयों का स्टॉक था। सरकार ने माना है, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सर्वे दल रोजाना 8 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग करेगा। इनमें से संभवत: 10 % लोगों को दवाइयों की किट दी जाना है। अभियान की शुरुआत 7 मई से हुई है, जो 25 मई तक चलेगा।

गांव रोहिणी में सर्वे करती आशा कार्यकर्ता मथुरा पटेल।
गांव रोहिणी में सर्वे करती आशा कार्यकर्ता मथुरा पटेल।

सीएमएचओ बोले- शासन की जानकारी में, स्टॉक मिलेगा

अभियान को लेकर सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व रोजगार सहायक को प्राथमिक और एएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनवाडी सुपरवाइजर व पंचायत सचिव को सुपरवाइजिंग दल में शामिल किया गया है। ये लोग घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगे। सर्दी-खांसी व जुकाम समेत कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर दवाइयां देंगी। गंभीर स्थिति संबंधित मरीज को कोविड सेंटर भेजेंगे। इधर, दवाइयों के स्टॉक की बात करें, तो शासन के संज्ञान में है। स्टॉक की जानकारी भेज दी है। 7-8 दिन इतना स्टॉक है। इसके अलावा शासन स्तर से मिलता रहेगा।

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टीम के पास न थर्मल गन और ना ही ऑक्सीमीटर

भास्कर ने कुछ गांवों में पड़ताल की तो सामने आया कि सर्वे कर रही आशा कार्यकर्ताओं के पास लोगों की स्क्रीनिंग के लिए ना तो थर्मल स्क्रीनिंग मशीन है और ना ही ऑक्सीमीटर हैं। सर्वे को लेकर आशा कार्यकर्ता मथुरा पटेल ने बताया, वह अकेले घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। सर्दी, खांसी, बुखार व जुकाम को लेकर लोग जानकारी छिपाते हैं। स्वास्थ्य को लेकर सब ठीक कह देते हैं। यदि संसाधन उपलब्ध हों, तो संबंधित व्यक्ति का ऑक्सीजन लेवल चेक किया जा सके, जिससे सर्वे में आसानी होगी।

- कोरोना किल अभियान पर एक नजर

जिले की आबादी 15,58,973

शहरी जनसंख्या 3,08,677

ग्रामीण जनसंख्या 12,50,296

रोजाना सर्वे का लक्ष्य 83,353

ग्रामीण सर्वे टीमें 253

सुपरवाइजर टीमें 63