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कोरोना में नई आफत:इंदौर से रैफर होकर खंडवा आई ब्लैक फंगस की मरीज, गंभीर हालत में भर्ती

खंडवा2 महीने पहले
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  • आर्गन ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों में ब्लैक फंगस की बीमारी सामान्य

कोरोना के साथ ही ब्लैक फंगस (म्यूकरमायकाेसिस) रोग से पीड़ित सिंधी कॉलोनी निवासी 56 वर्षीय महिला इंदौर से रैफर होकर खंडवा आ गई। महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया है। हालांकि ब्लैक फंगस (म्यूकरमायकाेसिस) रोग का एकमात्र उपाय सर्जरी है, लेकिन जिला अस्पताल में इसकी सुविधा फिलहाल नहीं है। मरीजों को सर्जरी के लिए इंदौर-भोपाल का ही सहारा है। ब्लैक फंगस रोग का यह जिले का अबतक सामने आया दूसरा मामला है। एक अन्य मरीज का इलाज भोपाल में चल रहा है। मरीज का इलाज कर रहे ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर के मुताबिक आर्गन ट्रांसप्लांट वालों में यह बीमारी सामान्य है। इसके साथ ही लंबे समय तक आईसीयू में एडमिट और मेडिकल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहने पर भी खतरा बढ़ जाता है।

इलाज कर रहे मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ.सुनील बाजोलिया ने बताया मरीज की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट 29 अप्रैल के आई थी। तब से ही वह इंदौर में इलाज करा रही थी। उसकी 12 मई को रिपीट कोरोना टेस्ट रिपोर्ट भी पॉजिटिव थी। महिला की दांई किडनी का 2015 में प्रत्यारोपण हुआ था।

वह पिछले दस साल से हाईपो थायरॉयड और हाई शुगर के रोग से भी पीड़ित है। ब्लैक फंगस रोग पहले भी मरीजों में होते थे। फिलहाल कोरोना पॉजिटिव मरीजों में यह तेजी से सामने आ रहा है। आर्गन ट्रांसप्लांट कराने वालों में ब्लैक फंगस (म्यूकरमायकाेसिस) रोग की समस्या सामने आती है। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।

जिला अस्पताल में ब्लैक फंगस रोग की सर्जरी की नहीं है कोई सुविधा

दवाओं की बाजार में कमी : खंडवा में नहीं है ब्लैक फंगस रोग की दवा
कोरोना मरीजों की आंखों में होने वाली ब्लैक फंगस रोग के इलाज की दवा खंडवा दवा बाजार में नहीं है। पिछले पांच दिनों से दवा विक्रेताओं के पास चार से पांच मरीज ब्लैक फंगस रोग की दवा एम्फोटिसिरीन-बी इंजेक्शन की मांग को लेकर आ रहे हैं।

वहीं कोरोना मरीजों को दी जाने वाली एनॉक्सोपेरिन इंजेक्शन, मिथाइलप्रेडीनीसोलोन इंजेक्शन 16, 8 व 4 एमजी के साथ ही विटामिन सी के टैबलेट की भी बाजार में कमी है। दवा विक्रेता अभिषेक गुप्ता ने बताया ब्लैक फंगस की दवा तो खंडवा में आती ही नहीं थी। यह दवा इंदाैर और भोपाल के केमिस्ट मार्केट में भी नहीं है। जिसके कारण आर्डर देने के बाद भी सप्लाई नहीं आ रही है।

10 बेड का बनेगा ब्लैक फंगस वार्ड, दवा का दिया आर्डर
डॉ. सुनील बाजोलिया ने बताया भोपाल-इंदौर की तर्ज पर ब्लैक फंगस मरीजों के लिए 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। जिले में अभी तक दो मरीज मिल चुके हैं। जबकि तीन संदिग्ध मरीज भी सामने आए हैं। मरीजों के इलाज के लिए एम्फोटिसिरीन-बी इंजेक्शन दवा के 200 वायल का आर्डर दिया है।

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