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कोविड हॉस्पिटल से LIVE रिपोर्ट:खंडवा में 432 बेड, 3 बड़े ऑक्सीजन प्लांट एक्टिव, 1150 सिलेंडर और कंसट्रेटर अलग से; गनीमत- कोई गंभीर पेशेंट नहीं

खंडवा22 दिन पहले

तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। खंडवा में महज 10 दिन के भीतर 40 से ज्यादा संक्रमित सामने आ चुके है। अच्छी बात है कि, सभी संक्रमित अपने घर पर ही इलाज ले रहे है। उम्मीद कर सकते है, कोई भी पेशेंट अस्पताल न जाए। हालांकि, संक्रमण की रफ्तार और आंकड़े दूसरी लहर से चौंका देने वाले है। इस बीच दैनिक भास्कर ने कोविड केयर सेंटर की स्थिति पर लाइव रिपोर्ट की।

यानी, जिला अस्पताल से सटी मेडिकल कॉलेज की 5 मंजिला इमारत संक्रमण से लड़ने में मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है। पहली व दूसरी लहर में हजारों संक्रमित यहां दम तोड़ चुके है। तीसरी लहर की रफ्तार को देख यहां डॉक्टर, नर्सिंग और सिक्युरिटी स्टाफ ने उम्मीद जताई कि, किसी भी संक्रमित को अस्पताल लाने की नौबत न आए। जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. योगेश शर्मा ने कहा- दूसरी लहर की अपेक्षा हम काफी मजबूत स्थिति में है। कोविड अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन से लेकर स्टाफ और दवाईयां भरपूर मात्रा में उपलब्ध है।

कोविड केयर सेंटर में तैयार है ऑक्सीजन बेड।
कोविड केयर सेंटर में तैयार है ऑक्सीजन बेड।

कोविड केयर सेंटर की तैयारियों पर एक नजर….

( जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. योगेश शर्मा के अनुसार)

2600 एलपीएम क्षमता वाले 3 ऑक्सीजन प्लांट

कोविड केयर सेंटर के परिसर में 3 बड़े ऑक्सीजन प्लांट है। एक 400 एलपीएम, दूसरा 1000 एलपीएम और तीसरा 1200 एलपीएम क्षमता वाला है। इस तरह ऑक्सीजन की टोटल उपलब्धता 2600 एलपीएम है। इसके अलावा 642 ऑक्सीजन कंसट्रेटर है, इनमें 5 लीटर वाले 190 और 10 लीटर वाले 452 है। इसी तरह 507 ऑक्सीजन सिलेंडर है, इनमें 376 बड़े और 131 छोटे सिलेंडर है।

90 बेड आईसीयू और 25 बेड पीआईसीयू

कोविड केयर सेंटर में 570 बेड ऑक्सीजन कनेक्टिविटी से जुड़े है। फिलहाल 432 बेड तैयार है। इनमें 90 बेड आईसीयू, 25 बेड पीआईसीयू (बच्चों के लिए) तैयार है। 71 वेंटीलेटर मरीजों के ऑक्सीजन सपोर्ट के लिए क्रियाशील है। अस्पताल में 105 आईसीयू बेड बढ़ाने पर भी प्रबंधन काम कर रहा है। इसके अलावा जिला अस्पताल में 40 और एमएलबी छात्रावास में 100 बेड के साथ 7 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 50-50 (350) बेड तैयार किए जा रहे है।

दवाएं : स्टॉक में एक लाख पैरासिटामॉल टैबलेट

संक्रमित व संदिग्ध मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पैरासिटामॉल के 20 लाख टैबलेट्स के आर्डर दिए हैं। वहीं एंटीबॉयोटिक के रूप में उपयोग होने वाली एमाक्सीलीन और एजीथ्रोमाइसिन की 50-50 हजार टैबलेट की मांग भी शासन को भेजी है।

स्टोर इंचार्ज राजीव मालवीय ने बताया एंटीबायोटिक इंजेक्शन में पिप रासिलिंन + टेजोवैक्टम के दस हजार, सेफ्ट्रेक्जॉन + सेलवेक्टम के 3 हजार, फेंफड़ों के संक्रमण को रोकने में सहायक स्टेरायड डेग्जामेथासोन 28 हजार और एसीडीटी के लिए उपयोग की जाने वाली रेनीटीडीन के 20 हजार से अधिक वायल इंजेक्शन उपलब्ध है।

सैनिटाइजर और मास्क भी मंगवाए

संक्रमण से बचाव के लिए थ्री-लेयर और एन-95 मास्क और सेनिटाइजर सेंट्रल सप्लाई से स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाती है। स्टोर में थ्री लेयर मास्क 20 हजार और एन-95 मास्क 20 हजार पीस है। जबकि सैनिटाइजर के 500 एमएल के 15 हजार पीस उपलब्ध हैं। वहीं स्टोर इंचार्ज ने सैनिटाइजर और मास्क के लिए मांग पत्र भी भेजा है।

अस्पताल में स्टाफ : कोविड केयर सेंटर में 70 स्वास्थ्यकर्मी विभाग के पास है। इसके अलावा हालातों को देखते हुए निजी एजेंसियों और मेडिकल कॉलेज के सहयोग से स्टाफ की भर्ती की जाएगी।

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