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पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ:भोजन की तलाश में महाराष्ट्र से आते हैं MP, महाराष्ट्र के तोरणमाल जंगल से लगे गांव में खेत से पकड़ा गया

खंडवा2 वर्ष पहले
सोमवार सुबह बड़वानी जिले के गांव बेहड़िया में एक तेंदुआ खेत पर रखे पिेंजरे में कैद हुआ।

- 32 महीने में 13वां तेंदुआ मिला, ओंकारेश्वर के जंगलों में छोड़ेगा वन विभाग - पिछले साल एक महिला व बच्ची को बनाया था शिकार खंडवा। सोमवार सुबह बड़वानी के बेहड़िया गांव में तेंदुआ खेत में रखे पिेंजरे में कैद हुआ। वन विभाग द्वारा रखे पिंजरे में पांचवें दिन तेंदुआ पकड़ में आ गया। 5 साल के मादा तेंदुए को वन विभाग द्वारा ओंकारेश्वर के जंगलों में छोड़ा जाएगा। यह क्षेत्र महाराष्ट्र के तोरणमाल जंगल से लगा होने के कारण 32 महीने में यहां 13 वां तेंदुआ मिला है।

पिछले सप्ताह यहां खेतों में 3 तेंदुए दिखाई दिए थे। क्षेत्र महाराष्ट्र के तोरणमाल जंगल से सटा है, इसलिए अक्सर तेंदुए यहां भोजन व शिकार के लिए घूमते रहते हैं। ग्रामीणों में खौफ की वजह पिछले साल सितंबर में एक महिला व अगस्त में एक बच्ची तेंदुए का शिकार होकर जान गवां चुकी है।

जानकारी के मुताबिक बड़वानी के गांव धावड़ी, तिल्लीखेत, चारली पेठा की सीमा सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला से लगी है। यहां रहने वाले तेंदुए बकरियों का शिकार करने व पानी के लिए गांवों की ओर आ जाते हैं। गन्ने के खेत होने से यहां ठंडक भी रहती है।

खेत में लगाया था पिंजरा

15 मार्च को गांव बेहड़िया भातकी रोड़ पर खेत में काम रहे किसान व मजदूरों को तेंदुए दिखे थे। वन विभाग की टीम ने 16 मार्च को पश्चिम बायगोर बीट के तहत किसान प्रकाश चोपड़ा के खेत पर पिंजरा लगाया। सोमवार सुबह 6 बजे आवाजाही करने वाले लोगों ने पिंजरे में हलचल देखी। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। टीम ने मौके पर देखा, तो पिंजरे का शटर गिरा था। इसमें एक तेंदुआ कैद हुआ था। वन कर्मियों ने पानसेमल पशु चिकित्सक शिवाजी किराडे़ से उसका परीक्षण कराया। इसमें पिंजरे में कैद पांच वर्ष का तेंदुआ मादा निकला। उसे पानसेमल पहुंचाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद तेंदुए को बड़वाह या ओंकारेश्वर के जंगलों में छोड़ा जाएगा।

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