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हंगामा:प्याज चाेरी... उखड़े व्यापारी; बोले- क्यों दें टैक्स

खंडवाएक महीने पहले
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  • तीन महीने पहले एक कट्‌टा (40 किलो) प्याज का दाम 200 रुपए था, अब 1300 रुपए है इसलिए...
  • बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात मंडी में रखे 63 में से 2 कट्‌टे प्याज चुराए, व्यापारी बोले- चोरी तो चोरी है, कार्रवाई होनी चाहिए

प्याज महंगा क्या हुआ, इसकी चाेरी की घटनाएं भी बढ़ गईं। कभी कट्टाें में ब्लेड मारकर प्याज चुराया जा रहा है ताे कभी कट्टे ही चुराए जा रहे हैं। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात मंडी में रखे प्याज के 63 में से दाे कट्टे बदमाश चुरा ले गए। इसकी कीमत 2600 रुपए बताई गई है। इस घटना काे लेकर गुरुवार काे व्यापारियाें ने हंगामा किया। मंडी सचिव के द‌फ्तर में पहुंचकर सचिव से बात करनी चाहिए, लेकिन संतुष्टजनक जवाब नहीं मिला। व्यापारियाें ने कहा जब मंडी से चाेरी की घटनाएं नहीं राेक सकते ताे फिर टैक्स किस बात का दें। व्यापारियाें ने माेघट थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। सब्जी व्यापारी माेहम्मद खलील ने बताया मैंने बड़गांव गुर्जर के किसान सुरेश पटेल से 63 कट्टे प्याज खरीदा था, जिसमें से दाे कट्टे 23 सितंबर की मध्यरात्रि चाेरी हाे गए। इसकी कीमत 2600 रुपए है। इसका भुगतान काैन करेगा। जब मंडी में टैक्स लेते हैं ताे सुविधाएं भी देना चाहिए। इधर फल सब्जी मर्चेंट एसाेसिएशन के अध्यक्ष रामचंद हीरानी ने बताया तीन महीने पहले प्याज 200 रुपए कट्टा था, जब किसी ने नहीं चुराया, लेकिन जैसे ही इसकी कीमत 1300 रुपए कट्टा हाे गई, चाेरी की घटनाएं बढ़ गईं। कट्टाें पर कभी ब्लेड मारकर प्याज चाेरी किया जा रहा है ताे कभी कट्टा ही चाेरी हाे रहा है। उन्हाेंने बताया जिम्मेदाराें से इस बारे में बात की ताे उनका जवाब था, माल आपका है, सुरक्षा भी आप ही कीजिए। इससे पहले भी अदरक और लहसुन की भी चाेरी हाे चुकी है। प्याज की घटना काे लेकर जब मंडी सचिव से बात करनी चाही ताे वे नहीं आए। यहां काेई सुनवाई नहीं हाे रही है। इस कारण हमने माेघट थाने में शिकायती आवेदन दिया है। इसमें बताया है कि मंडी में चाैकीदार हाेने के बावजूद चाेरी कैसे हाे रही है। यहां असामाजिक तत्वाें द्वारा शराब पीने के कारण व्यवस्था बिगड़ रही है।

8 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, लगभग सभी बंद

एसाेसिएशन के अध्यक्ष हीरानी ने बताया दाे साल पहले मंडी में 8 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, इनमें से लगभग सभी बंद पड़े हैं। हमारी मांग है कि इन्हें ठीक किया जाए या नए कैमरे मंडी और फड़ पर लगाए जाएं। इधर सूत्राें का कहना है कि गुरुवार काे दिन में व्यापारियाें द्वारा हंगामा करने के बाद देर शाम मंडी प्रांगण में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया गया था।

महाराष्ट्र में भाव खा रहा मप्र का प्याज

खंडवा | दक्षिण भारत में बारिश के कारण बड़े पैमाने पर प्याज खराब हाे जाने के कारण महाराष्ट्र के प्याज की कीमतें बढ़ गई है। बढ़ते दामाें पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने निर्यात पर भले ही रोक लगा दी है, बावजूद इसके भाव पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसके चलते महाराष्ट्र में मध्यप्रदेश के प्याज के दाम भी बढ़ गए हैं। हालांकि इन दिनों मुंबई और पुणे में इंदौर और खंडवा से प्याज भेजा जा रहा है। इसी तरह दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में भी मध्यप्रदेश से प्याज निर्यात किया जा रहा है। क्योंकि महाराष्ट्र की तुलना में मध्यप्रदेश का प्याज सस्ता पड़ रहा है। इसके चलते यहां के प्याज की इन राज्यों में डिमांड बढ़ गई है और इसका दाम मंगलवार को तीन से साढ़े तीन हजार रुपए क्विंटल रहे।

प्याज के उत्पादन में 20 से 30 % हुई बढ़ोतरी
खंडवा, इंदौर, शाहपुर, उज्जैन, देवास, रतलाम, शिवपुरी, आगर मालवा, धार, सतना, छिंदवाड़ा में महाराष्ट्र की तरह ही लाल प्याज का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है। पिछले साल अधिक बारिश होने के कारण उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत का बढ़ोतरी हो गई। हालांकि मप्र के प्याज की तुलना में नासिक, अहमदनगर, पुणे, धुलिया और जलगांव जिले का प्याज खाने में तीखा होने के कारण इसकी मांग और भाव ज्यादा रहते हैं।

महाराष्ट्र ले जाने में सस्ता है प्याज का परिवहन
महाराष्ट्र और मप्र में प्याज का उत्पादन लगभग समान ही होता है, लेकिन महाराष्ट्र का प्याज अधिक टिकाऊ होने के कारण किसानों के पास लंबे समय तक रखा रहता है। मध्यप्रदेश में भी पिछले साल अधिक बारिश होने के कारण वहां नुकसान ज्यादा हुआ और मांग भी बढ़ी है। मध्यप्रदेश का प्याज महाराष्ट्र में सितंबर अंत तक बिक्री के लिए आ सकता है। महाराष्ट्र की तुलना में मप्र का प्याज दो से तीन रुपए किलो सस्ता पड़ता है। परिवहन का खर्च भी कम लगता है।

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