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किल्लौद माइक्रो लिफ्ट सिंचाई योजना:26 महीने में 55% ही हुआ काम, पाइपलाइन भी नहीं बिछा पाए, बोवनी नहीं कर पा रहे किसान

खंडवा13 दिन पहले
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योजना में इंदिरा सागर जलाशय के पास अंबाखाल में पंपिंग स्टेशन का काम भी धीमी गति से चल रहा है। - Dainik Bhaskar
योजना में इंदिरा सागर जलाशय के पास अंबाखाल में पंपिंग स्टेशन का काम भी धीमी गति से चल रहा है।
  • धीमी गति से चल रहा है काम
  • 140 करोड़ की योजना ठेकेदार के भरोसे

किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने स्वीकृत किल्लौद माइक्रो लिफ्ट सिंचाई योजना काम धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में योजना खरीफ सीजन में किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। निर्माण कंपनी द्वारा पाइप लाइन बिछाने का काम अधूरा छोड़ने से किसानों के खेत खुदे हुए है‌ं। इस कारण 25 से ज्यादा गांवों के किसान बोवनी नहीं कर पा रहे हैं।

योजना का काम दो साल में पूरा होना था, लेकिन 26 महीने में सिर्फ 55 फीसदी काम हुआ है। ऐसे में साफ है कि अभी एक से डेढ़ साल में योजना का काम पूर्ण नहीं होगा। ऐसे में किल्लौद क्षेत्र के किसानों को अभी सिंचाई के लिए पानी का इंतजार करना पड़ेगा। सिंचाई विभाग के अफसरों द्वारा काम की मॉनिटरिंग नहीं करने से यह स्थिति बनी है। 140 करोड़ की किल्लौद माइक्रो लिफ्ट सिंचाई योजना का काम महाराष्ट्र की लक्ष्मी सिविल इंजीनियर्स कंपनी कर रही है, लेकिन सिंचाई विभाग के अफसरों द्वारा काम की मॉनिटरिंग नहीं करने से कंपनी द्वारा काम में लापरवाही और मनमानी की जा रही है। नतीजतन 2 साल में पूरा होना वाला काम, 26 महीनों में सिर्फ 55 फीसदी ही हो पाया है।

गौरतलब है कि मार्च 2019 में योजना का काम शुरू हुआ था लेकिन मॉनिटरिंग नहीं हुई। इस वजह से योजना का काम करने वाली महाराष्ट्र की कंपनी ने दूसरे ठेकेदारों के जिम्मे काम सौंप दिया गया। किसान कई बार अफसरों को शिकायत भी कर चुके हैं।

इन गांवों तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी
ब्लॉक के 29 गांवों के किसानों तक इस योजना के माध्यम से सिंचाई का पानी पहुंचेगा। इनमें ब्लॉक के ग्राम मालूद, अम्बाखाल, झिंगाधड़, गुरावां, लहाड़पुर रैयत, लहाड़पुरमाल, सोमगांवखुर्द, गंभीर उबारी, नांदिया रैयत, रोसड़माल, किल्लौद, कुक्सी रैयत, धनवानी माफी, बिल्लौद, झागरिया, जूनापानी, लछौरामाल, मिनावा रैयत, मिनावामाल, गंभीर सर्कुलर, कुंडियामाल, बड़गांवमाल, बरमलाय, हरिपुरा, सैमरूड़ रैयत, सैमरूडमाल, गरबड़ी रैयत, गरबड़ीमाल शामिल हैं।

अंबाखाल में अधूरा है पंपिंग स्टेशन का काम
सिंचाई योजना में ब्लॉक के अंबाखाल गांव के पास इंदिरा सागर जलाशय के बाएं तट के पास पंपिंग स्टेशन का निर्माण होना है। पंपिंग स्टेशन से ही पूरे 10 हजार हेक्टेयर के कमांड एरिया के लिए पानी को उच्चतम ऊंचाई तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन इस पंपिग स्टेशन को बिजली देने के लिए 33 केवी ट्रांसमिशन का काम अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है।

यहां बिजली के खंभे तो पहुंच चुके हैं। लेकिन उन्हें खड़े करने के बाद अभी तक लाइन नहीं डाली गई है। यहां 11 किमी लंबाई के ट्रांसमिशन लाइन बिछेगी। इसमें 122 छोटे-छोटे टॉवर बनाएं जाना है, लेकिन अभी अंबाखाल में पंपिंग स्टेशन का काम पूरा 20 फीसदी ही हो सका है।

खेतों में खुदाई के बाद नहीं बिछाई गई पाइप लाइन
योजना के तहत ठेकेदार की लापरवाही से किसान भी परेशान हैं। ठेकेदार द्वारा पाइप लाइन डालने खेतों में खुदाई की गई। परंतु खेतों में पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। ऐसे में खेतों में पाइप लाइन बिछाने खोदी गई लाइन के कारण किसान उस हिस्से में बोवनी नहीं कर पा रहे हैं। दो दर्जन से ज्यादा गांवों के सैकड़ों किसान इस दिक्कत से जूझ रहे हैं। इसे लेकर किसानों ने कई बाद ठेकेदार की शिकायत भी की। परंतु किसानों की शिकायत पर अफसरों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही हैं।
जल्द ही निरीक्षण करूंगा
योजना का काम प्रगति पर है। काम की समय-समय पर मॉनिटरिंग भी करते हैं। निर्माण कार्य तेजी से करने के निर्देश एजेंसी को दिए हैं। योजना के काम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। मैं जल्द ही योजना के काम का निरीक्षण करूंगा।
-एमएस तिर्की, ईई, सिंचाई विभाग

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