पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

30 किसान परेशान:डूब की जमीन बताकर उखाड़ दिए पोल, अब शिफ्टिंग के 30 हजार रुपए मांग रहे जेई

खंडवा8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

विद्युत वितरण कंपनी के रोशनी ग्रिड से जुड़े ग्राम भोजूढाना के 30 से अधिक किसानों के सामने रबी फसलों की बोवनी का संकट खड़ा हो गया है। कंपनी ने लॉकडाउन के दौरान किसानों की जमीन डूब की बताकर पांच पोल उखा़ड़कर बिजली बंद कर दी थी। सप्लाय बंद है लेकिन हालांकि ट्रांसफार्मर अब भी चालू है। किसान तीन दिन से कंपनी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। जेई अब उनसे पोल शिफ्टिंग के नाम पर 30 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है 30 हजार रुपए के साथ कनेक्शन की अलग से राशि भरना पड़ेगी जो हमारे लिए असंभव है।
भोजूढाना सरपंच दादू दर्सिमा ने बताया हमारी जमीनें डूब में शामिल नहीं है। डूब की जमीनें ट्रांसफार्मर से एक किमी दूर है। फिर भी विद्युत कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी मर्जी से ही जमीन डूब की बताकर पांच पोल उखाड़ दिए हैं। यह पोल अब भी उसी स्थान पर पड़े हैं। मैं गांव के किसानों के साथ दो दिन तक कंपनी कार्यालय गया। जेई ने पहले तो बिजली चालू करने से ही इनकार कर दिया। तीसरे दिन लिखित आवेदन देने पर कहा ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के 30 हजार रुपए जमा कराना होगा, जबकि ट्रांसफार्मर चालू स्थिति में है। गांव के आदिवासी किसान इतनी राशि जमा करने में सक्षम नहीं हैं। हम लोग खेत तैयार कर पलेवा के लिए बिजली का इंतजार कर रहे हैं। बिजली चालू नहीं हुई तो बोवनी ही नहीं कर पाएंगे। आवेदन पर चंपालाल साबूलाल, चंपालाल बाटू, शोभाराम मुंशी, तोताराम राजाराम, नवल मंगल, फूलचंद मंगल सहित 30 किसानों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस संबंध में कार्यालय प्रभारी व जेई शरद शर्मा से बात करना चाहा लेकिन उन्होंने फाेन रीसिव नहीं किया।
किसानों ने कहा यदि ट्रांसफार्मर चालू नहीं किया गया तो सीएम हेल्प लाइन के साथ वनमंत्री विजय शाह से भी शिकायत की जाएगी। कंपनी की मनमर्जी का खामियाजा हमें भुगतना पड़़ रहा है।
किराए से लेना पड़ता है ट्रांसफार्मर
^ कोई अड़चन आई होगी तो पाेल उखाड़ दिए होंगे। वैसे भी यह अस्थायी कनेक्शन हैं। स्थायी कनेक्शन होते तो व्यवस्था करते। अब जहां बिजली की व्यवस्था हो किसान वहां से ले आएं। हमें ट्रांसफार्मर किराए पर लाना होता है। इसकी सिक्यूरिटी जमा करना पड़ता है। इसलिए किसानाें से राशि जमा कराई जाती है।
-पीएन आशापुरे, एई विद्युत वितरण कंपनी हरसूद

परेशानी... 20 से ले रहे अस्थायी कनेक्शन
किसानों ने बताया ट्रांसफार्मर से 30 किसान कनेक्शन लेते हैं। इन किसानों को हर साल अस्थायी कनेक्शन की राशि जमा करना पड़ रहा है। कंपनी ने एक भी किसान काे स्थायी कनेक्शन नहीं दिया। आदिवासी किसानों के लिए योजना होने के बावजूद हमें हर साल चार माह के लिए 6100 रुपए जमा कराना पड़ता है। हम खेत बनाकर बोवनी के लिए पलेवा का इंतजार कर रहे हैं लेकिन बिजली नहीं मिली ताे समय पर बोवनी नहीं कर पाएंगे।

खबरें और भी हैं...