• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Khandwa
  • Railway Committee Member Sent Letter To Railway Minister Regarding Change In Reservation Ticket 'name Change Rule', Include Other Members Of Joint Family In Ticket

बदलाव की मांग:रेल समिति सदस्य ने आरक्षण टिकट ‘नाम बदलीकरण नियम’ में बदलाव को लेकर रेलमंत्री भेजा पत्र, टिकट में संयुक्त परिवार के अन्य सदस्यों को करे शामिल

खंडवा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

रेल आरक्षण टिकट में संयुक्त परिवार के अन्य सदस्यों को शामिल करने की मांग की है। क्षेत्रीय मध्य रेल समिति ने रेल मंत्री व महाप्रबंधक सेंट्रल रेलवे को पत्र लिखकर मांग की है कि वे टिकट में ‘नाम बदलीकरण नियम’ में संशोधन कर रेल यात्रियों को फायदा दें।

समिति सदस्य मनोज सोनी ने रेलमंत्री व महाप्रबंधक सेंट्रल रेलवे को पत्र ई-मेल कर वर्तमान में रेलवे के कन्फर्म रिजर्वेशन टिकट में ब्लड रिलेशन (रक्त संबंधित) रिश्तों के बीच नाम बदली कर यात्रा करने की सुविधा के नीति नियम को लचीला करने की मांग की। नियम में बदलाव कर परिवार के अन्य सदस्यों को भी शामिल करने की मांग पत्र में की है। सोनी ने बताया कि वर्तमान में ब्लड रिलेशनशिप जिसमें पिता-माता के स्थान पर बेटे, बेटी, भाई, बहन आपस में रिजर्वेशन काउंटर पर रिजर्वेशन सुपरवाइजर को आवेदन देकर रेल रिजर्वेशन टिकट में नाम बदलाव कर यात्रा कर सकते है, लेकिन इसमें ऐसी कई विसंगतियां हैं, कई परिवारों में पिता-माता, बेटी, दामाद, नाती, नातिन के साथ निवास करते हैं। नाम बदलने के नियम में सास, ससुर के स्थान पर बहू का नाम बदलने का नियम नहीं रखा गया है। वही देवरानी की जगह जेठानी, पिता-माता की स्थान पर पुत्री को अनुमति है, लेकिन दामाद को अनुमति नहीं। ऐसी कई रिश्तों में विसंगतियों के कारण परिवार के सदस्यों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ये हैं विसंगति... रेल समिति के सदस्य बोले- पूर्व निर्धारित नहीं है कि कौन यात्रा करेगा

भारत में आज भी संयुक्त परिवार बहुतायत संख्या में निवास करते हैं। परिवार में कई बार शादी-ब्याह, शोक व इलाज के कारणों से व अन्य कई ऐसे कारणों से रेल यात्रा के लिए जाना पड़ता है। ऐसी यात्रा में पूर्व में निर्धारित नहीं होता है कि कौन सदस्य यात्रा करेगा। इसके लिए आवश्यक है कि रिजर्वेशन टिकट में संयुक्त परिवार को ध्यान में रखते हुए। पिता, माता, भाई, बहन, पुत्र, पुत्री के स्थान पर परिवार के अन्य सदस्यों बहू, देवर, जेठ, देवरानी, जेठानी, नाती नातिन, ननद, दामाद, अन्य रिश्तों के बीच कन्फर्म रिजर्वेशन टिकट में नाम बदलकर रेल यात्रा करने भी नियम में संशोधन करके अनुमति दी जाए।

रेल समिति सदस्य मनोज सोनी, चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष गुरमीतसिंह उबेजा, सुनील बंसल, गोवर्धन गोलानी, जनमंच के चंद्रकुमार सांड, अनुराग बंसल, गणेश कानडे, कमल नागपाल, डॉ.जगदीश चंद्र चौरे आदि ने रेलमंत्री से रेल यात्रियों को परिवार के और सदस्यों को शामिल करने की मांग की है।

खबरें और भी हैं...