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इस साल 30% तक महंगा मिलेगा सोयाबीन का बीज:पिछले साल 5500 रुपए क्विंटल था दाम, अब बढ़कर 8 हजार रुपए हो जाएगा

खंडवाएक महीने पहले
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किसानों को इस साल सोयाबीन का बीज करीब 30% तक महंगा मिलेगा। पिछले साल एक क्विंटल बीज के दाम 5500 रुपए थे, जो बढ़कर 8 हजार रुपए तक हो जाएंगे। इसका सबसे बड़ा कारण पिछले साल सोयाबीन की फसल खराब हो जाना है। रबी के बाद खरीफ का सीजन सामने है, लेकिन कृषि विभाग के पास सोयाबीन सहित अन्य उपज के बीज उपलब्ध नहीं है।

यही नहीं, विभाग ने अब तक सहकारी बैंक से सोसायटियों में भेजे जाने वाले बीज की डिमांड भी नहीं मांगी है, जबकि अब तक विभाग द्वारा डिमांड के अनुसार बीज सोसायटियों तक पहुंचा देने थे। इधर, बाजार में बिकने वाले विभिन्न कंपनियों के बीजों की जांच का इस साल विभाग को काेई लक्ष्य मिला है ना ही सैंपलिंग हुई है। बाजार में दुकानों के स्टाक की जांच भी विभाग द्वारा अब तक नहीं की गई है। ऐसे में सोयाबीन के बीज की कालाबाजारी होना तय है।

2 लाख क्विंटल बीज है, जरूरत 6 लाख क्विंटल की

कृषि विभाग के अनुसार अभी उनके पास 2 लाख क्विंटल बीज का भंडारण है, जबकि पूरे सीजन में करीब 6 लाख क्विंटल बीज की उपलब्धता होनी चाहिए। सीजन सामने होने के बाद भी विभाग के पास बीज वितरण का कोई प्लान नहीं है। कहां, कितनी डिमांड है, कितना बीज देना है, बीज के दाम क्या रहेंगे, बीज की ब्लैक मार्केटिंग नहीं हो जाए, इसकी भी कोई प्लानिंग अब तक नहीं हो पाई है। पिछले साल बीज कम पड़ जाने पर विभाग को बीज राजस्थान से बुलाना पड़े थे।

बाजार में और महंगा बिकेगा बीज

सरकारी एजेंसियों के पास बीज की कमी होने से बाजार में निजी कंपनियों का बीज महंगे दामों पर बिकेगा। व्यापारी कमी का फायदा उठाएंगे। कृषि विभाग के पास बीज की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। दाम अधिक होने से बीज निगम भी अधिक बीज तैयार नहीं करता। ऐसे में व्यापारी भी निजी कंपनियों के बीज कम दामों में खरीदेंगे और उसे बाजार में अधिक दामों पर बेचेंगे।

डिमांड मांगी है, बनाकर भेज रहे हैं

कृषि विभाग ने सहकारी समितियों में पंजीकृत किसानों की संख्या व उन्हें लगने वाले बीज की मात्रा की जानकारी मांगी है। हम डिमांड बनाकर भेज रहे हैं।
एके हरसौला, एमडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक

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