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धीमी है कार्रवाई:दो बार ही चली स्पीड रडार गन मशीन, 22 चालान बनाए

खंडवा6 दिन पहले
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  • दो व चार पहिया वाहनों की गति पर लगाम लगाने यातायात विभाग को मिली है मशीन

तेज रफ्तार वाहनों की गति जानने व उन पर कार्रवाई के उद्देश्य से आई स्पीड रडार गन मशीन का उपयोग यातायात विभाग ने 20 दिन में दो बार किया और 15 बाइक व 7 चार पहिया वाहनों के चालान बनाए। मशीन का उपयोग शहर के बाहर की सड़कों पर हुआ, जहां अधिकारियों को चालकों की स्पीड 30 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से अधिक मिली।

यातायात विभाग को पुलिस मुख्यालय पीटीआरआई भोपाल द्वारा 8 लाख रुपए कीमत की स्पीड रडार गन मिली है। मशीन की खासियत है कि वह किसी भी वाहन की स्पीड का पता आसानी से लगा सकती है। कीमती व चलाने में कठिन होने से फिलहाल मशीन ज्यादा समय यातायात कार्यालय में ही रहती है।

विभाग के अधिकारी महीने में एक या दो बार ही इसका उपयोग कर चालानी कार्रवाई कर रहे हैं। शहर व शहर के बाहर बढ़ रहे हादसों को देखते हुए मशीन का उपयोग हर रोज होना चाहिए, लेकिन अधिकारी सामान्य चालानी कार्रवाई में ही व्यस्त हैं।

मशीन में रख सकते हैं एक साल का रिकार्ड

यातायात थाने के सूबेदार धरमसिंह जामोद ने बताया विभाग को पुलिस मुख्यालय से 15 जुलाई को मशीन मिली थी। बगैर प्रशिक्षण के इसे ऑपरेट नहीं किया जा सकता। मशीन में पेंटर मशीन, वाईफाइ, ब्लूटूथ, मेमोरी कार्ड और एक साल तक का रिकार्ड रखने की क्षमता भी है। किसी केस में आवश्यकता पड़ने पर यह रिकार्ड कोर्ट में पेश कर सकते हैं।

ऐसे काम करती है रडार मशीन

स्पीड रडार गन चलते वाहनों की गति, नंबर प्लेट एवं फोटो भी डिस्प्ले पर दिखाती है। जिसे चालक द्वारा मांगे जाने पर मौके पर प्रिंट आउट दिया जा सकता है। रडार गन में वाईफाई एवं जीपीएस इन बिल्ट है। मशीन का स्तर 50 किमी तक तय कर देते हैं, स्पीड अधिक है तो संकेत मिल जाता है।

19 तक चला रहे हैं अभियान

पुलिस मुख्यालय भोपाल से मिले निर्देश पर 1 से 19 सितंबर तक अभियान चलाकर ऐसे वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई कर रहे हैं। अभियान में स्पीड रडार गन का उपयोग कर गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई कर रहे हैं।
संतोष कौल, डीएसपी, यातायात विभाग

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