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बायपास का मामला अटका:राज्य सरकार के बजट में मंजूर शहर के 23 किमी लंबे बायपास को वित्तीय समिति की स्वीकृति का इंतजार

खंडवा2 महीने पहले
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शहर में प्रस्तावित बायपास का मामला अटक गया है। शासन ने 2020-21 के बजट में 107 करोड़ की लागत से 23.50 किमी सड़क (बायपास) निर्माण को स्वीकृति दी थी। अभी तक बायपास निर्माण को लेकर कुछ भी काम नहीं हुआ। क्योंकि शासन की वित्तीय समिति ने बायपास को अभी तक स्वीकृत नहीं दी है। वित्तीय समिति की स्वीकृति के बाद ही बायपास के लिए शासन से बजट जारी होता। जो फिलहाल की स्थिति में संभव: नहीं दिख रहा है।

अभी बायपास का मामला फाइलों और प्रस्तावों तक ही सीमित है। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने तब 133 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया था। परंतु शासन द्वारा नया एसओआर (शेड्यूल आफ रेट्स) जारी कर नया प्रस्ताव मंगाया है। इसमें अब नई दर से लागत बढ़कर 138 करोड़ रुपए होने की संभावना है। क्योंकि सभी निर्माण सामग्री के दाम बढ़ चुके हैं। शासन ने पीडब्ल्यूडी से नए एसओआर के तहत बायपास का नए सिरे प्रस्ताव मांग लिया है। नई दर से बायपास निर्माण की लागत में अभी 5 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की संभावना है।

पीडब्ल्यूडी ने जनवरी 2021 में बायपास का प्रस्ताव शासन को भेजा था। साढ़े सात साल में एमपीआरडीसी ने एक व पीडब्ल्यूडी ने पांच बार बायपास, रिंगरोड का प्रस्ताव शासन को भेजा।

ऐसे बनाया है पीडब्ल्यूडी ने बायपास का प्रस्ताव
पीडब्ल्यूडी ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सड़कों को जोड़कर नहाल्दा से सिरपुर होते हुए छैगांवदेवी तक बायपास रोड का प्रस्ताव बनाया है। नहाल्दा से भंडारिया, अमरावती रोड, टीठियाजोशी, लोहारी, बड़गांवगुर्जर, सिरपुर, कोरगला से होकर छैगांवदेवी इंदौर रोड तक बायपास बनाना प्रस्तावित है। एक साल पहले मंजूर बायपास के लिए सरकार के पास बजट नहीं है।

इसके लिए मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान सांसद से कहा था कि बायपास निर्माण के लिए केंद्र सरकार से पैसा लाए। खंडवा बायपास के लिए सरकार के पास राशि नहीं है। अक्टूबर-2021 में पीडब्ल्यूडी की ओर से भेजा गया प्रस्ताव अटका हुआ है।

फिर से बना रहे हैं प्रस्ताव
फिर से प्रस्ताव बना रहे हैं। जिसे मंजूरी के लिए शासन को भेजेंगे। -हृदेय आर्य, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री

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