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  • The Backwaters In Hanuwantiya Slipped Due To The Water Level Of Indira Sagar Dam Being 252.36 Meters.

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थम गई जिंदगी की नाव:इंदिरा सागर बांध का जलस्तर 252.36 मीटर होने से हनुवंतिया में खिसका बैकवाटर

खंडवा-बीड़11 दिन पहले
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बैकवाटर पीछे खिसकने से पानी की जगह जमीन दिख रही है। मछुआरों ने यहां पत्थर रख नावों को सुरक्षित कर दिया है।   फोटो | विकास चौहान - Dainik Bhaskar
बैकवाटर पीछे खिसकने से पानी की जगह जमीन दिख रही है। मछुआरों ने यहां पत्थर रख नावों को सुरक्षित कर दिया है। फोटो | विकास चौहान

इंदिरा सागर बांध का जलस्तर 252.36 मीटर होने से हनुवंतिया में बैकवाटर काफी पीछे खिसक गया है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में बांध का जलस्तर करीब 254.97 मीटर के आसपास था। हनुवंतिया के बैकवाटर में जिस जगह मछुआरे मछलियां पकड़ते थे, वहां अब जमीन दिखाई दे रही है। इसलिए कई मछुआरों ने अपनी नावों पर पत्थर रखकर सुरक्षित कर दिया है।

262 मीटर जलस्तर पर मछली पकड़ने जाते हैं मछुआरे

इंदिरा सागर बांध का लेवल 262 मीटर होता है तब सभी मछुआरे मछली मारने जाते हैं, लेकिन गर्मी के दिनों में बांध का लेवल 253 मीटर हो जाता है तब ऐसी स्थिति बनती है। वैसे हनुवंतिया में 150 मछुआरे मछली पकड़ते हैं, लेकिन गर्मी में सिर्फ 40 से 50 मछुआरे ही मछली पकड़ने आते हैं।

फिशरीज कंपनी के मैनेजर अभिमन्यु तिवारी ने बताया गर्मी में पानी कम हो जाने के कारण कम मछुआरे ही मछली पकड़ने नहीं जाते हैं। क्योंकि जलस्तर काफी कम हो जाता है। हर साल ऐसी ही स्थिति रहती है।

जानिए ये भी कारण है

  • गर्मी के दिनों हवा के चलते मछली नहीं आती और मछली पकड़ना भी मंहगा पड़ता है।
  • हवा के कारण जाल खराब हो जाती है। पानी कम होने के कारण मछली भी कम आती है।
  • गर्मी के दिनों में यह मछुआरे अपनी बोट बैकवाटर किनारे छोड़ मजदूरी करने चले जाते हैं।

फैक्ट फाइल

  • 8 से 9 टन मछली रोजाना दूसरे शहरों में भेजी जाती है
  • 2 टन उत्पादन रह जाता है गर्मी में
  • 91 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है बैकवाटर
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