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भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:गुणवत्ता छुपाने के लिए रात में तेजी से हाेता है परियोजना के निर्माण का काम

खंडवा12 दिन पहले
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पंधाना विधानसभा क्षेत्र में बन रही भाम (राजगढ़) मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण में गुणवत्ता छुपाने दिन की बजाय रात में काम तेजी से हो रहा है। अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत के कारण प्रोजेक्ट अब 6 माह की देरी से पूरा होगा। विभागीय अधिकारी बोले- डेडलाइन को 6 माह के लिए बढ़ाया है।

ग्रामीणों ने कहा ठेकेदार ने निर्माण के नाम पर मजदूरों का एक गांव बसा रखा है, जो मारपीट के लिए हर वक्त उतारू रहते हैं। सिंगोट क्षेत्र में अंबापाट से आगे 6100 हेक्टे. सिंचित क्षेत्र के लिए प्रदेश शासन ने 228 करोड़ रु. से योजना को मंजूरी दी। वर्क आर्डर 7 दिसंबर 2017 को जारी हुआ। 6 दिसंबर 2020 में परियोजना काम पूरा होना था, लेकिन काम अधूरा है। इस कारण परियोजना की लागत लगभग 67 करोड़ रु. बढ़ गई है।

समस्या : परियोजना के नाम पर काटे हरे-भरे पेड़
सिंचाई परियोजना के नाम पर भाम (राजगढ़) क्षेत्र में जगह-जगह हरे-भरे पेड़ों को काट डाला। सिंचाई से हरियाली कब आएगी यह तो तय नहीं है लेकिन वीरानी जरूर छा गई है। वहीं परियोजना में खुदाई से क्षेत्र के खेतों में चंबल के बीहड़ का नजारा उभर गया है।

बांध निर्माण की डेडलाइन 6 महीने के लिए बढ़ा दी है। 30 जून-2021 तक बांध काम पूरा हो जाएगा। इसकी लागत 295 करोड़ रुपए है। बांध की गुणवत्ता पहली बार पानी के भराव तक टेस्ट हो जाएगी। बारिश के समय काम नहीं हो पाता है। इसलिए रात में भी बांध काम किया जाता है।
-मेघा चौरे, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग

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