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  • The Court Said The Victim Was Semi deranged, She Did Not Refuse To Have A Relationship But Her Consent Was Not Valid; Hence The Accused Guilty Of Rape

रेप के दोषी को 10 साल की सजा:कोर्ट ने कहा- मानसिक रूप से कमजोर पीड़िता ने संबंध बनाने से इनकार नहीं किया, लेकिन उसकी सहमति मान्य नहीं; इसलिए दोषी

खंडवा2 महीने पहले
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खंडवा में मानसिक रूप से कमजोर महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में जिला कोर्ट ने आरोपी काे 10 साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने उसकी सहमति से भी संबंध बनाए हैं, तब भी वह दुष्कर्म का आरोपी कहलाएगा। पीड़िता इस योग्य नहीं है कि संबंध बनाने के लिए अपनी सहमति दे सके। उसके साथ किया गया कृत्य सहमति नहीं माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में उसकी सहमति देने का प्रश्न ही नहीं उठता। आरोपी दुष्कर्म का दोषी है, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

7 साल पुराना है मामला
मानसिक रूप से कमजोर महिला से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को 7 साल बाद फैसला सुनाया। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सूरजसिंग राठौड़ की कोर्ट ने आरोपी कालू पुत्र अम्बालाल भील (36), निवासी ग्राम बरखेड़ी को 10 साल जेल की सजा सुनाई।

बचाव पक्ष की ओर से यह तर्क दिया गया था कि संबंध बनाने में महिला की रजामंदी थी। कोर्ट ने फैसले में कहा कि पीड़िता बोल नहीं सकती, पढ़ी-लिखी नहीं है। वह मानसिक रूप से कमजोर है। आरोपी ने उसकी सहमति से भी संबंध बनाया है, तब भी दुष्कर्म का दोषी है।

कोर्ट ने आरोपी कालू की मेडिकल रिपोर्ट में चेहरे पर दाई एवं बाई आंख के पास खरोंच के निशान भी देखे जो कि घटना के समय के थे। साथ ही पुलिस के द्वारा FSL जांच में भी पीड़िता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। इस आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दुष्कर्म कर दोषी पाते हुए उसे सजा दी।

फरवरी 2014 में पंधाना थाने पर दर्ज हुआ था केस
पीड़िता की तरफ से केस लड़ चुके सरकारी वकील ने बताया अर्द्ध विक्षिप्त महिला के भाई ने 7 फरवरी 2014 को पंधाना थाने में शिकायत की कि उसकी बहन बचपन से मानसिक रूप से कमजोर है। 15 साल पहले माता पिता ने उसकी शादी खंडवा में की थी, शादी के दूसरे दिन ससुराल वाले उसकी बहन को यहीं छोड़ गए। तब से उसकी बहन गांव में नदी पार एक झोपड़ी में रहती है। उसका पूरा परिवार गांव में रहता है। बहन की देखरेख के लिए वह रात में वहीं रहता है।

7 फरवरी की रात 8.30 बजे वह घर से बहन का खाना लेकर झोपड़ी में गया तो वह वहां नहीं थी। वह टॉर्च लेकर उसे तलाश करता हुआ पास ही एक गोदाम पर पहुंचा, जहां कालू उसकी बहन के साथ जबरदस्ती कर रहा था। जब उसने शोर मचाया तो कालू जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। घटना के बाद वह बहन को लेकर थाने आया और रिपोर्ट दर्ज कराई।

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