पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Khandwa
  • The Seven Feet Path Made By Putting Stones In 20 Feet Of Water Is 8 Feet And When The Work Is Done, The City Will Get Water From The Third Pot.

नर्मदा जल योजना:20 फीट पानी में पत्थर डालकर बनाया सात फीट का रास्ता 8 फीट और काम होने पर तीसरे पोट से शहर को मिलेगा पानी

खंडवा4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चारखेड़ा में इंटकवेल तक पहुंचने के लिए एक पोकलेन से पत्थर उखाड़े जा रहे हैं और दूसरी से रास्ता बनाने के लिए पानी में पत्थर बिछाए जा रहे हैं। - Dainik Bhaskar
चारखेड़ा में इंटकवेल तक पहुंचने के लिए एक पोकलेन से पत्थर उखाड़े जा रहे हैं और दूसरी से रास्ता बनाने के लिए पानी में पत्थर बिछाए जा रहे हैं।
  • तीन दिन और प्रभावित रहेगी सप्लाई

इंदिरा सागर जलाशय में बना नर्मदा जल योजना का फिल्टर प्लांट। दिन शनिवार। स्थान चारखेड़ा फिल्टर प्लांट। समुद्र सतह से 241 मीटर की ऊंचाई पर लगे तीसरे पोट तक पहुंचने की तैयारी। दो बड़ी भुजा वाली पोकलेन मशीन और 25 से अधिक लोगों की टीम। लक्ष्य 20 फीट गहरे पानी में इंटकवेल के तीसरे पोट तक पोकलेन मशीन पहुंचाना। शहर में पानी पहुंचाने के लिए विश्वा कंपनी और निगम द्वारा यहां सतत काम किया जा रहा है। शुक्रवार रात पोकलेन से इंटकवेल तक पहुंचाने के लिए रैंप बनाई।

इसके बाद पोकलेन की 40 फीट लंबी भुजा इंटकवेल के तीसरे पोट तक नहीं पहुंच सकी तो जलाशय के 20 फीट गहरे पाने में 15 फीट लंबाई तक पोकलेन मशीन ले जाने के लिए रास्ता बनाने का निर्णय लिया। सुबह 6 बजे से इस काम में दो मशीनें सतत काम करते रहीं। शाम 6 बजे तक 12 घंटे में जलाशय के पानी में बड़े-बड़े पत्थर डालकर करीब सात फीट का रास्ता बना लिया। 8 फीट काम और शेष रह गया। संभवत: इतना काम करने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। इसलिए तीन दिन तक और शहर की पानी सप्लाई प्रभावित रहेगी। तब तक सुक्ता, ट्यूबवेल और टैंकरों से पानी बांटा जाएगा।

इस तरह इंदिरा सागर में बनाया जा रहा पोकलेन के लिए रास्ता

  • करीब 40 फीट लंबी भुजावाली एक पोकलेन से इंदिरा सागर के 20 फीट गहरे पानी में पत्थर डालकर रास्ता बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी पोकलेन से पहाड़ी की खुदाई कर पत्थर नीचे तक पहुंचाए जा रहे हैं।
  • पानी में गहराई को नापते हुए तैराकों द्वारा पत्थरों को पोकलेन से रखवाया जा रहा है।
  • मशीन से पानी में पत्थर डालने पर कुछ तो घिसटकर आगे जा रहे हैं, इसके बावजूद मजबूत इरादे के साथ पोकलेन चालक और विश्वा के अफसर लक्ष्य को पाने में जुटे हुए हैं।
  • शनिवार सुबह से शाम तक मौके पर निगम आयुक्त हिमांशु भट्‌ट, सहायक यंत्री राजेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। उम्मीद थी कि शाम तक काम हो जाए और फिर शहर को पर्याप्त पानी मिलने लगे।
  • उम्मीदों से लगे हैं प्रयास में, दो-तीन दिन लगेंगे

सुक्ता और टैंकरों से बांटा पानी बर्तन व पाइप लेकर दौड़े लोग

नर्मदा योजना से शहर में एक ही पंप से पानी आने के कारण सभी टंकियां खाली रहीं। शनिवार विट्‌ठल नगर और सिविल लाइंस की टंकियों को भरने के प्रयास किए। वहीं मध्य शहर में सुक्ता फिल्टर प्लांट से कम प्रेशर से पानी बांटा। शहर की दूरस्थ कॉलोनियों और बस्तियों में टैंकरों से पानी बांटा गया। इस दौरान क्षेत्र में टैंकर पहुंचते ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग बर्तन और पाइप लेकर टंकियों तक दौड़ते नजर आए।

संकट की तस्वीर
संकट की तस्वीर

चारखेड़ा में सुबह से लगे हैं, उम्मीद थी की आज काम हो जाएगा लेकिन नीचे करीब 6 मीटर गहरा पानी है, इसलिए पोट तक नहीं पहुंच पाए। काम जारी रखेंगे। संभवत: दो-तीन दिन और लगेंगे।
-हिमांशु भट्‌ट, आयुक्त नगर निगम

खबरें और भी हैं...